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छोटी गंडक भी उफनाई, आस-पास के गांवों में पानी घुसा
Updated Sun, 20 Aug 2017 05:51 PM IST
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कुशीनगर। बड़ी गंडक नदी से खतरा टलने के बाद अब छोटी गंडक और मवन नाले के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का संकट मंडरा रहा है। छोटी गंडक के किनारे बसे कई गांवों में नदी का पानी प्रवेश कर गया है। इतना ही नहीं, इन गांवों के किसानों की फसलें भी बाढ़ के पानी में डूब गई हैं।
छोटी गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद रामकोला थाना क्षेत्र के खोटही, पगार, सिधावट, रगड़गंज, मठिया उर्फ अकटहां और फरदहां सहित कई गांवों के पुरवों में बाढ़ का पानी भर गया है। इसकी वजह से लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी बढ़ने के कारण सांप और अन्य विषैले कीट भी लोगों के घरों में पहुंच जा रहे हैं, जिससे खतरा बना हुआ है। इसके अलावा छोटी गंडक नदी के उफनाने से इन गांवों के किसानों की धान, मक्का, गन्ना सहित अन्य फसलें भी पानी में डूब गई हैं। पिछले वर्ष सूखे की मार झेल चुके किसानों को अब बाढ़ का खतरा सताने लगा है। उन्हें आशंका है कि जल्द ही पानी नहीं हटा तो उनकी फसल नष्ट हो जाएगी। इसके अलावा पशुपालकों को अपने मवेशियों के लिए चारे की चिंता सता रही है।
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छोटी गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद रामकोला थाना क्षेत्र के खोटही, पगार, सिधावट, रगड़गंज, मठिया उर्फ अकटहां और फरदहां सहित कई गांवों के पुरवों में बाढ़ का पानी भर गया है। इसकी वजह से लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पानी बढ़ने के कारण सांप और अन्य विषैले कीट भी लोगों के घरों में पहुंच जा रहे हैं, जिससे खतरा बना हुआ है। इसके अलावा छोटी गंडक नदी के उफनाने से इन गांवों के किसानों की धान, मक्का, गन्ना सहित अन्य फसलें भी पानी में डूब गई हैं। पिछले वर्ष सूखे की मार झेल चुके किसानों को अब बाढ़ का खतरा सताने लगा है। उन्हें आशंका है कि जल्द ही पानी नहीं हटा तो उनकी फसल नष्ट हो जाएगी। इसके अलावा पशुपालकों को अपने मवेशियों के लिए चारे की चिंता सता रही है।
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