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Kushinagar News: कुशीनगर में 141 गोवंश लंपी की चपेट में, सील की गईं सीमाएं

Sat, 23 Sep 2023 01:19 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर Updated Sat, 23 Sep 2023 01:19 AM IST
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141 cattle in Kushinagar affected by Lumpi, borders sealed
गाय का रोग दिखाते सरेया निवासी बसंत गोंड।
- जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को भी सौंपी गई है जिम्मेदारी
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- जिले में बनाई गई हैं 14 सर्विलांस टीमें, जोनल मजिस्ट्रेट की भी तैनाती
- पडरौना शहर के पशु अस्पताल में बनाया गया है कंट्रोल रूम
कुशीनगर। जिले में 141 गोवंश लंपी वायरस की चपेट में हैं, जबकि 14 गोवंशियों की अब तक मौत हो चुकी है। इससे पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। गोवंशीय पशुओं में लंपी वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए बड़े स्तर पर बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। जनपद की सीमाएं सील कर दी गई हैं। शासन की तरफ से खासतौर पर अपील की गई है कि यहां से न कोई पशु बाहर जाने पाए और न ही बाहर के पशु जिले में आएं, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए।
ब्लॉक स्तर पर 14 सर्विलांस टीमें बनाई गई हैं, जो अपने क्षेत्र के गांवों में भ्रमण कर लंपी वायरस से संक्रमित पशुओं का इलाज कराएंगी, जो चिकित्साधिकारी के नेतृत्व में कार्य कर रही हैं। इसके अलावा तीन मोबाइल वेटनरी एंबुलेंस भी संचालित की जा रही हैं।
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मौजूदा समय में कुशीनगर जिले में 1,65,224 गोवंशीय पशु हैं। लंपी वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए पशुओं के टिकाकरण पर जोर दिया जा रहा है। कुल 1,40,440 पशुओं को इस वायरस का टीका लगाने का लक्ष्य था। इसके लिए 1.40 लाख डोज वैक्सीन प्राप्त हुई। इनमें से 1,16,300 पशुओं को टीका लगाया जा चुका है।
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विभाग की माने तो अब तक जिले के 256 गांवों में 1076 गोवंशीय पशु इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आए हैं। टीकाकरण और इलाज से 921 पशुओं की जान बचाई गई है, जबकि 141 पशु अभी भी इस खतरनाक बीमारी की चपेट में हैं। इसके अलावा 14 पशुओं ने दम तोड़ दिया है। इसे देखते हुए शासन के निर्देश पर बिहार और अन्य जनपदों से लगने वाली जनपद की सीमाओं को सील कर दिया गया है। कड़ी चौकसी बरतने का निर्देश दिया गया है।

कान्हा पशु आश्रय केंद्रों में लगा टीका, लंपी को लेकर बरती जा रही सावधानी
हाटा प्रतिनिधि के अनुसार शुक्रवार को जनपद के कुछ कान्हा पशु आश्रय केंद्राें के टीकाकरण की पड़ताल कराई गई तो वहां टीकाकरण स्थिति ठीक पाई गई। हाटा के कान्हा पशु आश्रय में कुल 40 पशु रखे गए हैं। लंपी रोग को देखते हुए यहां रखे गए सभी पशुओं को टीका लगवा दिया गया है। इसका संचालन नगर पालिका हाटा की ओर से किया जाता है। पशु आश्रय केंद्र के केयर टेकर अभिषेक कुशवाहा ने बताया कि शासन से मिले निर्देश और अधिशासी अधिकारी अजय कुमार सिंह के आदेश पर किसी भी बाहरी पशु का प्रवेश बंद कर दिया गया है। लंपी रोग को देखते हुए पशुओं की नियमित जांच की जा रही है। अभी तक इस पशु आश्रय के किसी भी पशु में लंपी रोग का लक्षण नहीं मिला है।

कप्तानगंज के पशु आश्रम केंद्र में मौजूद 31 पशुओं को लगा टीका
कप्तानगंज नगर पंचायत के कान्हा पशु आश्रम में शुक्रवार को दोपहर एक बजे 31 पशु मिले। पशु आश्रम केंद्र में रामबहादुर, सुरसती देवी और राजेंद्र की ड्यूटी थी, जो पशुओं की देखभाल करते मिले। पशु चिकित्साधिकारी डाॅ. इशांत आनंद ने बताया कि इस केंद्र में 31 पशु हैं। लंपी डिजीज की आशंका को देखते हुए सभी पशुओं का टीकाकरण करा दिया गया है। आश्रय की सफाई और फागिंग भी कराई गई है। कोई भी पशु लंपी बीमारी से अभी तक पीड़ित नहीं हुआ है।

धुरिया कोट गांव में एक गाय लंपी रोग की चपेट में
तमकुहीराज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र के धुरिया कोट गांव के पशुपालक रामनरेश मिश्रा बड़े पशुपालकों में गिने जाने हैं। उन्होंने 18 गायें पाली हैं। उन्होंने बताया कि राजकीय पशु चिकित्सालय तमकुहीराज की ओर से लंपी बीमारी की रोकथाम के लिए टीकाकरण कराया गया है। उनकी एक गाय इस बीमारी की चपेट में आई थी, लेकिन चार दिन इलाज और बचाव के बाद स्वस्थ हो गई। उन्होंने बताया कि इस बीमारी से बचाव के लिए उपचार के साथ-साथ साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।


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लंपी से बचाव के लिए बनी सर्विलांस टीम
लंपी बीमारी से बचाव के लिए ब्लॉक स्तर की सर्विलांस टीम बनाई गई है। यह सभी 14 ब्लॉकों पर क्रियाशील है। इसमें पशु चिकित्साधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और पैरावेट शामिल हैं। ये संक्रमित पशुओं का इलाज करने से लेकर पशुपालकों को जागरूक करने का भी काम कर रहे हैं।

तीन मोबाइल वेटनरी एंबुलेंस का हो रहा संचालन
इस बीमारी से पशुओं को बचाने के लिए पशुपालन विभाग की ओर से तीन मोबाइल वेटनरी एंबुलेंस का संचालन इस जिले में कराया जा रहा है। इसमें एक पशु चिकित्सक, बहुद्देशीय कर्मचारी और चालक हैं। इसके अलावा 14 सचल वाहन संचालित किए जा रहे हैं।

कंट्रोल रूम गठित, इन नंबरों पर भी दे सकते हैं सूचना
पशुपालन विभाग की ओर से पडरौना के पशु चिकित्सालय में जनपद स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके नंबर 05564-24008 पर फोन कर मदद ली जा सकती है। इसके अलावा कंट्रोल में तैनात किए गए नोडल उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अमर सिंह के मोबाइल नंबर-9935183611, पशु चिकित्सक डॉ. तान्या सिंह के नंबर 7571873225 और फार्मासिस्ट अशोक प्रसाद के मोबाइल नंबर 9140236432 पर फोन कर मदद ली जा सकती है।


लंपी डिजीज पर नियंत्रण को लेकर शासन-प्रशासन गंभीर है। शासन की ओर से जनपद की सीमाएं सील करा दी गई हैं। पशुओं के टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है, क्योंकि जिले में अभी भी 141 पशु इस बीमारी की चपेट में हैं। इस बीमारी से बचाव के लिए सर्विलांस टीम, जोनल मजिस्ट्रेट नामित किए गए हैं। मोबाइल वेटनरी एंबुलेंस का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा पडरौना के पशु चिकित्सालय में जनपद स्तर का कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां 24 घंटे डॉक्टर और कर्मचारी तैनात रहेंगे।
-डॉ. रवींद्र प्रसाद, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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