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Kushinagar News: 178 स्कूलों का होगा विलय दूसरे स्कूलों में पढ़ेंगे बच्चे
Wed, 09 Jul 2025 12:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Wed, 09 Jul 2025 12:07 AM IST
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पडरौना। 50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को पास के स्कूलों में एकीकरण करने की कवायद लगातार चल रही है। जिले में कुल 178 परिषदीय स्कूलों के विलय के आदेश जारी किए जा चुके हैं। वहीं, शिक्षक नेता इस एकीकरण नीति को गलत बताते हुए नीति में बदलाव के लिए सरकार से वार्ता करने की बात कह रहे हैं।
बेसिक शिक्षा के अधीन जिले में जिले में 2464 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। सरकार की मंशा के अनुरूप कम व अपर्याप्त छात्र संख्या वाले स्कूलों को नजदीकी स्कूलों में एकीकृत किया जा रहा है। यानी ऐसे स्कूली के बच्चे अब नजदीकी दूसरे स्कूलों में शिक्षा लेंगे।
यहां के अध्यापकों को भी उसी स्कूल में जाना होगा। शिक्षा को अधिक प्रभावी करने के लिए सरकार ने कम संख्या वाले स्कूलों को नजदीक के स्कूलों में एकीकरण किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए संबंधित ब्लॉक के बीईओ को प्रस्ताव दिए जाने के लिए निर्देश दिए गए थे। शुरुआती चरण में पहले 102 स्कूलों का प्रस्ताव मिला था। इसके अलावा बीते सप्ताह 78 स्कूलों के एकीकरण के आदेश जारी कर दिए गए है।
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जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ अविनाश शुक्ल ने बताया कि पेयरिंग की व्यवस्था में कई तरह की खामी है, जिससे छात्रों को और शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। संगठन बेसिक शिक्षा मंत्री समेत मुख्यमंत्री के समक्ष भी मामले को रखने के लिए प्रयासरत है। मर्जर पर हाईकोर्ट के फैसले पर विधिक राय ली जा रही है।
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बेसिक शिक्षा के अधीन जिले में जिले में 2464 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। सरकार की मंशा के अनुरूप कम व अपर्याप्त छात्र संख्या वाले स्कूलों को नजदीकी स्कूलों में एकीकृत किया जा रहा है। यानी ऐसे स्कूली के बच्चे अब नजदीकी दूसरे स्कूलों में शिक्षा लेंगे।
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यहां के अध्यापकों को भी उसी स्कूल में जाना होगा। शिक्षा को अधिक प्रभावी करने के लिए सरकार ने कम संख्या वाले स्कूलों को नजदीक के स्कूलों में एकीकरण किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए संबंधित ब्लॉक के बीईओ को प्रस्ताव दिए जाने के लिए निर्देश दिए गए थे। शुरुआती चरण में पहले 102 स्कूलों का प्रस्ताव मिला था। इसके अलावा बीते सप्ताह 78 स्कूलों के एकीकरण के आदेश जारी कर दिए गए है।
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जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ अविनाश शुक्ल ने बताया कि पेयरिंग की व्यवस्था में कई तरह की खामी है, जिससे छात्रों को और शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। संगठन बेसिक शिक्षा मंत्री समेत मुख्यमंत्री के समक्ष भी मामले को रखने के लिए प्रयासरत है। मर्जर पर हाईकोर्ट के फैसले पर विधिक राय ली जा रही है।