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फाजिलनगर के उच्चीकृत स्वास्थ्य केंद्र परिसर में प्रसव का मामला
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एचवी और स्टॉफ नर्स निलंबित, चिकित्सा प्रभारी हटाए गए
फाजिलनगर। उच्चीकृत स्वास्थ्य केंद्र फाजिलनगर में डॉक्टरों और चिकित्सकीय स्टॉफ की लापरवाही की वजह से एक मंद बुद्घि महिला का परिसर में जमीन पर प्रसव होने के मामले में सीएमओ ने कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने एचवी और स्टॉफ नर्स को जहां निलंबित कर दिया है, वहीं चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर अमरेंद्र ठाकुर को हटाकर उनकी जगह डॉ. उमेश नारायण गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा संविदा पर तैनात डॉक्टर पूनम गुप्ता को कार्य से विरत कर दिया है। पूरे मामले की जांच तमकुहीराज के डिप्टी सीएमओ डॉ. ताहिर अली को सौंपी गई है।
प्रसव पीड़ा होने पर इस अस्पताल में सोमवार को आई 22 वर्षीय नीलू उर्फ मुन्नी प्रसव के लिए उसकी मामी गुलाइची देवी लेकर आई थीं। उन्होंने बताया था कि खून की कमी बताकर डॉक्टर ने बिना इलाज किए ही नीलू को जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। उसे बाहर लेकर जा ही रही थीं कि उसकी हालत बिगड़ गई और उसे अस्पताल परिसर में ही जमीन पर बच्चे को जन्म दिया। इस लापरवाही को देखते हुए सीएमओ ने संबंधित स्टॉफ के खिलाफ कार्रवाई की है।
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फाजिलनगर। उच्चीकृत स्वास्थ्य केंद्र फाजिलनगर में डॉक्टरों और चिकित्सकीय स्टॉफ की लापरवाही की वजह से एक मंद बुद्घि महिला का परिसर में जमीन पर प्रसव होने के मामले में सीएमओ ने कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने एचवी और स्टॉफ नर्स को जहां निलंबित कर दिया है, वहीं चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर अमरेंद्र ठाकुर को हटाकर उनकी जगह डॉ. उमेश नारायण गुप्ता को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा संविदा पर तैनात डॉक्टर पूनम गुप्ता को कार्य से विरत कर दिया है। पूरे मामले की जांच तमकुहीराज के डिप्टी सीएमओ डॉ. ताहिर अली को सौंपी गई है।
प्रसव पीड़ा होने पर इस अस्पताल में सोमवार को आई 22 वर्षीय नीलू उर्फ मुन्नी प्रसव के लिए उसकी मामी गुलाइची देवी लेकर आई थीं। उन्होंने बताया था कि खून की कमी बताकर डॉक्टर ने बिना इलाज किए ही नीलू को जिला अस्पताल रेफर कर दिया था। उसे बाहर लेकर जा ही रही थीं कि उसकी हालत बिगड़ गई और उसे अस्पताल परिसर में ही जमीन पर बच्चे को जन्म दिया। इस लापरवाही को देखते हुए सीएमओ ने संबंधित स्टॉफ के खिलाफ कार्रवाई की है।
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