{"_id":"5b5f55c04f1c1b1e308b7dc1","slug":"161532974528-kushinagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में कई जगह कटान से बढ़ा खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में कई जगह कटान से बढ़ा खतरा
Updated Mon, 30 Jul 2018 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में कई जगह कटान से बढ़ा खतरा
गंडक नदी का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक से ऊपर पहुंचा
लगातार बारिश के चलते बचाव कार्य में आ रही है दिक्कत
सहमे हुए हैं लोग, जलस्तर बढ़ा तो तबाही मचा देगी गंडक
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। लगातार बारिश से हालांकि गंडक नदी के डिस्चार्ज पर बहुत ज्यादा असर तो नहीं पड़ा है लेकिन नदी छितौनी से लेकर एपी तटबंध तक कई जगह किनारों को काट रही है। बाढ़ खंड विभाग को बजट की कमी और बारिश के चलते बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है। कटान से सहमे लोगों को आशंका है कि नदी का जलस्तर डेढ़ लाख क्यूसेक से ऊपर गया तो तबाही मच जाएगी।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार गंडक नदी अहिरौलीदान गांव में महीने भर से कटान कर रही है। बचाव का कोई उपाय नहीं देख यहां के लोग अपना सामान दूसरी जगह भेज चुके हैं। नदी क्षेत्र में स्थित कचहरी टोला, नोनियापट्टी, खैरखुटा, मदुरही और डीह टोला का वजूद खतरे में है। सोमवार को एसडीएम त्रिभुवन तथा पूर्व विधायक नंदकिशोर मिश्र ने एपी तटबंध पर जंगलीपट्टी के सामने हो रहे कटान का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि बचाव कार्य में बोल्डर का प्रयोग किया जा रहा है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है।
विज्ञापन
गंडक नदी का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक से ऊपर पहुंचा
लगातार बारिश के चलते बचाव कार्य में आ रही है दिक्कत
सहमे हुए हैं लोग, जलस्तर बढ़ा तो तबाही मचा देगी गंडक
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। लगातार बारिश से हालांकि गंडक नदी के डिस्चार्ज पर बहुत ज्यादा असर तो नहीं पड़ा है लेकिन नदी छितौनी से लेकर एपी तटबंध तक कई जगह किनारों को काट रही है। बाढ़ खंड विभाग को बजट की कमी और बारिश के चलते बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है। कटान से सहमे लोगों को आशंका है कि नदी का जलस्तर डेढ़ लाख क्यूसेक से ऊपर गया तो तबाही मच जाएगी।
तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार गंडक नदी अहिरौलीदान गांव में महीने भर से कटान कर रही है। बचाव का कोई उपाय नहीं देख यहां के लोग अपना सामान दूसरी जगह भेज चुके हैं। नदी क्षेत्र में स्थित कचहरी टोला, नोनियापट्टी, खैरखुटा, मदुरही और डीह टोला का वजूद खतरे में है। सोमवार को एसडीएम त्रिभुवन तथा पूर्व विधायक नंदकिशोर मिश्र ने एपी तटबंध पर जंगलीपट्टी के सामने हो रहे कटान का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि बचाव कार्य में बोल्डर का प्रयोग किया जा रहा है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रखे हुए है।
विज्ञापन