{"_id":"5b7ef7ca42c7924639037093","slug":"171535047626-kushinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सपहीं टड़वा के हैं होमियोपैथिक और आयुर्वेदिक अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सपहीं टड़वा के हैं होमियोपैथिक और आयुर्वेदिक अस्पताल
Updated Thu, 23 Aug 2018 11:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिकित्सकों की तैनाती नहीं, फार्मासिस्ट के भरोसे इलाज
अमर उजाला ब्यूरो
गुरवलिया बाजार। तमकुही क्षेत्र के सपहीं टड़वा में संचालित राजकीय आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथ अस्पताल में कोई चिकित्सक तैनात नहीं है। यह दोनों अस्पताल पंचायत भवन में संचालित होते हैं। यहां लोगों का इलाज भी फार्मासिस्ट के भरोसे हो रहा है।
सपहीं टड़वा पूर्व में अंबेडकर गांव रह चुका है। यहां मुसहर और दलित समाज के लोगों की बहुलता है। ग्रामीणों के इलाज के लिए आयुर्वेदिक व होम्योपैथ अस्पताल स्थापित हैं, लेकिन दोनों अस्पतालों का अपना भवन न होने के चलते आयुर्वेदिक अस्पताल गांव के पंचायत भवन में संचालित होता है। यहां कई वर्षों से चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण लोगों का इलाज फार्मासिस्ट के भरोसे किया जा रहा है।
राजकीय होम्योपैथ चिकित्सालय का अपना भवन नहीं है। इसके लिए जमीन भी उपलब्ध नहीं है। यह अस्पताल गांव से दो किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरवा राजपाकड़ के सीताराम चौराहा स्थित खाद व बीज वितरण केंद्र में किराए पर संचालित होता है। इस गांव के लोगों ने बताया कि चिकित्सक तैनात न होने से इलाज में उन्हें काफी दिक्कतें होती हैं।
विज्ञापन
जिला पंचायत सदस्य संजय पासवान, प्रधान सीमा गौतम, विजय भारती, रामसकल यादव, भोला गोंड, रामवचन गुप्ता, विजय गोंड आदि ने दोनों अस्पतालों के लिए अपना भवन चिकित्सकों की तैनाती की मांग की है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरवलिया बाजार। तमकुही क्षेत्र के सपहीं टड़वा में संचालित राजकीय आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथ अस्पताल में कोई चिकित्सक तैनात नहीं है। यह दोनों अस्पताल पंचायत भवन में संचालित होते हैं। यहां लोगों का इलाज भी फार्मासिस्ट के भरोसे हो रहा है।
सपहीं टड़वा पूर्व में अंबेडकर गांव रह चुका है। यहां मुसहर और दलित समाज के लोगों की बहुलता है। ग्रामीणों के इलाज के लिए आयुर्वेदिक व होम्योपैथ अस्पताल स्थापित हैं, लेकिन दोनों अस्पतालों का अपना भवन न होने के चलते आयुर्वेदिक अस्पताल गांव के पंचायत भवन में संचालित होता है। यहां कई वर्षों से चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण लोगों का इलाज फार्मासिस्ट के भरोसे किया जा रहा है।
विज्ञापन
राजकीय होम्योपैथ चिकित्सालय का अपना भवन नहीं है। इसके लिए जमीन भी उपलब्ध नहीं है। यह अस्पताल गांव से दो किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरवा राजपाकड़ के सीताराम चौराहा स्थित खाद व बीज वितरण केंद्र में किराए पर संचालित होता है। इस गांव के लोगों ने बताया कि चिकित्सक तैनात न होने से इलाज में उन्हें काफी दिक्कतें होती हैं।
विज्ञापन
जिला पंचायत सदस्य संजय पासवान, प्रधान सीमा गौतम, विजय भारती, रामसकल यादव, भोला गोंड, रामवचन गुप्ता, विजय गोंड आदि ने दोनों अस्पतालों के लिए अपना भवन चिकित्सकों की तैनाती की मांग की है।