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Kushinagar News: 50 बेड का बनेगा वार्ड, मरीजों को मिलेगी सहूलियत
Mon, 10 Jul 2023 12:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Mon, 10 Jul 2023 12:46 AM IST
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उच्चाधिकारियों तक बेड कमी का पहुंचा मामला तो स्वास्थ्य महकमा जागा
भीड़ इतनी बढ़ती थी कि मरीजों को फर्श पर लिटाकर करना पड़ता है इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला अस्पताल में 50 बेड का एक और वार्ड बनेगा। मरीजों की संख्या में दिन-प्रतिदिन हो रहे इजाफा को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा ने ऐसा निर्णय लिया है। इससे मरीजों को बेड के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
जिला अस्पताल में छह बेड प्राइवेट और 70 बेड का जनरल वार्ड है। इमरजेंसी इलाज के बाद मरीजों को जनरल वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। मौसम में बदलाव की वजह से करीब एक महीने से लोग अधिक बीमार पड़ रहे हैं। इनकी संख्या बढ़ने की वजह से वार्ड के बेड कम पड़ जा रहे हैं। इसलिए मरीजों को वार्ड में फर्श पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। बेड के लिए लोगों की सिफारिश भी पहुंच रही थी। लेकिन इंतजाम नहीं होने के कारण स्वास्थ्यकर्मी बेड मुहैया नहीं करा पाते हैं।
उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचने के बाद प्राचार्य और सीएमएस ने 50 बेड का एक और वार्ड बनाने का निर्णय लिया है। इमरजेंसी दवा काउंटर से लेकर औषधि भंडारण तक कमरे खाली कराए जा रहे हैं। इसी को वार्ड बनाने की तैयारी चल रही है। इससे काफी हद तक बेड की कमी दूर हो जाएगी। इस बाबत सीएमएस डॉ. एचएस राय ने बताया कि 50 बेड का एक और वार्ड बनाया जा रहा है। इसकी तैयारी चल रही है।
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भीड़ इतनी बढ़ती थी कि मरीजों को फर्श पर लिटाकर करना पड़ता है इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जिला अस्पताल में 50 बेड का एक और वार्ड बनेगा। मरीजों की संख्या में दिन-प्रतिदिन हो रहे इजाफा को देखते हुए स्वास्थ्य महकमा ने ऐसा निर्णय लिया है। इससे मरीजों को बेड के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
जिला अस्पताल में छह बेड प्राइवेट और 70 बेड का जनरल वार्ड है। इमरजेंसी इलाज के बाद मरीजों को जनरल वार्ड में शिफ्ट किया जाता है। मौसम में बदलाव की वजह से करीब एक महीने से लोग अधिक बीमार पड़ रहे हैं। इनकी संख्या बढ़ने की वजह से वार्ड के बेड कम पड़ जा रहे हैं। इसलिए मरीजों को वार्ड में फर्श पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है। बेड के लिए लोगों की सिफारिश भी पहुंच रही थी। लेकिन इंतजाम नहीं होने के कारण स्वास्थ्यकर्मी बेड मुहैया नहीं करा पाते हैं।
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उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचने के बाद प्राचार्य और सीएमएस ने 50 बेड का एक और वार्ड बनाने का निर्णय लिया है। इमरजेंसी दवा काउंटर से लेकर औषधि भंडारण तक कमरे खाली कराए जा रहे हैं। इसी को वार्ड बनाने की तैयारी चल रही है। इससे काफी हद तक बेड की कमी दूर हो जाएगी। इस बाबत सीएमएस डॉ. एचएस राय ने बताया कि 50 बेड का एक और वार्ड बनाया जा रहा है। इसकी तैयारी चल रही है।
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