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कहीं कटान तो कहीं जलभराव हुआ मुसीबत
Updated Sat, 02 Sep 2017 05:59 PM IST
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कुशीनगर। गंडक नदी के बाढ़ का प्रकोप पिपराघाट से अहिरौलीदान तक कायम है। अहिरौलीदान में जहां पिछले 13 दिन से हो रहे कटान के चलते लोग भयभीत हैं, वहीं पिपराघाट के कई टोलों के लोग अब भी जलभराव से परेशान हैं। बाढ़ व बरसात के चलते सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद होने से किसानों के सामने संकट और गहराता जा रहा है।
गंडक नदी अहिरौलीदान के कंचन टोला, डीह टोला, कचहरी टोला व बिहार के भैंसही गांव को निगल रही है। इन गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल कटकर नदी में विलीन हो चुकी है। किसान अरविंद सिंह पटेल, ब्रह्मदेव सिंह, शिवपूजन मुखिया, नंदलाल सिंह, जनकदेव यादव, मंकेश्वर बैठा, दिल मोहब्बत अंसारी आदि का कहना है कि घर तो उजड़ ही गया, जीविका का एक मात्र आधार खेती भी बर्बाद हो रही है। किसानों की असल दिक्कत तो बाढ़ खत्म होने के बाद आने वाली है। न तो इनका घर बचा और न ही फसल।
यही स्थिति पिपराघाट की है, जहां जलभराव के चलते सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। धान व गन्ने की फसलें करीब महीने भर से बाढ़ के पानी में डूबी हैं। पिपराघाट के शिवपूजन निषाद, पहवारी यादव, दूधनाथ शर्मा, प्रभुनाथ यादव, सकलदेव सिंह, मनोज गुप्ता, प्रयाग वर्मा आदि का कहना है कि सरकारी मदद के नाम पर पांच मीटर प्लास्टिक और 50 किग्रा खाद्यान्न का पैकेट मिला है। परंतु जो फसलें बर्बाद हो गई हैं, उनके विषय में अब तक प्रशासन ने कुछ नहीं कहा।
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इस संबंध में तमकुहीराज के तहसीलदार रामप्यारे का कहना है कि तात्कालिक सहायता के रूप में खाद्यान्न का वितरण कराया जा रहा है। प्रभावित लोगों की सूची तैयार होने पर उन्हें अन्य मदद भी मुहैया कराई जाएगी।
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गंडक नदी अहिरौलीदान के कंचन टोला, डीह टोला, कचहरी टोला व बिहार के भैंसही गांव को निगल रही है। इन गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल कटकर नदी में विलीन हो चुकी है। किसान अरविंद सिंह पटेल, ब्रह्मदेव सिंह, शिवपूजन मुखिया, नंदलाल सिंह, जनकदेव यादव, मंकेश्वर बैठा, दिल मोहब्बत अंसारी आदि का कहना है कि घर तो उजड़ ही गया, जीविका का एक मात्र आधार खेती भी बर्बाद हो रही है। किसानों की असल दिक्कत तो बाढ़ खत्म होने के बाद आने वाली है। न तो इनका घर बचा और न ही फसल।
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यही स्थिति पिपराघाट की है, जहां जलभराव के चलते सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो गई है। धान व गन्ने की फसलें करीब महीने भर से बाढ़ के पानी में डूबी हैं। पिपराघाट के शिवपूजन निषाद, पहवारी यादव, दूधनाथ शर्मा, प्रभुनाथ यादव, सकलदेव सिंह, मनोज गुप्ता, प्रयाग वर्मा आदि का कहना है कि सरकारी मदद के नाम पर पांच मीटर प्लास्टिक और 50 किग्रा खाद्यान्न का पैकेट मिला है। परंतु जो फसलें बर्बाद हो गई हैं, उनके विषय में अब तक प्रशासन ने कुछ नहीं कहा।
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इस संबंध में तमकुहीराज के तहसीलदार रामप्यारे का कहना है कि तात्कालिक सहायता के रूप में खाद्यान्न का वितरण कराया जा रहा है। प्रभावित लोगों की सूची तैयार होने पर उन्हें अन्य मदद भी मुहैया कराई जाएगी।