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पशुपालन विभाग भेजेगा जांच दल
Updated Thu, 22 Jun 2017 04:51 PM IST
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कुशीनगर। तमकुही क्षेत्र के ग्राम पंचायत बरवा राजापाकड़ में एक पखवारे के भीतर अज्ञात बीमारी की चपेट में आने से छह से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है, जबकि इतने ही पशु इस जानलेवा बीमारी की चपेट में हैं। तमकुही ब्लॉक मुख्यालय पर पशु चिकित्सक की तैनाती न होने से बीमार पशुओं का समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है।
बरवा राजापाकड़ गांव के सपही बरवा टोला में अचानक पशु बीमार होने लगे हैं। मुंह से झाग निकलने, लार टपकने, बेचैनी, जुगाली बंद हो जाने, तड़पने आदि लक्षणों वाली बीमारी से ग्रसित पशुओं ने एक-एक कर दम तोड़ना शुरू कर दिया। गांव के ही नगीना गोंड़, अश्विनी पांडेय, सुरेंद्र गुप्ता, चतुर्गुन गुप्ता, रवींद्र ठाकुर और खुदरा टोला के सुरेश राय के मवेशियों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा अदालत हरिजन, सुरेश पांडेय सहित कई पशुपालकों के मवेशी बीमार हैं। तमकुही स्थित पशु अस्पताल में किसी पूर्णकालिक पशु चिकित्सक की तैनाती न होने से पशुपालक प्राइवेट चिकित्सकों से इलाज कराने को विवश हैं। इस बीमारी की रोकथाम नहीं हो पा रही है। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भगवान सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं था। शीघ्र ही चिकित्सकों का दल गांव में भेजकर बीमार पशुओं के समुचित इलाज की व्यवस्था की जाएगी।
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बरवा राजापाकड़ गांव के सपही बरवा टोला में अचानक पशु बीमार होने लगे हैं। मुंह से झाग निकलने, लार टपकने, बेचैनी, जुगाली बंद हो जाने, तड़पने आदि लक्षणों वाली बीमारी से ग्रसित पशुओं ने एक-एक कर दम तोड़ना शुरू कर दिया। गांव के ही नगीना गोंड़, अश्विनी पांडेय, सुरेंद्र गुप्ता, चतुर्गुन गुप्ता, रवींद्र ठाकुर और खुदरा टोला के सुरेश राय के मवेशियों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा अदालत हरिजन, सुरेश पांडेय सहित कई पशुपालकों के मवेशी बीमार हैं। तमकुही स्थित पशु अस्पताल में किसी पूर्णकालिक पशु चिकित्सक की तैनाती न होने से पशुपालक प्राइवेट चिकित्सकों से इलाज कराने को विवश हैं। इस बीमारी की रोकथाम नहीं हो पा रही है। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. भगवान सिंह का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं था। शीघ्र ही चिकित्सकों का दल गांव में भेजकर बीमार पशुओं के समुचित इलाज की व्यवस्था की जाएगी।
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