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पांच मीटर कटा अमवा खास तटबंध

Fri, 27 Sep 2019 05:54 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2019 05:54 PM IST
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5 meter cut of amawankhas bandh
पांच मीटर कटा अमवा खास तटबंध
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कमिश्नर, आईजी, डीएम, एडीएम व एसई बाढ़ खंड मौके पर पहुंचे
आपात स्थिति को देखते हुए कई थानों की फोर्स व पीएसी बुलाई गई
एसडीआरएफ की एक टीम भी बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंची
बांध को बचाने के लिए बिहार के जलसंसाधन विभाग के अफसर भी पहुंचे
अमर उजाला ब्यूरो
दुदही (कुशीनगर)। गंडक नदी के जलस्तर में उतार चढ़ाव से अमवाखास तटबंध पर लक्ष्मीपुर गांव के सामने कटान तेज हो गया है। शुक्रवार सुबह पांच बजे तक नदी तटबंध के पांच मीटर चौड़े हिस्से को काट चुकी थी। केवल एक मीटर ही बचा है। इसकी जानकारी होते ही लक्ष्मीपुर समेत दर्जनभर गांवों में अफरातफरी मच गई। कटान रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू करा दिया गया है। साथ ही पांच मीटर चौड़ा दूसरा बांध बनाया जा रहा है। दोपहर बाद कमिश्नर, आईजी, डीएम, एसपी, सीडीओ, एडीएम व बाढ़ खंड के मुख्य अभियंता अशोक कुमार ने बचाव कार्य का निरीक्षण किया। बांध टूटा तो कुशीनगर के अलावा पड़ोसी प्रांत बिहार के भी 20 से अधिक गांवों में तबाही मच जाएगी।

गंडक नदी अमवा खास तटबंध के लक्ष्मीपुर गांव के सामने एक पखवारे से दबाव बनाए है। बुधवार को कटान की गति शिथिल होने व बृहस्पतिवार को बारिश के चलते बचाव कार्य सुस्त हो गया था। इसका असर हुआ कि बृहस्पतिवार की रात नदी तेजी से कटान करते हुए बांध के अंतिम छोर तक पहुंच गई। करीब 100 मीटर की लंबाई में कटान कर रही नदी छह मीटर चौड़े बांध के लगभग पांच मीटर हिस्से को काट चुकी है। सुबह भयावह दृश्य देखते ही आसपास के गांवों में हड़कंप मच गया। लोग अपने सामान समेटकर बंधे की तरफ भागने लगे। थोड़ी ही देर में प्रशासनिक अफसर कटान स्थल पर पहुंच गए। ग्रामीण व बाढ़ खंड के ठेकेदारों ने बचाव कार्य के लिए मिट्टी, बोल्डर के साथ ही बांस व अन्य खर-पतवार गिराना शुरू कर दिया। दोपहर बाद मंडलायुक्त जयंत नार्लिकर और आईजी जयनारायण सिंह मौके पर पहुंचे और डीएम डॉ. अनिल सिंह व एसपी विनोद कुमार मिश्र से मामले की जानकारी ली। बाढ़ खंड के मुख्य अभियंता अशोक कुमार ने मौके पर पहुंचकर हर हाल में बांध बचाने का उपाय करने का निर्देश दिया गया। मौके की नजाकत को देखते हुए तत्काल कटान स्थल के ठीक बगल में विकल्प के रूप में नया बांध बनाने का कार्य शुरू कराया गया। शाम तक बचाव कार्य कराया जाता रहा। गनीमत रही कि नदी का डिस्चार्ज 60 हजार क्यूसेक से कम है। फिर भी बारिश के कारण बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुला लिया है। इसके अलावा आसपास के थानों की पुलिस फोर्स भी कटान स्थल के पास मौजूद है।
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