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जेई के साथ आर्किटेक्ट ने नदी पर पहुंचकर देखी साइट
Updated Sun, 16 Jul 2017 11:43 PM IST
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कुशीनगर। पौराणिक महत्व की हिरण्यवती नदी का अब कायाकल्प होने वाला है। इसके लिए कसाडा ने कमर कस ली है। सैलानियों को आकर्षित करने और इस नदी के महत्व को कायम रखने के लिए कुशीनगर में एनएच 28 और एनएच 28बी के बीच एक सुंदर पार्क बनाए जाने की कवायद शुरू हो गई है।
नदी के किनारे पार्क निर्माण के लिए कसाडा के जेई महेश कुमार गौतम व आर्किटेक्ट ने नदी पर पहुंचकर प्रस्तावित स्थल का नक्शे से मिलान किया। नदी के किनारे अलग-अलग स्थानों पर कराए जाने वाले निर्माण के बारे में करीब एक घंटे तक दोनों आपस में बातचीत करके स्थिति को स्पष्ट करने में जुटे रहे। जेई ने बताया कि नदी के किनारे अभी एक आकर्षक पार्क व लोगों को टहलने के लिए नदी के दोनों किनारे पर पाथ वे बनाए जाने की योजना है। इसके अलावा आर्किटेक्ट ने बताया कि नदी के किनारे निर्माणाधीन स्थल की चहारदीवारी और लैंड स्केपिंग कराई जाएगी। वहीं नदी के किनारे प्रस्तावित पार्क व नदी को आकर्षक बनाने के लिए सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। उन्होंने इनमें व्यय होने वाली रकम व निर्माण के एरिया के बारे में जानकारी देने में समय लगने की बात कही। इसके पूर्व भी नदी के पौराणिक व पर्यटन के महत्व को देखते हुए नदी के किनारे सुंदरीकरण किए जाने की कवायद प्रशासनिक अधिकारियों और समाजसेवियों की ओर से की जाती रही है, लेकिन पूर्व में प्रस्तावित योजनाएं मूर्त रूप नहीं ले सकीं। नदी की सफाई, जल संचयन के लिए खुदाई, पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पाथ वे बनाने सहित बड़े स्तर पर पौधरोपण कराने की योजनाएं बनाई जाती रही हैं। जिले के कई अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता सुब्बाराव तक इस नदी के किनारे फावड़ा चला चुके हैं।
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नदी के किनारे पार्क निर्माण के लिए कसाडा के जेई महेश कुमार गौतम व आर्किटेक्ट ने नदी पर पहुंचकर प्रस्तावित स्थल का नक्शे से मिलान किया। नदी के किनारे अलग-अलग स्थानों पर कराए जाने वाले निर्माण के बारे में करीब एक घंटे तक दोनों आपस में बातचीत करके स्थिति को स्पष्ट करने में जुटे रहे। जेई ने बताया कि नदी के किनारे अभी एक आकर्षक पार्क व लोगों को टहलने के लिए नदी के दोनों किनारे पर पाथ वे बनाए जाने की योजना है। इसके अलावा आर्किटेक्ट ने बताया कि नदी के किनारे निर्माणाधीन स्थल की चहारदीवारी और लैंड स्केपिंग कराई जाएगी। वहीं नदी के किनारे प्रस्तावित पार्क व नदी को आकर्षक बनाने के लिए सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। उन्होंने इनमें व्यय होने वाली रकम व निर्माण के एरिया के बारे में जानकारी देने में समय लगने की बात कही। इसके पूर्व भी नदी के पौराणिक व पर्यटन के महत्व को देखते हुए नदी के किनारे सुंदरीकरण किए जाने की कवायद प्रशासनिक अधिकारियों और समाजसेवियों की ओर से की जाती रही है, लेकिन पूर्व में प्रस्तावित योजनाएं मूर्त रूप नहीं ले सकीं। नदी की सफाई, जल संचयन के लिए खुदाई, पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पाथ वे बनाने सहित बड़े स्तर पर पौधरोपण कराने की योजनाएं बनाई जाती रही हैं। जिले के कई अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता सुब्बाराव तक इस नदी के किनारे फावड़ा चला चुके हैं।
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