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पुलिस फोर्स के साथ परसौनी कला के अनाथ आश्रम पहुंचे एसडीएम

Wed, 21 Jul 2021 11:54 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jul 2021 11:54 PM IST
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5 children has gone from Illegal Anathashram
गैर पंजीकृत अनाथ आश्रम से बच्चों को अपने साथ ले गया प्रशासन
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कुशीनगर। पडरौना क्षेत्र के परसौनी कला स्थित अनाथ आश्रम के सभी बच्चों और किशोरों को प्रशासन बुधवार को दोपहर में अपने साथ लेकर चला गया। हालांकि इस दौरान उन्हें ले जाने को लेकर कुछ झड़प भी हुई। बचपन से पले-बढ़े इन बच्चों और किशोरों को भावुक अनाथ आश्रम के लोग छोड़ना नहीं चाहते थे। इन सभी को जनपद मुख्यालय स्थित बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया। वहां से उनकी सुविधा और नियम के अनुसार संबंधित अनाथ आश्रम भेजा जाएगा। समिति यह तय करेगी कि उन्हें कहां-कहां भेजना है।
15 जुलाई को राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. सुचिता चतुर्वेदी जिला अस्पताल सहित कई स्थानों पर भ्रमण कर बालकों और महिलाओं के अधिकारों को प्रदत्त सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की थीं। इसके बाद वह परसौनी कला में संचालित अनाथ आश्रम पहुंची थीं। उन्होंने अपनी रिपोर्ट डीएम सहित प्रमुख सचिव, महिला कल्याण एवं बाल विकास उत्तर प्रदेश शासन और निदेशक महिला कल्याण विभाग लखनऊ को भेजी थीं। इस रिपोर्ट में उन्होंने अनाथ आश्रम को बिना पंजीकरण संचालित करने, अनाथ आश्रम के बच्चों का धर्मांतरण कराने, बिना जगह के 25 बच्चों को रखने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद डीएम ने एसडीएम सदर कोमल यादव से इसकी जांच कराई थी, जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को उन्हें प्राप्त हुई थी। इसके बाद डीएम की तरफ से इन बच्चों और किशोरों को बाल कल्याण समिति को सौंपने का निर्देश दिया गया था।
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बुधवार को एसडीएम सदर पडरौना कोतवाली सहित कुबेरस्थान और अन्य थानों की पुलिस के साथ पहुंचे। उनके साथ महिला पुलिसकर्मी भी थीं। बताया जा रहा है कि बच्चों को ले जाने को लेकर अनाथ आश्रम के लोगों के साथ झड़प भी हुई। इसके बाद पुलिस को सख्ती के साथ बच्चों को गाड़ियां में बैठाकर जनपद मुख्यालय स्थित बाल कल्याण समिति के कार्यालय ले जाया गया।
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डीएम एस. राजलिंगम ने बताया कि जांच रिपोर्ट में पाया गया है कि अनाथ आश्रम पंजीकृत नहीं है। उच्च न्यायालय का आदेश है कि ऐसे बच्चों को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। यह सभी बच्चे पहले बाल कल्याण समिति कुशीनगर के समक्ष प्रस्तुत किए जाएंगे। सभी बच्चे रेस्क्यू कराए गए हैं। समिति तय करेगी कि उन्हें किस अनाथ आश्रम में भेजना है। उनकी उम्र के हिसाब से अलग-अलग स्थानों पर भेजा जाएगा।
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