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जल्द लौटेंगे सऊदी अरब में फंसे सात भारतीय
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जल्द लौटेंगे सऊदी अरब में फंसे सात भारतीय
दूतावास बुलाकर टिकट व पासपोर्ट उपलब्ध कराए गए
दुदही (कुशीनगर)। सऊदी अरब के रियाद शहर की एक कंपनी में पांच साल से बंधक बने कुशीनगर के चार मजदूरों समेत कुल सात लोगों के वतन वापसी का रास्ता साफ हो गया है। अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर एक संस्था की तरफ से की गई पहल पर विदेश मंत्रालय ने भारतीय दूतावास को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। मंगलवार को दूतावास के कर्मचारियों ने इन सातों लोगों को पासपोर्ट व हवाई जहाज का टिकट उपलब्ध करा दिया। बुधवार की शाम को सातों लोग वतन वापसी के लिए फ्लाइट पकड़ेंगे।
पडरौना कोतवाली के मिश्रौली गांव निवासी रिजवान, वसीम व आरिफ तथा बरवापट्टी थाना क्षेत्र के रामपुर बरहन टोला गोबरही निवासी कैलाश कुशवाहा करीब पांच वर्ष पहले सउदी अरब में रोजगार की तलाश में गए थे। वहां कुछ दिन बाद इन्हें रियाद शहर की एक फैक्ट्री में बंधुआ मजदूर के तौर पर काम लिया जाने लगा। इनका पासपोर्ट भी छीन लिया गया था। वहां इन चार के अलावा राजेंद्र मौर्य निवासी उतरन जिला प्रयागराज, हिदायत अली निवासी रतनगढ़ राजस्थान और घनश्याम ठाकुर निवासी सरहरवा धरौली जिला सिवान (बिहार) भी फंसे हुए थे। बंधक बने युवकों ने वहां से कई बीडीओ बनाकर घरवालों को इसकी जानकारी दी थी। आठ फरवरी के अंक में अमर उजाला ने पांच वर्षों से वतन वापसी की गुहार लगा रहे सात लोग शीर्षक से इनकी व्यथा कथा प्रकाशित किया था।
परिजनों की सूचना पर प्रवासी भारतीय मदद समूह नाम की एक सामाजिक संस्था ने विदेश मंत्रालय एवं सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया। मंगलवार को मजदूरों के बताए गए पते पर दूतावास के कर्मचारी पहुंचे और वहां से सभी को मुक्त कराकर दूतावास लाया गया। भोजन दवा आदि का इंतजाम करने के साथ ही सभी सात मजदूरों को पासपोर्ट व रियाद से लखनऊ तक के फ्लाइट का टिकट आदि उपलब्ध कराया गया।
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विदेश में फंसे लोगों के घरवालों के अनुसार फोन पर सूचना मिली है कि बुधवार को शाम सात बजे रियाद से लखनऊ के लिये फ्लाइट होगी। प्रवासी भारतीय मदद समूह के विजय मद्घेशिया और अरविंद सागर ने बताया कि रियाद में फंसे सातों मजदूरों को बुधवार को सुबह 10 बजे फिर दूतावास बुलाया गया है। इसकी जानकारी से गोबरही निवासी कैलाश के परिजन बेहद खुश हैं। पत्नी पूनम पांच वर्षों से पति का इंतजार कर रही है।
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दूतावास बुलाकर टिकट व पासपोर्ट उपलब्ध कराए गए
दुदही (कुशीनगर)। सऊदी अरब के रियाद शहर की एक कंपनी में पांच साल से बंधक बने कुशीनगर के चार मजदूरों समेत कुल सात लोगों के वतन वापसी का रास्ता साफ हो गया है। अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेकर एक संस्था की तरफ से की गई पहल पर विदेश मंत्रालय ने भारतीय दूतावास को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। मंगलवार को दूतावास के कर्मचारियों ने इन सातों लोगों को पासपोर्ट व हवाई जहाज का टिकट उपलब्ध करा दिया। बुधवार की शाम को सातों लोग वतन वापसी के लिए फ्लाइट पकड़ेंगे।
पडरौना कोतवाली के मिश्रौली गांव निवासी रिजवान, वसीम व आरिफ तथा बरवापट्टी थाना क्षेत्र के रामपुर बरहन टोला गोबरही निवासी कैलाश कुशवाहा करीब पांच वर्ष पहले सउदी अरब में रोजगार की तलाश में गए थे। वहां कुछ दिन बाद इन्हें रियाद शहर की एक फैक्ट्री में बंधुआ मजदूर के तौर पर काम लिया जाने लगा। इनका पासपोर्ट भी छीन लिया गया था। वहां इन चार के अलावा राजेंद्र मौर्य निवासी उतरन जिला प्रयागराज, हिदायत अली निवासी रतनगढ़ राजस्थान और घनश्याम ठाकुर निवासी सरहरवा धरौली जिला सिवान (बिहार) भी फंसे हुए थे। बंधक बने युवकों ने वहां से कई बीडीओ बनाकर घरवालों को इसकी जानकारी दी थी। आठ फरवरी के अंक में अमर उजाला ने पांच वर्षों से वतन वापसी की गुहार लगा रहे सात लोग शीर्षक से इनकी व्यथा कथा प्रकाशित किया था।
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परिजनों की सूचना पर प्रवासी भारतीय मदद समूह नाम की एक सामाजिक संस्था ने विदेश मंत्रालय एवं सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क किया। मंगलवार को मजदूरों के बताए गए पते पर दूतावास के कर्मचारी पहुंचे और वहां से सभी को मुक्त कराकर दूतावास लाया गया। भोजन दवा आदि का इंतजाम करने के साथ ही सभी सात मजदूरों को पासपोर्ट व रियाद से लखनऊ तक के फ्लाइट का टिकट आदि उपलब्ध कराया गया।
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विदेश में फंसे लोगों के घरवालों के अनुसार फोन पर सूचना मिली है कि बुधवार को शाम सात बजे रियाद से लखनऊ के लिये फ्लाइट होगी। प्रवासी भारतीय मदद समूह के विजय मद्घेशिया और अरविंद सागर ने बताया कि रियाद में फंसे सातों मजदूरों को बुधवार को सुबह 10 बजे फिर दूतावास बुलाया गया है। इसकी जानकारी से गोबरही निवासी कैलाश के परिजन बेहद खुश हैं। पत्नी पूनम पांच वर्षों से पति का इंतजार कर रही है।