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जहरीली शराब कांड 7
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जहरीली शराब कांड: दोषियों का पता लगाने में जुटी एसआईटी
फोटो के साथ-----
एडीजी संजय सिंघल की अगुआई में टीम ने पीड़ित परिवारों का दर्ज किया बयान
घटना से जुड़े हर बिंदुओं की बारीकी से जांच की
तमकुहीराज। तरयासुजान क्षेत्र में जहरीली शराब कांड की जांच करने मंगलवार को एसआईटी की टीम पहुंची। टीम ने प्रभावित गांवों में पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान एसआईटी की टीम ने घटना से जुड़े हर पहलुओं की बारीकी से जांच की।
एडीजी रेलवे संजय सिंघल की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित एसआईटी टीम ने तरयासुजान क्षेत्र के बेंदूपार खलवाटोला में पहुंचकर जहरीली शराब कांड मामले की तहकीकात की। शराब कांड का दोषी कौन है, मरने वालों के बारे में गहनता से पूछताछ की। पीड़ितों के परिजनों ने मौत की वजह शराब पीने से ही होना बताया। शराब को मेले में खरीद कर पीने की जानकारी दी। सभी पीडित परिवार नामजद फरार आरोपी दूधनाथ को ही दोषी ठहरा रहे थे। उसी के जरिए अवैध शराब का कारोबार करने की जानकारी भी दी। टीम से पीड़ित परिवारों से बातचीत की। चैनपट्टी की सुनैना पत्नी अवध ने बताया कि उनके पति की मौत शराब पीने से ही हुई थी। हालांकि एसआईटी टीम के सामने गांव के लोग कुछ नहीं बोेले। वहीं जांच अधिकारी संजय सिंघल ने बताया कि टीम हर बिंदुओं पर जांच कर रही है। जांच के बाद सरकार को इसकी रिपोर्ट दी जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान आईजी गोरखपुर जय नारायण सिंह, कमिश्नर अमित गुप्ता, डीएम डॉक्टर अनिल कुमार सिंह, एसपी राजीव नारायण मिश्र, एएसपी हरिगोविंद , एसडीएम प्रमोद कुमार, सीओ नितेश प्रताप सिंह, तहसीलदार रामप्यारे और थानाध्यक्ष सुशील कुमार शुक्ला आदि मौजूद थे।
झलकियां
एसआईटीम ने 80 मिनट में निपटाई जांच
तमकुहीराज। जहरीली शराब कांड की जांच करने एसआईटी टीम मंगलवार को पूर्वाहन 11 बज कर 10 मिनट पर बेंदूपार खलवा टोले में स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में पहुंची। जहां पर खैरटिया के पीडितों को भी प्रशासन ने बुलवाया था। लगभग 50 मिनट की पूछताछ में टीम का मुख्य फोकस पीडित परिवारों की आर्थिक स्थिति एवं क्षेत्र में होने वाली अवैध शराब की आपूर्ति की तरफ था। वैसे पीडित परिवार अवैध शराब के व्यवसाय से जुड़े लोगो की कोई नही जानकारी नही दे सकें। सभी की जुबान पर रटा रटाया एक ही नाम दूधनाथ का था। यूं तो सामने कोई भी बोलने को तैयार नही था, लेकिन हर कोई एसआईटी टीम से इस धंधे में जुड़े सफेदपोश लोगों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद जताया। इसी तरह टीम चैनपट्टी में मात्र 30 मिनट में ही एसआईटी टीम अपनी जांच की कार्रवाई पूरी कर वापस हो गई। जब एडीजी से सफेदपोश लोगों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि जांच की जा रही है। पूरी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी। ऐसे में दोनों जगह जांच में सिर्फ 80 मिनट का समय खर्च हुआ।
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जांच के दौरान सजग रही प्रशासनिक टीम
एसआईटी टीम की पूछताछ में जिला प्रशासन काफी सचेत नजर आ रहा था। जिन लोगों से पूछताछ की गई, उनकी सूची पहले से ही बना ली गई थी। जिन लोगों को सरकार की ओर से मदद नहीं मिल पाई है। जब वे अपनी बात एसआईटी टीम के सामने रखने लगे, तो जिले के आला अधिकारियों ने उनसे क्रॉस प्रश्न करके उलझा दिया।
