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डेढ़ सौ एकड़ से अधिक फसल गंडक नदी में विलीन

Wed, 15 Jul 2020 11:45 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jul 2020 11:45 PM IST
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150 acre crop destroy in gandak river
गंडक नदी की कटान से फसल सहित खेत नदी में विलीन हो रहा है। चिंतित किसानों ने बुधवार को नदी से खेत छो? - फोटो : KUSHINAGAR
डेढ़ सौ एकड़ से अधिक फसल गंडक नदी में विलीन
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खड्डा। गंडक नदी के किनारे बसे लोगों की मुसीबत बढ़ती जा रही है। घर के साथ खेत भी नदी में समाने लगे हैं। खड्डा क्षेत्र के महदेवा गांव की डेढ़ सौ एकड़ से ज्यादा फसल नदी में समा गई है। ग्राम प्रधान ने प्रशासन से मदद मांगी है।
गंडक नदी के किनारे बसे खड्डा तहसील क्षेत्र के नदी किनारे बसे महदेवा गांव के किसान बाढ़ की समस्या से जूझ ही रहे थे कि एक और मुसीबत आ गई है। ग्राम प्रधान जितेंद्र, किसान शंभू, हीरा, जुगुल, भोला, जवाहिर, शंकर, नत्थू, हीरा मल्लाह, बदरी, परमेश्वर आदि ने बताया कि उन्होंने बड़ी मेहनत से गन्ना और धान की खेती की थी। कुछ दिनों से नदी ने कटान शुरू कर दिया है। डेढ़ सौ एकड़ से ज्यादा फसलों को नदी बहा ले गई है। अभी भी कटान जारी है। मजबूरी में अपनी फसलों को काटकर पशुओं को खिला रहे हैं। नदी ने अब केले की फसलों को भी निशाने पर ले लिया है। गांव के लोग इसी दियारा की खेती पर आश्रित हैं। प्रधान सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण करते हुए मदद मांगी है। तहसीलदार खड्डा डॉ. एसके राय का कहना है कि राजस्व कर्मचारियों को सर्वे के लिए आदेश दिया गया है। नियम के मुताबिक किसानों की मदद की जाएगी।
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हनुमान कुटी तक पहुंची बांसी नदी
तमकुहीरोड। उफनाई बांसी नदी कस्बे के बाहर हनुमान कुटी तक पहुंच गई है। इसी तरह सेवरही के खलवा टोला और अंत्येष्टि स्थल शिवा घाट जाने वाले मार्ग पर भी पानी आ जाने से लोगों की दिक्कत बढ़ गई है।
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बांसी नदी का पानी तमकुहीरोड कस्बा के बाहर बने हनुमान कुटी के पास पहुंच गया है। यह कुटी बांसी नदी से लगभग 700 मीटर दूरी पर है। यही नहीं बाढ़ का पानी सेवरही के खलवा टोला और अत्येष्टि स्थल शिवा घाट जाने वाली मार्ग पर भी भर गया है। इससे लोगों को आने जाने में दिक्कतें होने लगी हैं। इसके अलावा मलाही टोला, बिनटोलिया, घाट टोला, टिकुलिया, रामपुरपट्टी, सिसवनिया, भुआलपट्टी, कोरपट्टी, मोती टोला सहित कई गांव भी बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। जिला पंचायत सदस्य जुनेद आलम, मुखिया सुरेंद्र यादव, प्रधान व्यास निषाद, मुन्नीलाल चौधरी, आलोक जायसवाल, विकास मिश्र, राजदेव प्रसाद, अजय यादव, बृजेश गौतम ने बांसी नदी के जलस्तर में हो रही वृद्धि पर चिंता जताई है। इनका कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो बांसी नदी के किनारे बसे कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस सकता है।
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