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बेकार साबित हो रहे ओवरहेड टैंक
Updated Wed, 05 Sep 2018 11:55 PM IST
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छह साल पहले बने ओवरहेड टैंक से जलापूर्ति नहीं
टेस्ंिटग के दौरान ही फट गई थी जलापूर्ति की पाइप
अमर उजाला ब्यूरो
पिपरा कनक। विकास खंड तमकुही के समउर बाजार की 25 हजार की आबादी को स्वच्छ पानी पीने को नहीं मिल पा रहा है। गांव में ओवरहेड टैंक बने छह साल हो गया लेकिन जलापूर्ति अब तक शुरू नहीं हो पाई। टैस्टिंग के दौरान ही जलापूर्ति की पाइप फट जाने के कारण काम अधूरा पड़ा हुआ है। गांव वाले अब आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत समउर बाजार में जलापूर्ति की व्यवस्था के लिए वर्ष 2008-9 में 1.17 करोड़ की योजना बनाई गई। इसके बाद में ओवरहैड टैंक का निर्माण शुरू हुआ। करीब छह साल पहले बने ओवरहेड टैंक से अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हुई। लगभग 22 टोलों में बसे गांव के लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए इसका निर्माण कराया गया था। इसे चलाने के लिए छह साल पहले ही विद्युुत का कनेक्शन भी लिया गया है। जलापूर्ति के नाम पर हर माह बिजली का बिल भी आ रहा है। बावजूद इसके लोग शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं।
साधन सहकारी समिति के पूर्व अध्यक्ष राजेश पांडेय ने बताया कि टेस्ंिटग के दौरान जलापूर्ति की पाइप फट गई थी। तभी से उसी तरह पड़ा हुआ है। कार्यदाई संस्था के अधिकारी कभी उधर आए नहीं। विभागीय लापरवाही के चलते गांव के लोगों को स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा है। पूर्व प्रधान गोपाल गुप्ता ने चेतावनी दी कि दो सप्ताह के अंदर इसे ठीक करा कर गांव के लोगों को स्वच्छ पानी मुहैया नहीं कराया तो धरना प्रदर्शन करेंगे।
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टेस्ंिटग के दौरान ही फट गई थी जलापूर्ति की पाइप
अमर उजाला ब्यूरो
पिपरा कनक। विकास खंड तमकुही के समउर बाजार की 25 हजार की आबादी को स्वच्छ पानी पीने को नहीं मिल पा रहा है। गांव में ओवरहेड टैंक बने छह साल हो गया लेकिन जलापूर्ति अब तक शुरू नहीं हो पाई। टैस्टिंग के दौरान ही जलापूर्ति की पाइप फट जाने के कारण काम अधूरा पड़ा हुआ है। गांव वाले अब आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत समउर बाजार में जलापूर्ति की व्यवस्था के लिए वर्ष 2008-9 में 1.17 करोड़ की योजना बनाई गई। इसके बाद में ओवरहैड टैंक का निर्माण शुरू हुआ। करीब छह साल पहले बने ओवरहेड टैंक से अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हुई। लगभग 22 टोलों में बसे गांव के लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराने के लिए इसका निर्माण कराया गया था। इसे चलाने के लिए छह साल पहले ही विद्युुत का कनेक्शन भी लिया गया है। जलापूर्ति के नाम पर हर माह बिजली का बिल भी आ रहा है। बावजूद इसके लोग शुद्ध पानी के लिए तरस रहे हैं।
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साधन सहकारी समिति के पूर्व अध्यक्ष राजेश पांडेय ने बताया कि टेस्ंिटग के दौरान जलापूर्ति की पाइप फट गई थी। तभी से उसी तरह पड़ा हुआ है। कार्यदाई संस्था के अधिकारी कभी उधर आए नहीं। विभागीय लापरवाही के चलते गांव के लोगों को स्वच्छ पानी नहीं मिल पा रहा है। पूर्व प्रधान गोपाल गुप्ता ने चेतावनी दी कि दो सप्ताह के अंदर इसे ठीक करा कर गांव के लोगों को स्वच्छ पानी मुहैया नहीं कराया तो धरना प्रदर्शन करेंगे।
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