बाल्टी बाबा ने बंधाया पीड़ितों को ढाढस
पूर्व विधायक जगदीश मिश्र उर्फ बाल्टी बाबा जहरीली शराब कांड के पीड़ितों से मिलकर उन्हे सांत्वना दिया। चैनपट्टी में मृतक हीरालाल की पत्नी सुमन देवी की शिकायत थी कि प्रशासन ने चार बोरी अनाज देने की बात की थी, लेकिन कोटेदार ने मात्र दो बोरी ही अनाज दिया। अंगूठा लगवा लिया है और कहा गया कि अब अनाज नहीं देंगे, जो करना है करो। सुमन की शिकायत की पुष्टि मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामेश्वर यादव ने भी किया। उसके बाद बाल्टी बाबा ने इसकी जानकारी एसडीएम को देकर कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। बाल्टी बाबा ने गांव के लोगो को भरोसा दिलाया कि इस दुखद घटना के सभी पीडितों को शासन की तरफ से मिलने वाली सहायता दिलाई जाएगी। जिन लोगो को सहायता नही मिली है, उसकी जांच करा कर उन्हें भी सहायता दिलाने का प्रयास होगा। इस दौरान केशव पांडेय, आनंद मिश्र, अखिलेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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थाने पर नहीं पहुंची एसआईटी,धरी रह गई व्यवस्था
तरयासुजान। एसआईटी टीम के तरयासुजान थाने पर पहुंचने की उम्मीद पुलिस के लोगों को थी। इसी लिए परिसर में एसआईटी टीम के लिए काफी अच्छी व्यवस्था की गई थी। जहां पर क्षेत्र के सभ्रांत लोगो को अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था, लेकिन एसआईटी टीम तरयासुजान थाने पर न पहुंच कर सीधे प्रभावित गांवों में पीड़ितों से मिलने पहुंच गई। जिससे पुलिस की व्यवस्था धरी की धरी रह गई।
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एडीजी संजय सिंघल की अगुआई में टीम ने पीड़ित परिवारों का दर्ज किया बयान
घटना से जुड़े हर बिंदुओं की बारीकी से जांच की
तमकुहीराज। तरयासुजान क्षेत्र में जहरीली शराब कांड की जांच करने मंगलवार को एसआईटी की टीम पहुंची। टीम ने प्रभावित गांवों में पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान एसआईटी की टीम ने घटना से जुड़े हर पहलुओं की बारीकी से जांच की।
एडीजी रेलवे संजय सिंघल की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित एसआईटी टीम ने तरयासुजान क्षेत्र के बेंदूपार खलवाटोला में पहुंचकर जहरीली शराब कांड मामले की तहकीकात की। शराब कांड का दोषी कौन है, मरने वालों के बारे में गहनता से पूछताछ की। पीड़ितों के परिजनों ने मौत की वजह शराब पीने से ही होना बताया। शराब को मेले में खरीद कर पीने की जानकारी दी। सभी पीडित परिवार नामजद फरार आरोपी दूधनाथ को ही दोषी ठहरा रहे थे। उसी के जरिए अवैध शराब का कारोबार करने की जानकारी भी दी। टीम से पीड़ित परिवारों से बातचीत की। चैनपट्टी की सुनैना पत्नी अवध ने बताया कि उनके पति की मौत शराब पीने से ही हुई थी। हालांकि एसआईटी टीम के सामने गांव के लोग कुछ नहीं बोेले। वहीं जांच अधिकारी संजय सिंघल ने बताया कि टीम हर बिंदुओं पर जांच कर रही है। जांच के बाद सरकार को इसकी रिपोर्ट दी जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान आईजी गोरखपुर जय नारायण सिंह, कमिश्नर अमित गुप्ता, डीएम डॉक्टर अनिल कुमार सिंह, एसपी राजीव नारायण मिश्र, एएसपी हरिगोविंद , एसडीएम प्रमोद कुमार, सीओ नितेश प्रताप सिंह, तहसीलदार रामप्यारे और थानाध्यक्ष सुशील कुमार शुक्ला आदि मौजूद थे।
