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बांसी में ऊफान, गांवों में घुसा पानी
kushinagar
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:32 PM IST
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अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
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दुदही/गौरीश्रीराम। बांसी नदी में उफान से दुदही क्षेत्र के गौरीजगदीश गांव का टोला सिसवनिया और बिंद चारों तरफ से पानी से घिर गया है। जिसकी वजह से यहां के लोगों को घरों से निकलने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। सबसे अधिक परेशानी बच्चो को हो रही है और वह स्कूल तक नहीं जा पा रहे है। किसानों की फसल भी जनमग्न हो गई और संक्रामक बीमारियों के पांव पसारने का भी खतरा बढ़ गया है।
सिसवनिया गांव सबसे अधिक प्रभावित है। यहां की दलित बस्ती में अब तक कोई शौचालय नहीं बना है और पानी के चलते काफी लोग संक्रमण से बीमार हो गए है।गांव में बीमार लोगों की इलाज अथवा नित्य क्रिया को जाने के लिए महिलाएं, पुरुष,कमर से अधिक पानी से होकर गुजरते है। कई दिनों से छात्र- छात्राओं की पढ़ाई बंद हो गई है।लोग अपने घरों में दिन-रात गुजार रहे है। छोटे बच्चों की रखवाली भी कर रहे है। दूषित हो चुके पानी को पीने की विवशता है। लोगों ने बताया कि गांव के बैजनाथ, ऋतिक, बिलरी, सरोज, दिनेश समेत कई लोग बीमार है। एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि अभी तक जानकारी नहीं थी। वहां राजस्व टीम भेज कर समस्याए पता कराएंगे और जो समस्याएं होगी उसे दूर कराएंगे। सीएमओ डॉ हरिचरण ने बताया कि तत्काल प्रभारी चिकित्साधिकारी को गांव में पहुंच कर कैंप लगा कर इलाज कराने का निर्देश दे रहा हूं।
विधायक अजय कुमार लल्लू का कहना है कि इस मामले को विधान सभा में उठाने के साथ- साथ अधिकारियों से भी अवगत करा चुके है, लेकिन पीड़ितो की समस्याएं निस्तारित नहीं हो रही है।क़रीब आधा दर्जन गांव के 50 हजार एकड़ से अधिक फ़सल जलमग्न हो गया है ।अगर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सड़क से सदन तक जल्द आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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सिसवनिया गांव सबसे अधिक प्रभावित है। यहां की दलित बस्ती में अब तक कोई शौचालय नहीं बना है और पानी के चलते काफी लोग संक्रमण से बीमार हो गए है।गांव में बीमार लोगों की इलाज अथवा नित्य क्रिया को जाने के लिए महिलाएं, पुरुष,कमर से अधिक पानी से होकर गुजरते है। कई दिनों से छात्र- छात्राओं की पढ़ाई बंद हो गई है।लोग अपने घरों में दिन-रात गुजार रहे है। छोटे बच्चों की रखवाली भी कर रहे है। दूषित हो चुके पानी को पीने की विवशता है। लोगों ने बताया कि गांव के बैजनाथ, ऋतिक, बिलरी, सरोज, दिनेश समेत कई लोग बीमार है। एसडीएम प्रमोद कुमार ने बताया कि अभी तक जानकारी नहीं थी। वहां राजस्व टीम भेज कर समस्याए पता कराएंगे और जो समस्याएं होगी उसे दूर कराएंगे। सीएमओ डॉ हरिचरण ने बताया कि तत्काल प्रभारी चिकित्साधिकारी को गांव में पहुंच कर कैंप लगा कर इलाज कराने का निर्देश दे रहा हूं।
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विधायक अजय कुमार लल्लू का कहना है कि इस मामले को विधान सभा में उठाने के साथ- साथ अधिकारियों से भी अवगत करा चुके है, लेकिन पीड़ितो की समस्याएं निस्तारित नहीं हो रही है।क़रीब आधा दर्जन गांव के 50 हजार एकड़ से अधिक फ़सल जलमग्न हो गया है ।अगर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो सड़क से सदन तक जल्द आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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