{"_id":"5b33d16c4f1c1bb1508b4c36","slug":"181530122604-kushinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पडरौना में सफाई व्यवस्था बदतर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पडरौना में सफाई व्यवस्था बदतर
kushinagar
Updated Wed, 27 Jun 2018 11:37 PM IST
विज्ञापन
अमर उजाला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पडरौना। स्वच्छता सर्वेक्षण में कुशीनगर जिले की तीन नगर पालिका व चार नगर पंचायतों में सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। इन सभी को काफी खराब रैंकिंग मिली है। जिले की सबसे पुरानी नगर पालिका पडरौना को तो एक हजार की सूची में भी जगह नहीं मिल पाई है। दो वर्ष पहले नगर पालिका बने हाटा को 321वीं और कुशीनगर को 552वीं रैंक मिली है। नगर पंचायतों की स्थिति भी खराब है। खड्डा को 334वीं, कप्तानगंज को 718वीं, रामकोला को 798वीं और सेवरही को 878वीं रैंक हासिल हुई है।
केंद्र सरकार की ओर से पिछले तीन वर्षों से एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में स्वच्छ सर्वेक्षण कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर शहरों की रेटिंग होती है। फिर इन शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में चिन्हित कर विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जानी है। कुशीनगर जिले में तीन नगर पालिका पडरौना, कुशीनगर व हाटा तथा चार नगर पंचायतें कप्तानगंज, रामकोला, खड्डा व सेवरही हैं। सभी सात नगरीय निकायों की आबादी एक लाख से कम है। यहां फरवरी-मार्च में स्वच्छता सर्वेक्षण कराया गया था। इसमें कूड़ा निस्तारण, जल प्रबंधन, स्कूलों में शौचालय एवं सफाई, घरों में बने व्यक्तिगत शौचालयों के उपयोग तथा सफाई समेत 12 बिंदुओं पर नंबर दिए गए थे। इस नंबर के आधार पर रैकिंग की गई है।
चार दिन पहले संबंधित मंत्रालय की वेबसाइट पर इसके आंकड़े सार्वजनिक किए गए। कुशीनगर जनपद नार्थ जोन की सूची में है। आश्चर्य की बात यह है कि 1008 शहरों की इस सूची में पडरौना नगर पालिका को कोई रैंक हासिल नहीं हुई है। कुशीनगर नगर पालिका को 1281 अंक और 552वीं रैंक मिली है तो हाटा नगर पालिका को 1491 अंक के साथ 321वीं रैंक हासिल हुई है। नगर पंचायतों के मामले में खड्डा को 1483 अंक के साथ 334ववीं रैंक मिली है। इसके अलावा रामकोला को 1063 नंबर के साथ 798वीं रैंक, सेवरही को 958 नंबर के साथ 878वीं रैंक व कप्तानगंज नगर पंचायत को 1133 नंबर के साथ 718वीं रैंक मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
केंद्र सरकार की ओर से पिछले तीन वर्षों से एक लाख से कम आबादी वाले शहरों में स्वच्छ सर्वेक्षण कराया जा रहा है। सर्वे के आधार पर शहरों की रेटिंग होती है। फिर इन शहरों को स्मार्ट सिटी के रूप में चिन्हित कर विकसित करने की कार्ययोजना बनाई जानी है। कुशीनगर जिले में तीन नगर पालिका पडरौना, कुशीनगर व हाटा तथा चार नगर पंचायतें कप्तानगंज, रामकोला, खड्डा व सेवरही हैं। सभी सात नगरीय निकायों की आबादी एक लाख से कम है। यहां फरवरी-मार्च में स्वच्छता सर्वेक्षण कराया गया था। इसमें कूड़ा निस्तारण, जल प्रबंधन, स्कूलों में शौचालय एवं सफाई, घरों में बने व्यक्तिगत शौचालयों के उपयोग तथा सफाई समेत 12 बिंदुओं पर नंबर दिए गए थे। इस नंबर के आधार पर रैकिंग की गई है।
विज्ञापन
चार दिन पहले संबंधित मंत्रालय की वेबसाइट पर इसके आंकड़े सार्वजनिक किए गए। कुशीनगर जनपद नार्थ जोन की सूची में है। आश्चर्य की बात यह है कि 1008 शहरों की इस सूची में पडरौना नगर पालिका को कोई रैंक हासिल नहीं हुई है। कुशीनगर नगर पालिका को 1281 अंक और 552वीं रैंक मिली है तो हाटा नगर पालिका को 1491 अंक के साथ 321वीं रैंक हासिल हुई है। नगर पंचायतों के मामले में खड्डा को 1483 अंक के साथ 334ववीं रैंक मिली है। इसके अलावा रामकोला को 1063 नंबर के साथ 798वीं रैंक, सेवरही को 958 नंबर के साथ 878वीं रैंक व कप्तानगंज नगर पंचायत को 1133 नंबर के साथ 718वीं रैंक मिली है।
विज्ञापन