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एसआईटीम ने 80 मिनट में निपटाई जांच
तमकुहीराज। जहरीली शराब कांड की जांच करने एसआईटी टीम मंगलवार को पूर्वाहन 11 बज कर 10 मिनट पर बेंदूपार खलवा टोले में स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में पहुंची। जहां पर खैरटिया के पीडितों को भी प्रशासन ने बुलवाया था। लगभग 50 मिनट की पूछताछ में टीम का मुख्य फोकस पीडित परिवारों की आर्थिक स्थिति एवं क्षेत्र में होने वाली अवैध शराब की आपूर्ति की तरफ था। वैसे पीडित परिवार अवैध शराब के व्यवसाय से जुड़े लोगो की कोई नही जानकारी नही दे सकें। सभी की जुबान पर रटा रटाया एक ही नाम दूधनाथ का था। यूं तो सामने कोई भी बोलने को तैयार नही था, लेकिन हर कोई एसआईटी टीम से इस धंधे में जुड़े सफेदपोश लोगों के खिलाफ कार्रवाई की उम्मीद जताया। इसी तरह टीम चैनपट्टी में मात्र 30 मिनट में ही एसआईटी टीम अपनी जांच की कार्रवाई पूरी कर वापस हो गई। जब एडीजी से सफेदपोश लोगों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि जांच की जा रही है। पूरी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी। ऐसे में दोनों जगह जांच में सिर्फ 80 मिनट का समय खर्च हुआ।
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जांच के दौरान सजग रही प्रशासनिक टीम
एसआईटी टीम की पूछताछ में जिला प्रशासन काफी सचेत नजर आ रहा था। जिन लोगों से पूछताछ की गई, उनकी सूची पहले से ही बना ली गई थी। जिन लोगों को सरकार की ओर से मदद नहीं मिल पाई है। जब वे अपनी बात एसआईटी टीम के सामने रखने लगे, तो जिले के आला अधिकारियों ने उनसे क्रॉस प्रश्न करके उलझा दिया।
बाल्टी बाबा ने बंधाया पीड़ितों को ढाढस
पूर्व विधायक जगदीश मिश्र उर्फ बाल्टी बाबा जहरीली शराब कांड के पीड़ितों से मिलकर उन्हे सांत्वना दिया। चैनपट्टी में मृतक हीरालाल की पत्नी सुमन देवी की शिकायत थी कि प्रशासन ने चार बोरी अनाज देने की बात की थी, लेकिन कोटेदार ने मात्र दो बोरी ही अनाज दिया। अंगूठा लगवा लिया है और कहा गया कि अब अनाज नहीं देंगे, जो करना है करो। सुमन की शिकायत की पुष्टि मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रामेश्वर यादव ने भी किया। उसके बाद बाल्टी बाबा ने इसकी जानकारी एसडीएम को देकर कोटेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। बाल्टी बाबा ने गांव के लोगो को भरोसा दिलाया कि इस दुखद घटना के सभी पीडितों को शासन की तरफ से मिलने वाली सहायता दिलाई जाएगी। जिन लोगो को सहायता नही मिली है, उसकी जांच करा कर उन्हें भी सहायता दिलाने का प्रयास होगा। इस दौरान केशव पांडेय, आनंद मिश्र, अखिलेश गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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थाने पर नहीं पहुंची एसआईटी,धरी रह गई व्यवस्था
तरयासुजान। एसआईटी टीम के तरयासुजान थाने पर पहुंचने की उम्मीद पुलिस के लोगों को थी। इसी लिए परिसर में एसआईटी टीम के लिए काफी अच्छी व्यवस्था की गई थी। जहां पर क्षेत्र के सभ्रांत लोगो को अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था, लेकिन एसआईटी टीम तरयासुजान थाने पर न पहुंच कर सीधे प्रभावित गांवों में पीड़ितों से मिलने पहुंच गई। जिससे पुलिस की व्यवस्था धरी की धरी रह गई।