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कोपजंगल का खंडहर बनेगा स्मृति वन
kushinagar
Updated Tue, 26 Jun 2018 11:39 PM IST
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अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
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खड्डा। खंडहर में तब्दील हो चुके कोपजंगल के पड़वा-बछड़ा संवर्धन केंद्र की 19 हेक्टेयर जमीन का भाग्य बदलने वाला है। यहां 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल में अब स्मृति वन बनाने की योजना है। इसमें से एक हेक्टेयर क्षेत्रफल को सामाजिक संस्था आकांक्षा की तरफ से विकसित किया जाएगा। इस संस्था से जुड़ी जिलाधिकारी की पत्नी ममता सिंह एक जुलाई को यहां पौधरोपण कार्यक्रम की शुरुआत के साथ इस योजना का शुभारंभ भी करेंगी। मंगलवार को डीएम की पत्नी ने प्रस्तावित जगह का निरीक्षण किया। यहां स्मृति उपवन के साथ पशु आश्रय केंद्र खोलने का भी प्रस्ताव है।
खड्डा ब्लॉक के कोपजंगल गांव में पशुपालन विभाग की 19 हेक्टेयर जमीन है। इस जगह पर पहले पड़वा-बछड़ा संवर्धन केंद्र संचालित होता था। केंद्र बंद होने के बाद यहां के भवन उपयोग में नहीं होने के चलते खंडहर हो गए थे। मंगलवार को पशुपालन विभाग के अफसरों के साथ डीएम की पत्नी ममता सिंह ने इस स्थान का निरीक्षण किया। यहां स्मृति उपवन बनाने की योजना है। 10 हेक्टेयर जमीन पर प्रस्तातिव इस उपवन में से एक हेक्टेयर जमीन पर सामाजिक संस्था आकांक्षा संस्था की तरफ से उपवन विकसित किया जाएगा। डीएम की पत्नी इस संस्था से जुड़ी हैं। अगामी एक जुलाई को यहां भव्य कार्यक्रम आयोजित फलदार व औषधीय महत्व के पौधे लगाए जाएंगे। ममता सिंह का कहना है कि प्रकृति की सेवा के साथ-साथ अपने पूर्वजों को याद करने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देने का यह सबसे बढ़िया माध्यम है। स्मृति उपवन में लगने वाले पौधों को लोग अपने पूर्वजों तथा प्रियजनों का भी नाम दे सकते हैं। मौके पर मौजूद एसडीएम अरविंद कुमार ने राजस्व कर्मियों को जगह की पैमाइश कर चिह्नित करने का निर्देश दिया। वन विभाग के कर्मचारियों ने पौधरोपण के लिए गड्ढे की खुदाई आदि की तैयारी भी शुरू कर दी है।
नब्बे के दशक में अच्छे नस्ल के पशुओं के संरक्षण व संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए खड्डा क्षेत्र के कोप जंगल गांव में 19 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पड़वा-बछड़ा संवर्धन केंद्र खोला गया था। यहां पशुओं तथा चारा रखने के लिए पक्के मकान के अलावा कर्मचारियों के लिए कॉलानी बनाई गई थी। पशुओं के चारागाह के लिए खुली जगह छोड़ी गई थी। अच्छी नस्ल की गाय-भैंस के अलावा अच्छे नश्ल के बछड़ा-पड़वा मंगाए गए थे। पशु चिकित्सक समेत अन्य स्टाफ की तैनाती हुई थी, परंतु कुछ ही वर्षों में जानवरों की या तो मौत हो गया या फिर उन्हें औने-पौने दाम पर बेंच दिया गया। कर्मचारियों के हटते ही जमीनों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया
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खड्डा ब्लॉक के कोपजंगल गांव में पशुपालन विभाग की 19 हेक्टेयर जमीन है। इस जगह पर पहले पड़वा-बछड़ा संवर्धन केंद्र संचालित होता था। केंद्र बंद होने के बाद यहां के भवन उपयोग में नहीं होने के चलते खंडहर हो गए थे। मंगलवार को पशुपालन विभाग के अफसरों के साथ डीएम की पत्नी ममता सिंह ने इस स्थान का निरीक्षण किया। यहां स्मृति उपवन बनाने की योजना है। 10 हेक्टेयर जमीन पर प्रस्तातिव इस उपवन में से एक हेक्टेयर जमीन पर सामाजिक संस्था आकांक्षा संस्था की तरफ से उपवन विकसित किया जाएगा। डीएम की पत्नी इस संस्था से जुड़ी हैं। अगामी एक जुलाई को यहां भव्य कार्यक्रम आयोजित फलदार व औषधीय महत्व के पौधे लगाए जाएंगे। ममता सिंह का कहना है कि प्रकृति की सेवा के साथ-साथ अपने पूर्वजों को याद करने और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण देने का यह सबसे बढ़िया माध्यम है। स्मृति उपवन में लगने वाले पौधों को लोग अपने पूर्वजों तथा प्रियजनों का भी नाम दे सकते हैं। मौके पर मौजूद एसडीएम अरविंद कुमार ने राजस्व कर्मियों को जगह की पैमाइश कर चिह्नित करने का निर्देश दिया। वन विभाग के कर्मचारियों ने पौधरोपण के लिए गड्ढे की खुदाई आदि की तैयारी भी शुरू कर दी है।
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नब्बे के दशक में अच्छे नस्ल के पशुओं के संरक्षण व संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए खड्डा क्षेत्र के कोप जंगल गांव में 19 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पड़वा-बछड़ा संवर्धन केंद्र खोला गया था। यहां पशुओं तथा चारा रखने के लिए पक्के मकान के अलावा कर्मचारियों के लिए कॉलानी बनाई गई थी। पशुओं के चारागाह के लिए खुली जगह छोड़ी गई थी। अच्छी नस्ल की गाय-भैंस के अलावा अच्छे नश्ल के बछड़ा-पड़वा मंगाए गए थे। पशु चिकित्सक समेत अन्य स्टाफ की तैनाती हुई थी, परंतु कुछ ही वर्षों में जानवरों की या तो मौत हो गया या फिर उन्हें औने-पौने दाम पर बेंच दिया गया। कर्मचारियों के हटते ही जमीनों पर लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया
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