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निलंबित होने वाले लेखपाल संघ के पदाधिकारी हैं
Updated Sun, 15 Jul 2018 11:12 PM IST
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जिला प्रशासन ने बाकी लेखपालों को नोटिस दिया
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल में शामिल उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के 58 पदाधिकारियों को जिला प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। बाकी लेखपालों को नोटिस दे दिया गया है। निवास प्रमाण पत्र के लिए लंबित आवेदन पत्रों के सत्यापन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत सचिवों तथा ग्राम विकास अधिकारियों को दी गई है, जबकि जाति और आय का सत्यापन कानूनगो करेंगे।
बता दें कि वेतन और पेंशन विसंगति दूर करने, लैपटॉप एवं स्मार्ट फोन देने, भत्तों में वृद्घि, प्रोन्नति सहित आठ मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर जिले के सभी लेखपाल चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। इन दिनों लेखपालों ने पूर्णतया कार्य बहिष्कार कर दिया है। जिससे आम लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं। एडीएम कृष्णलाल तिवारी ने बताया कि लेखपालों की हड़ताल के चलते सर्वाधिक काम जाति, आय और निवास प्रमाण पत्रों का बाधित हुआ है। इसके लिए आवेदन कर रहे लोग हर दिन जनपद की सभी छह तहसीलों का चक्कर लगा रहे हैं।
एडीएम ने बताया कि पडरौना तहसील के पांच, हाटा के आठ, कसया के सात, तमकुहीराज के पांच, कप्तानगंज के 25 और खड्डा के आठ सहित 58 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। ये सभी लेखपाल संघ के पदाधिकारी हैं। चूंकि खड्डा के तीन लेखपाल कार्यालय से अटैच हैं, इसलिए उनका निलंबन नहीं हुआ है। अन्य को नोटिस दिया गया है। उन्होंने बताया कि निवास प्रमाण पत्रों के लंबित आवेदनों के निस्तारण के लिए ग्राम पंचायत अधिकारियों एवं ग्राम विकास अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि आय और जाति प्रमाण पत्रों के आवेदनों का सत्यापन संबंधित कानूनगो करेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल में शामिल उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के 58 पदाधिकारियों को जिला प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। बाकी लेखपालों को नोटिस दे दिया गया है। निवास प्रमाण पत्र के लिए लंबित आवेदन पत्रों के सत्यापन की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत सचिवों तथा ग्राम विकास अधिकारियों को दी गई है, जबकि जाति और आय का सत्यापन कानूनगो करेंगे।
बता दें कि वेतन और पेंशन विसंगति दूर करने, लैपटॉप एवं स्मार्ट फोन देने, भत्तों में वृद्घि, प्रोन्नति सहित आठ मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर जिले के सभी लेखपाल चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। इन दिनों लेखपालों ने पूर्णतया कार्य बहिष्कार कर दिया है। जिससे आम लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं। एडीएम कृष्णलाल तिवारी ने बताया कि लेखपालों की हड़ताल के चलते सर्वाधिक काम जाति, आय और निवास प्रमाण पत्रों का बाधित हुआ है। इसके लिए आवेदन कर रहे लोग हर दिन जनपद की सभी छह तहसीलों का चक्कर लगा रहे हैं।
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एडीएम ने बताया कि पडरौना तहसील के पांच, हाटा के आठ, कसया के सात, तमकुहीराज के पांच, कप्तानगंज के 25 और खड्डा के आठ सहित 58 लेखपालों को निलंबित कर दिया गया है। ये सभी लेखपाल संघ के पदाधिकारी हैं। चूंकि खड्डा के तीन लेखपाल कार्यालय से अटैच हैं, इसलिए उनका निलंबन नहीं हुआ है। अन्य को नोटिस दिया गया है। उन्होंने बताया कि निवास प्रमाण पत्रों के लंबित आवेदनों के निस्तारण के लिए ग्राम पंचायत अधिकारियों एवं ग्राम विकास अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि आय और जाति प्रमाण पत्रों के आवेदनों का सत्यापन संबंधित कानूनगो करेंगे।
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