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नोनियापट्टी, कचहरी टोला में कटान तेज
Updated Sun, 10 Sep 2017 06:47 PM IST
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कुशीनगर। बड़ी गंडक नदी का अहिरौलीदान गांव के नोनिया पट्टी और कचहरी टोला में कटान तेज होने से लोगों की समस्या बढ़ गई है। वाल्मीकि नगर बैराज से बड़ी गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज कम होने के बावजूद भी कटान कम नहीं हो रहा है। उधर, तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के नोनिया पट्टी और कचहरी टोला में कटान तेज होने से यहां के लोगों के पलायन का सिलसिला रविवार को भी जारी रहा। कटान के चलते एक पक्का मकान बड़ी गंडक में ढह गया तथा अन्य घरों को लोग तोड़ने में लगे रहे।
वाल्मीकि नगर बैराज से बड़ी गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज अब 70 हजार क्यूसेक से भी कम हो गया है। फिर भी तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के अहिरौलीदान गांव के नोनिया पट्टी और कचहरी टोला की उपजाऊ भूमि को काटती हुई नदी घरों को भी क्षति पहुंचाने लगी है। शनिवार को योगेंद्र का पक्का मकान कट गया तो रविवार को राम बैठा, जिनका परिवार दिल्ली में रहता है, वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि पट्टीदारों ने मकान को ध्वस्त होने से पहले उसमें रखे सभी सामान निकालकर अन्यत्र हटा दिया था। यही नहीं, अब तक 20-25 परिवार अपना सामान और भवनों का अवशेष लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। कटान थमने की अभी उम्मीद नहीं दिख रही है। इस गांव के दीनानाथ सिंह, रामचंद्र गोंड, पहवारी राम, सुरेंद्र सिंह, विरेंद्र आदि ने तहसील प्रशासन से बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने की मांग की है। इस संबंध में तहसीलदार रामप्यारे का कहना है कि कटान से प्रभावित लोगों की सूची तैयार की जा रही है। क्षति के आधार पर उनकी मदद की जाएगी।
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वाल्मीकि नगर बैराज से बड़ी गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज अब 70 हजार क्यूसेक से भी कम हो गया है। फिर भी तमकुहीराज तहसील क्षेत्र के अहिरौलीदान गांव के नोनिया पट्टी और कचहरी टोला की उपजाऊ भूमि को काटती हुई नदी घरों को भी क्षति पहुंचाने लगी है। शनिवार को योगेंद्र का पक्का मकान कट गया तो रविवार को राम बैठा, जिनका परिवार दिल्ली में रहता है, वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि पट्टीदारों ने मकान को ध्वस्त होने से पहले उसमें रखे सभी सामान निकालकर अन्यत्र हटा दिया था। यही नहीं, अब तक 20-25 परिवार अपना सामान और भवनों का अवशेष लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। कटान थमने की अभी उम्मीद नहीं दिख रही है। इस गांव के दीनानाथ सिंह, रामचंद्र गोंड, पहवारी राम, सुरेंद्र सिंह, विरेंद्र आदि ने तहसील प्रशासन से बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद करने की मांग की है। इस संबंध में तहसीलदार रामप्यारे का कहना है कि कटान से प्रभावित लोगों की सूची तैयार की जा रही है। क्षति के आधार पर उनकी मदद की जाएगी।
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