{"_id":"58a739464f1c1bd257d85877","slug":"14-buses-in-the-district-election-duty-passenger-upset","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले की 14 बसें चुनाव ड्यूटी में, यात्री परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले की 14 बसें चुनाव ड्यूटी में, यात्री परेशान
कुशीनगर/ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 17 Feb 2017 11:26 PM IST
विज्ञापन
14 बसें गईं चुनाव ड्यूटी में
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लंबी दूरी की यात्रा के लिए पहले से ही संसाधनों की कमी झेल रहे कुशीनगर के लोगों की मुश्किलें विधानसभा चुनाव में और बढ़ गई हैं। लंबी दूरी के लिए चलने वाली पडरौना डिपो की 18 में से 14 बसें चुनाव ड्यूटी में अधिग्रहित हो गई हैं। बाकी बची चार में एक कंडम हो चुकी है और एक खराब है। इस तरह लंबी दूरी की यात्रा के लिए केवल दो बसें ही उपलब्ध हैं।
पडरौना बस डिपो बनने के पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी परिवहन निगम ने यात्रियों के लिए बसों की संख्या में खास इजाफा नहीं किया है। वर्ष 2012 में इस डिपो को मिली 36 बसों में से केवल 18 बसें ही बची हैं। इनमें से एक बस कंडम हो घोषित हो चुकी है तथा एक मरम्मत के लिए गोरखपुर डिपो भेजी गई है। बाकी 16 बसों में से तीन बसें लोकल में तथा शेष बसें लखनऊ व कानपुर के लिए चलती हैं। इसके अलावा 10 बसों को निगम ने अनुबंधित कर रखा है जो देवरिया व गोरखपुर के लिए चलती हैं। चूंकि पडरौना से लखनऊ-कानपुर के लिए रूटीन में ट्रेन की सुविधा उपलब्ध नहीं है, लिहाजा इन बसों से लोगों को काफी राहत मिलती है। परंतु विधानसभा चुनाव के लिए 16 में से 14 बसें अधिग्रहित कर ली गई हैं, लिहाजा अब इस वक्त डिपो के पास मात्र दो बसें ही बची हैं। लंबी दूरी की यात्रा के लिए लोगों को गोरखपुर या देवरिया जाना पड़ता है।
नगर के निवासी धनंजय सिंह का कहना है कि पडरौना से लखनऊ के लिए ट्रेन की सुविधा है ही नहीं और अब बसें भी चुनाव ड्यूटी में लगा दिए जाने से काफी दिक्कत हो रही है।
विज्ञापन
व्यवसायी सुरेश शर्मा का कहना है कि रोजगार के सिलसिले में अक्सर ही लखनऊ व कानपुर की यात्रा करनी पड़ती है, लेकिन बसों का संचालन न होने से परेशान होना पड़ रहा है।
विनय कुमार का कहना है कि जरूरी कार्य से लखनऊ जाना है, लेकिन यहां कोई बस ही मौजूद नही हैं। एक व्यक्ति ने बताया कि शाम को बस मिलेगी, तो अब उसी का इंतजार कर रहा हूं।
दुुकानदार गोपाल का कहना है कि लंबी दूरी की बसों के नहीं चलने की वजह से दिक्कत आ रही है। अब गोरखपुर जाकर बस पकड़नी पड़ेगी। इससे समय के साथ-साथ रुपया भी अधिक खर्च होगा।
विज्ञापन
पडरौना बस डिपो बनने के पांच वर्ष बीत जाने के बाद भी परिवहन निगम ने यात्रियों के लिए बसों की संख्या में खास इजाफा नहीं किया है। वर्ष 2012 में इस डिपो को मिली 36 बसों में से केवल 18 बसें ही बची हैं। इनमें से एक बस कंडम हो घोषित हो चुकी है तथा एक मरम्मत के लिए गोरखपुर डिपो भेजी गई है। बाकी 16 बसों में से तीन बसें लोकल में तथा शेष बसें लखनऊ व कानपुर के लिए चलती हैं। इसके अलावा 10 बसों को निगम ने अनुबंधित कर रखा है जो देवरिया व गोरखपुर के लिए चलती हैं। चूंकि पडरौना से लखनऊ-कानपुर के लिए रूटीन में ट्रेन की सुविधा उपलब्ध नहीं है, लिहाजा इन बसों से लोगों को काफी राहत मिलती है। परंतु विधानसभा चुनाव के लिए 16 में से 14 बसें अधिग्रहित कर ली गई हैं, लिहाजा अब इस वक्त डिपो के पास मात्र दो बसें ही बची हैं। लंबी दूरी की यात्रा के लिए लोगों को गोरखपुर या देवरिया जाना पड़ता है।
विज्ञापन
नगर के निवासी धनंजय सिंह का कहना है कि पडरौना से लखनऊ के लिए ट्रेन की सुविधा है ही नहीं और अब बसें भी चुनाव ड्यूटी में लगा दिए जाने से काफी दिक्कत हो रही है।
विज्ञापन
व्यवसायी सुरेश शर्मा का कहना है कि रोजगार के सिलसिले में अक्सर ही लखनऊ व कानपुर की यात्रा करनी पड़ती है, लेकिन बसों का संचालन न होने से परेशान होना पड़ रहा है।
विनय कुमार का कहना है कि जरूरी कार्य से लखनऊ जाना है, लेकिन यहां कोई बस ही मौजूद नही हैं। एक व्यक्ति ने बताया कि शाम को बस मिलेगी, तो अब उसी का इंतजार कर रहा हूं।
दुुकानदार गोपाल का कहना है कि लंबी दूरी की बसों के नहीं चलने की वजह से दिक्कत आ रही है। अब गोरखपुर जाकर बस पकड़नी पड़ेगी। इससे समय के साथ-साथ रुपया भी अधिक खर्च होगा।