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मनोरम होगा रामाभार स्तूप परिसर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:30 PM IST
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महात्मा बुद्ध के परिनिर्वाण स्थल पर सैलानियों की भीड़
- फोटो : self
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कसया। भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर की छवि चमकाने के लिए प्रयास जारी है। इसके तहत रामाभार स्तूप परिसर को मनोरम बनाने के लिए पार्क बनाने के साथ लाइटिंग, सुंदरीकरण और पर्यटकों के बैठने के लिए बेंच लगाए जाएंगे।
इसके लिए पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग, कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (कसाडा) और अब नगरपालिका प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। नपा की तरफ से रामाभार स्तूप के निकट ही 20 लाख रुपये की लागत से पार्क का निर्माण शुरू करा दिया गया है। पार्क से रामाभार स्तूप तक आने वाले पर्यटक अपना कुछ वक्त इस पार्क में भी व्यतीत कर सकेंगे।
यही नहीं, पार्क के निकट बुद्धकालीन हिरण्यवती नदी के किनारे संगमरमर लगे घाट पर बैठकर आनंद उठा सकेंगे। पार्क में सबसे पहले पर्यटकों को बैठने के लिए बेंच, सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल और लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी।
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इसके अलावा नगरपालिका बौद्ध भिक्षुओं के लिए गंगा के समान पवित्र मानी जाने वाली हिरण्यवती नदी के किनारे बनी छठ वेदियों के निकट विश्राम की व्यवस्था करेगी।
ईओ प्रेमशंकर गुप्ता ने बताया कि तहसील प्रशासन की ओर से कुशीनगर को अतिक्रमण मुक्त बनाए जाने के बाद कुछ स्थलों को चिह्नित किया गया है। यहां पर्यटकों की सुविधाओं को देखते हुए उन्हें कुछ और समय कुशीनगर में बिताने के मकसद से काम किया जा रहा है। इसी मद्देनजर यहां एक पार्क का निर्माण कराया जा रहा है।
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इसके लिए पर्यटन एवं पुरातत्व विभाग, कुशीनगर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (कसाडा) और अब नगरपालिका प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। नपा की तरफ से रामाभार स्तूप के निकट ही 20 लाख रुपये की लागत से पार्क का निर्माण शुरू करा दिया गया है। पार्क से रामाभार स्तूप तक आने वाले पर्यटक अपना कुछ वक्त इस पार्क में भी व्यतीत कर सकेंगे।
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यही नहीं, पार्क के निकट बुद्धकालीन हिरण्यवती नदी के किनारे संगमरमर लगे घाट पर बैठकर आनंद उठा सकेंगे। पार्क में सबसे पहले पर्यटकों को बैठने के लिए बेंच, सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल और लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी।
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इसके अलावा नगरपालिका बौद्ध भिक्षुओं के लिए गंगा के समान पवित्र मानी जाने वाली हिरण्यवती नदी के किनारे बनी छठ वेदियों के निकट विश्राम की व्यवस्था करेगी।
ईओ प्रेमशंकर गुप्ता ने बताया कि तहसील प्रशासन की ओर से कुशीनगर को अतिक्रमण मुक्त बनाए जाने के बाद कुछ स्थलों को चिह्नित किया गया है। यहां पर्यटकों की सुविधाओं को देखते हुए उन्हें कुछ और समय कुशीनगर में बिताने के मकसद से काम किया जा रहा है। इसी मद्देनजर यहां एक पार्क का निर्माण कराया जा रहा है।