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Kushinagar News: 33 आरआरसी चालू, समूह की महिलाओं को मिली जिम्मेदारी
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रामकोला। निर्माण के बाद बंद पड़े 33 रिसोर्स रिकवरी सेंटर (आरआरसी) को चालू करा दिया गया है। इन केंद्रों के संचालन की पूरी जिम्मेदारी समूह की महिलाओं को दी गई है। एक समूह में 15 महिलाएं शामिल हैं। महिलाएं केंद्रों पर कचरे का पृथक्कीकरण करेंगी। उन्हें प्रशासन की ओर से से सुरक्षा किट औ आईडी कार्ड सहित जरूरी सामान मुहैया करा दिया गया है।
गांवों में बने आरआरसी के चालू होने के बाद अब गलियों और सड़कों के किनारे बिखरे पड़े कचरे का उठान शुरू हो गया है और आरआरसी तक ले जाया जा रहा है। केंद्रों पर समूह की महिलाएं प्लास्टिक, गीला और सूखा कचरा अलग-अलग कर रही हैं। कचरे से तैयार हो रही जैविक खाद, प्लास्टिक सहित दूसरे सामानों का बिक्री आय का स्रोत बन गया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी की मौजूदगी में कुसम्हा आरआरसी सेंटर पृथक्कीकरण से निकले सामानों की 1200 रुपये में बिक्री हुई। इस मौके पर
बीडीओ विजय कुमार सिंह,एडीओ पंचायत प्रदीप कुमार,,जिआउर रहमान, सोमनाथ सिंह आदि मौजूद रहे।
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गांवों में बने आरआरसी के चालू होने के बाद अब गलियों और सड़कों के किनारे बिखरे पड़े कचरे का उठान शुरू हो गया है और आरआरसी तक ले जाया जा रहा है। केंद्रों पर समूह की महिलाएं प्लास्टिक, गीला और सूखा कचरा अलग-अलग कर रही हैं। कचरे से तैयार हो रही जैविक खाद, प्लास्टिक सहित दूसरे सामानों का बिक्री आय का स्रोत बन गया है। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मयंक त्रिपाठी की मौजूदगी में कुसम्हा आरआरसी सेंटर पृथक्कीकरण से निकले सामानों की 1200 रुपये में बिक्री हुई। इस मौके पर
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बीडीओ विजय कुमार सिंह,एडीओ पंचायत प्रदीप कुमार,,जिआउर रहमान, सोमनाथ सिंह आदि मौजूद रहे।