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19 लाख खर्च, फिर भी नहीं सुधरी सफाई व्यवस्था
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मड़ार बिंदवलिया गांव के कुट्टी टोला में भूमिगत नाली से पानी न निकल पाने के कारण घरों में गड्ढा खो?
- फोटो : KUSHINAGAR
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19 लाख खर्च, फिर भी नहीं सुधरी सफाई व्यवस्था
मड़ार बिंदवलिया गांव में हुआ था भूमिगत नालियों का निर्माण
पकड़ियार बाजार(कुशीनगर)। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के मड़ार बिंदवलिया गांव में करीब डेढ़ वर्ष पहले 19 लाख रुपये की लागत से भूमिगत नाली का निर्माण कराया गया था, लेकिन नालियां अब उपयोग के लायक नहीं रह गई हैं। भूमि के ऊपर ही पाइप बिछा देने से इनकी ऊंचाई घरों से स्तर से अधिक हो गई। इससे घरों का पानी इन नालियों के रास्ते बाहर नहीं निकल पा रहा है।
मड़ार बिंदवलिया गांव में जलनिकासी के लिए वर्ष 2018-19 और 2019-20 में राज्य वित्त से भुड़ामंडार टोला में दो, दुसाधीपट्टी में चार, बरवा दूबे में एक और कुट्टी टोला में एक भूमिगत नाली का निर्माण करीब 19 लाख 95 हजार रुपये की लागत से कराया गया था। ग्रामीणों के मुताबिक मानक के विपरीत कार्य कराने से भूमिगत नालियां सार्थक नहीं हो पा रही हैं। बरई पट्टी के विष्णुदेव के घर के पास भूमिगत नाली निर्माण के नाम पर सिर्फ पाइप बिछाकर छोड़ दिया गया। विष्णु देव, चंद्रभूषण और गोरख ने बताया कि नालियां सड़क और घरों से ऊंची हो गई हैं। इससे उनमें पानी नहीं जा पाता है। उस समय सवाल उठाया गया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
कुट्टी टोला में भागीरथी के घर से प्यारे के घर तक भूमिगत नाली का निर्माण कराया गया है, लेकिन यहां भी पाइप जमीन में होने की जगह काफी ऊपर है। गांव के राम प्रताप, परशुराम, दुर्गा, भागीरथी का कहना है कि नालियां सिर्फ दिखावे के लिए हैं। नालियों का पानी इसमें नहीं जा पा रहा है। साइकिल और अन्य वाहन दरवाजे तक ले जाने में लोगों को परेशानी होती है। इस संबंध में नेबुआ नौरंगिया के बीडीओ विनीत कुमार यादव का कहना है कि मामला गंभीर है। प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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मड़ार बिंदवलिया गांव में हुआ था भूमिगत नालियों का निर्माण
पकड़ियार बाजार(कुशीनगर)। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के मड़ार बिंदवलिया गांव में करीब डेढ़ वर्ष पहले 19 लाख रुपये की लागत से भूमिगत नाली का निर्माण कराया गया था, लेकिन नालियां अब उपयोग के लायक नहीं रह गई हैं। भूमि के ऊपर ही पाइप बिछा देने से इनकी ऊंचाई घरों से स्तर से अधिक हो गई। इससे घरों का पानी इन नालियों के रास्ते बाहर नहीं निकल पा रहा है।
मड़ार बिंदवलिया गांव में जलनिकासी के लिए वर्ष 2018-19 और 2019-20 में राज्य वित्त से भुड़ामंडार टोला में दो, दुसाधीपट्टी में चार, बरवा दूबे में एक और कुट्टी टोला में एक भूमिगत नाली का निर्माण करीब 19 लाख 95 हजार रुपये की लागत से कराया गया था। ग्रामीणों के मुताबिक मानक के विपरीत कार्य कराने से भूमिगत नालियां सार्थक नहीं हो पा रही हैं। बरई पट्टी के विष्णुदेव के घर के पास भूमिगत नाली निर्माण के नाम पर सिर्फ पाइप बिछाकर छोड़ दिया गया। विष्णु देव, चंद्रभूषण और गोरख ने बताया कि नालियां सड़क और घरों से ऊंची हो गई हैं। इससे उनमें पानी नहीं जा पाता है। उस समय सवाल उठाया गया, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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कुट्टी टोला में भागीरथी के घर से प्यारे के घर तक भूमिगत नाली का निर्माण कराया गया है, लेकिन यहां भी पाइप जमीन में होने की जगह काफी ऊपर है। गांव के राम प्रताप, परशुराम, दुर्गा, भागीरथी का कहना है कि नालियां सिर्फ दिखावे के लिए हैं। नालियों का पानी इसमें नहीं जा पा रहा है। साइकिल और अन्य वाहन दरवाजे तक ले जाने में लोगों को परेशानी होती है। इस संबंध में नेबुआ नौरंगिया के बीडीओ विनीत कुमार यादव का कहना है कि मामला गंभीर है। प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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