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छोटी गंडक व मवन नाले का जलस्तर स्थिर
Updated Mon, 21 Aug 2017 06:39 PM IST
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कुशीनगर। जिले में गंडक नदी का जलस्तर घटने तथा छोटी गंडक और मवन नाले का जलस्तर स्थिर होने से बाढ़ में घिरे लोगों को थोड़ी राहत मिली है। बाढ़ के पानी में डूबीं फसलें बर्बाद होने व संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका से लोग परेशान हैं।
खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार गंडक नदी में वाल्मीकि बैराज से पानी का डिस्चार्ज सोमवार को घटकर 1.29 लाख क्यूसेक पहुंच गया। जलस्तर में हुई कमी के कारण बाढ़ प्रभावित खड्डा क्षेत्र के गांवों से पानी निकल गया है। हालांकि अभी भी इन गांवों में कीचड़ व जलभराव से स्थिति थोड़ी गंभीर है। सालिकपुर, मरचहवा, शिवपुर, बसंतपुर आदि गांवों के लोग अपने घरों की सफाई कर गृहस्थी को दुबारा पटरी पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। रास्तों पर अब भी कई जगह पानी भरा हुआ है। कुछ जगह नाव से तो बाकी जगह ट्रैक्टर से आवागमन हो रहा है। बाढ़ खंड डिवीजन के अधिशासी अभियंता बीपी सिंह ने बताया कि गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज कम होने से तटबंधों पर भी दबाव कम हुआ है।
लक्ष्मीगंज प्रतिनिधि के अनुसार छोटी गंडक नदी का जलस्तर कम होने से खोटहीं के रामबर, बरवाडीह, खैरटिया, धोबी टोला, काशीछपरा, हरदी छपरा व आसपास के गांवों से बाढ़ का पानी निकल गया है, लेकिन खेतों में अब भी फसलें जलमग्न हैं। रामबर निवासी झगरू ने बताया कि मुंगफली की फसल डूबकर बर्बाद हो गई है। खैरटिया निवासी गत्ती ने हल्दी की फसल बर्बाद होने की बात कही। महातम, जवाहर ,जंगी, जगदीश, विभूति आदि अन्य किसान भी फसल बर्बाद होने से चिंतित हैं।
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मथौली बाजार प्रतिनिधि के अनुसार छोटी गंडक व मवन नाले का पानी स्थिर रहने से प्रभावित गांवों के लोग राहत में हैं, लेकिन फसलें बर्बाद होने से चिंता बढ़ गई है। गांव के पास तक पानी एकत्र रहने से लोग संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका से परेशान हैं। सोमवार को रामकोला के विधायक रामानंद बौद्ध, कप्तानगंज के एसडीएम त्रिभुवन तथा एसओ आरके यादव ने बाढ़ प्रभावित गांव इंदरपुर, कारीतीन, महगहिया, सोहनी, सुधियानी आदि का दौरा किया। प्रभावित गांवों में ट्रैक्टर से पहुंचे विधायक व एसडीएम तथा एसओ ने बाढ़ पीड़ितों से बात कर हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान जयप्रकाश उपाध्याय, धीरज, विशाल सिंह, गोविंद चौहान, माला, टुनटुन, उमेश आदि साथ में थे।
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खड्डा प्रतिनिधि के अनुसार गंडक नदी में वाल्मीकि बैराज से पानी का डिस्चार्ज सोमवार को घटकर 1.29 लाख क्यूसेक पहुंच गया। जलस्तर में हुई कमी के कारण बाढ़ प्रभावित खड्डा क्षेत्र के गांवों से पानी निकल गया है। हालांकि अभी भी इन गांवों में कीचड़ व जलभराव से स्थिति थोड़ी गंभीर है। सालिकपुर, मरचहवा, शिवपुर, बसंतपुर आदि गांवों के लोग अपने घरों की सफाई कर गृहस्थी को दुबारा पटरी पर लाने का प्रयास कर रहे हैं। रास्तों पर अब भी कई जगह पानी भरा हुआ है। कुछ जगह नाव से तो बाकी जगह ट्रैक्टर से आवागमन हो रहा है। बाढ़ खंड डिवीजन के अधिशासी अभियंता बीपी सिंह ने बताया कि गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज कम होने से तटबंधों पर भी दबाव कम हुआ है।
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लक्ष्मीगंज प्रतिनिधि के अनुसार छोटी गंडक नदी का जलस्तर कम होने से खोटहीं के रामबर, बरवाडीह, खैरटिया, धोबी टोला, काशीछपरा, हरदी छपरा व आसपास के गांवों से बाढ़ का पानी निकल गया है, लेकिन खेतों में अब भी फसलें जलमग्न हैं। रामबर निवासी झगरू ने बताया कि मुंगफली की फसल डूबकर बर्बाद हो गई है। खैरटिया निवासी गत्ती ने हल्दी की फसल बर्बाद होने की बात कही। महातम, जवाहर ,जंगी, जगदीश, विभूति आदि अन्य किसान भी फसल बर्बाद होने से चिंतित हैं।
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मथौली बाजार प्रतिनिधि के अनुसार छोटी गंडक व मवन नाले का पानी स्थिर रहने से प्रभावित गांवों के लोग राहत में हैं, लेकिन फसलें बर्बाद होने से चिंता बढ़ गई है। गांव के पास तक पानी एकत्र रहने से लोग संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका से परेशान हैं। सोमवार को रामकोला के विधायक रामानंद बौद्ध, कप्तानगंज के एसडीएम त्रिभुवन तथा एसओ आरके यादव ने बाढ़ प्रभावित गांव इंदरपुर, कारीतीन, महगहिया, सोहनी, सुधियानी आदि का दौरा किया। प्रभावित गांवों में ट्रैक्टर से पहुंचे विधायक व एसडीएम तथा एसओ ने बाढ़ पीड़ितों से बात कर हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इस दौरान जयप्रकाश उपाध्याय, धीरज, विशाल सिंह, गोविंद चौहान, माला, टुनटुन, उमेश आदि साथ में थे।