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बड़ी गंडक का जलस्तर बढ़ा
Updated Sun, 13 Aug 2017 06:43 PM IST
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खड्डा (कुशीनगर)। नेपाल की पहाड़ियों पर हो रही लगातार बारिश के चलते रविवार को दोपहर में बड़ी गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज 4.28 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया। बड़ी गंडक के खतरे के निशान पर पहुंच जाने से नदी के उस पार बसे उत्तर प्रदेश और बिहार के कई गांवों के सैकड़ों लोगों का सड़क से संपर्क पूरी तरह कट गया है। इस वजह से छितौनी बांध, नौतार बांध, रेलवे लाइन, छितौनी-बगहां रेल पुल पर पानी का दबाव बढ़ता जा रहा है।
हिमालय की पहाड़ियों से निकलकर नेपाल के रास्ते कुशीनगर जनपद से होकर गुजरने वाली बड़ी गंडक नदी ने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया है। नेपाल में लगातार हो रही बारिश के चलते वाल्मीकि बैराज से नदी में रविवार दोपहर दो बजे 372800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नदी में बढ़ने से भैंसहां गेज स्थल पर जलस्तर दोपहर दो बजे खतरे के बिंदु 96.00 मीटर से मात्र पांच सेंटीमीटर नीचे 95.95 मीटर पहुंच गया था। शाम चार बजे इसमें और अधिक वृद्घि दर्ज की गई। वाल्मीकि बैराज से डिस्चार्ज 4.28 लाख क्यूसेक रिकार्ड किया गया, वहीं भैसहां गेज पर नदी का जलस्तर खतरे के बिंदु 96.00 मीटर था। उसके बाद भी नदी के जलस्तर में वृद्घि होती रही।
एनएच 28बी के रास्ते बिहार के जंगलों को पार कर सोहगीबरवा, मरचहवा, बसंतपुर गांवों को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई है। मरचहवा दक्षिण टोला, पूरब टोला, उत्तर टोला और बसंतपुर गांव में पूरी तरह बाढ़ का पानी घुस गया है और इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। कुशीनगर और महराजगंज जनपद के नदी उस पार के छह से अधिक गांवों के अलावा बिहार के सेमरा लंबेदहा पंचायत के श्रीपतनगर, भैसहिया, भुजही, पिपरासी, नौरंगिया, मदनपुर, भेड़िहारी आदि गांवों में भी बाढ़ का पानी भरने लगा है।
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गांववालों के मुताबिक कई बार मांग करने पर किसी तरह लेखपाल ने दो नाव लगवाने को कहा है। आधे गांव का संपर्क टूट गया है। पूरे इलाके में एक मात्र सोहगीबरवा ऊंचा स्थान है, लेकिन उसके चारों तरफ पानी भरा हुआ है। बसंतपुर-मरचहवा मार्ग व बसंतपुर-सोहगीबरवा मार्ग पर पांच से सात फीट पानी तेजी से बह रहा है। शिवपुर गांव का जंगल टोला पूरी तरह जलमग्न है। यहां के लोग स्कूल में शरण ले रहे हैं, लेकिन स्कूल में भी पानी भरने लगा है।
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डीएम के दौरे से भी मिली थी निराशा
खड्डा। मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर आदि गांवों के लोगों के मुताबिक कुछ दिन पहले डीएम दौरा करने आए थे। उन्हें उम्मीद थी कि कुछ सहायता मिल जाएगी। उन्हें सहायता तो नहीं मिली, अलबत्ता फटकार, दुत्कार जरूर मिली। लोगों के मुताबिक डीएम की नजर में यहां की समस्या बहुत मामूली दिखी। शिवपुर के प्रधान ने अपनी बात कहनी चाही तो उन्हें डांटकर कस्टडी में ले लिया गया। काफी मानमनौवल पर छोड़ा गया।
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हिमालय की पहाड़ियों से निकलकर नेपाल के रास्ते कुशीनगर जनपद से होकर गुजरने वाली बड़ी गंडक नदी ने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया है। नेपाल में लगातार हो रही बारिश के चलते वाल्मीकि बैराज से नदी में रविवार दोपहर दो बजे 372800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नदी में बढ़ने से भैंसहां गेज स्थल पर जलस्तर दोपहर दो बजे खतरे के बिंदु 96.00 मीटर से मात्र पांच सेंटीमीटर नीचे 95.95 मीटर पहुंच गया था। शाम चार बजे इसमें और अधिक वृद्घि दर्ज की गई। वाल्मीकि बैराज से डिस्चार्ज 4.28 लाख क्यूसेक रिकार्ड किया गया, वहीं भैसहां गेज पर नदी का जलस्तर खतरे के बिंदु 96.00 मीटर था। उसके बाद भी नदी के जलस्तर में वृद्घि होती रही।
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एनएच 28बी के रास्ते बिहार के जंगलों को पार कर सोहगीबरवा, मरचहवा, बसंतपुर गांवों को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई है। मरचहवा दक्षिण टोला, पूरब टोला, उत्तर टोला और बसंतपुर गांव में पूरी तरह बाढ़ का पानी घुस गया है और इसमें लगातार वृद्धि हो रही है। कुशीनगर और महराजगंज जनपद के नदी उस पार के छह से अधिक गांवों के अलावा बिहार के सेमरा लंबेदहा पंचायत के श्रीपतनगर, भैसहिया, भुजही, पिपरासी, नौरंगिया, मदनपुर, भेड़िहारी आदि गांवों में भी बाढ़ का पानी भरने लगा है।
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गांववालों के मुताबिक कई बार मांग करने पर किसी तरह लेखपाल ने दो नाव लगवाने को कहा है। आधे गांव का संपर्क टूट गया है। पूरे इलाके में एक मात्र सोहगीबरवा ऊंचा स्थान है, लेकिन उसके चारों तरफ पानी भरा हुआ है। बसंतपुर-मरचहवा मार्ग व बसंतपुर-सोहगीबरवा मार्ग पर पांच से सात फीट पानी तेजी से बह रहा है। शिवपुर गांव का जंगल टोला पूरी तरह जलमग्न है। यहां के लोग स्कूल में शरण ले रहे हैं, लेकिन स्कूल में भी पानी भरने लगा है।
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डीएम के दौरे से भी मिली थी निराशा
खड्डा। मरचहवा, बसंतपुर, शिवपुर आदि गांवों के लोगों के मुताबिक कुछ दिन पहले डीएम दौरा करने आए थे। उन्हें उम्मीद थी कि कुछ सहायता मिल जाएगी। उन्हें सहायता तो नहीं मिली, अलबत्ता फटकार, दुत्कार जरूर मिली। लोगों के मुताबिक डीएम की नजर में यहां की समस्या बहुत मामूली दिखी। शिवपुर के प्रधान ने अपनी बात कहनी चाही तो उन्हें डांटकर कस्टडी में ले लिया गया। काफी मानमनौवल पर छोड़ा गया।