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ओडीएफ घोषित हुए गांव, नहीं मिली की रकम

Wed, 05 Sep 2018 11:55 PM IST
Updated Wed, 05 Sep 2018 11:55 PM IST
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ओडीएफ घोषित हुए गांव, नहीं मिली की रकम
ओडीएफ घोषित हुए गांव, नहीं मिली की रकम
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अमर उजाला ब्यूरो
टेकुआटार। स्वच्छ भारत मिशन के तहत दो अक्टूबर तक सभी गांवों को ओडीएफ घोषित किया जाना है। हाटा ब्लॉक के गांव कुरमौटा, नरकटिया, खड्डा को वित्तीय वर्ष 2015-16 में ओडीएफ घोषित कर दिया गया, लेकिन कुछ पात्र लोगों के शौचालय अब तक नहीं बन पाए हं। इन गांवों के पात्र शौचालय के अनुदान के लिए ब्लॉक से लेकर जिला मुख्यालय तक का चक्कर लगा रहे हैं।
ब्लॉक क्षेत्र में कुल 53 गांव हैं। उनमें 39 गांवों को विभाग की तरफ से ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। कुछ पात्र लोगों का आरोप है कि विभाग के अधिकारियों की उदासीनता के चलते उनके शौचालय अब तक नहीं बन पाए है। जिसके चलते उन्हें खुले में शौच के लिए विवश होना पड़ता है। इन लोगों का कहना है कि शौचालय का अनुदान प्राप्त करने के लिए ब्लॉक के जिम्मेदार अधिकारियों से मिलकर शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, इसके बाद भी अनुदान अब तक नहीं मिल पाया है।
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कुरमौटा की ग्राम प्रधान किरन सिंह ने बताया कि गांव में 708 परिवार हैं। गांव के 450 पात्र लोगों को शौचालय की जरूरत है। इनकी पत्रावली तैयार कराकर विभाग को भेज दी गई है, लेकिन अभी तक निर्माण के लिए कोई रकम नहीं मिली है। कमोवेश यही स्थिति ब्लॉक के गांव खड्डा की है। जहां 94 पात्र लोगों का चयन कर शौचालय निर्माण के लिए अनुदान की रकम की मांग की गई, लेकिन रकम न मिलने के चलते एक भी शौचालय नहीं बन पाए हैं। यही हाल नरकटिया का है, जहां 48 शौचालय बनवाने की मांग की गई थी। दो वर्ष पूर्व ओडीएफ घोषित हुए इन गांवों में शौचालय बनवाने का अनुदान नहीं मिल पा रहा है। एडीओ पंचायत राम अयोध्या प्रसाद गुप्ता ने बताया कि मामला संज्ञान में है। विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया गया है।
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प्रतिक्रिया:
कुरमौटा निवासी अवधेश सिंह का कहना है कि शौचालय नहीं होने से काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को हो रही है। विभाग के जिम्मेदार लोग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। छेदी का कहना है कि शौचालय बनवाने के लिए कई बार कागजी औपचारिकताएं पूरी की गईं, लेकिन अब तक शौचालय नहीं बन पाया है। कमलावती का कहना है कि घर में शौचालय नहीं होने से बाहर जाना पड़ता है। दरपानी देवी का कहना है कि शौचालय महिलाओं के लिए इज्जत घर है। जिम्मेदार लोगों को गांव के पात्र लोगों के यहां शौचालय जल्द बनवा देना चाहिए, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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