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115.77 करोड़ बकाया, चीनी मिलें बंद
कुशीनगर
Updated Fri, 08 Apr 2016 11:51 PM IST
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किसान
- फोटो : अमर उजाला
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राकेश कुमार गौंड़
पडरौना। जनपद की चीनी मिलें किसानों के 115 करोड़ 77 लाख रुपये से अधिक बकाया लगाकर बंद हो गईं। इस सत्र में चीनी मिलों ने 191.18 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की। कुल 42801.53 लाख रुपये की गन्ना पेराई के दौरान मिलों ने 31224.27 लाख रुपये भुगतान किया। यानी चीनी मिलों को कुल मूल्य का 27 फीसदी भुगतान अभी भी किसानों को देना बाकी है।
किसानों ने वर्ष 2015-16 में 73602.695 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की बुवाई की थी। हालांकि कई चीनी मिलों के तौल केंद्रों पर घटतौली और तौल केंद्र आवंटन को लेकर धरना प्रदर्शन भी हुआ। खड्डा में तो इसी आरोप में चीनी मिल के प्रबंधक सहित चार लोगों पर केस भी दर्ज हुआ था। इसके अलावा डीसीओ की तरफ से घटतौली के गन्ना मूल्य का भुगतान कराने का भी आदेश दिया गया था।
खड्डा चीनी मिल ने 24 दिसंबर, रामकोला ने आठ दिसंबर, कप्तानगंज चीनी मिल ने सात दिसंबर, सेवरही ने चार और ढाढ़ा चीनी मिल ने सात दिसंबर को पेराई सत्र की शुरूआत की थी और सत्रावसान क्रमश: 29 व 17 मार्च, 24 फरवरी, 19 मार्च और एक मार्च को किया। सभी चीनी मिलें पेराई बंद कर चुकी हैं, लेकिन अभी भी उन पर किसानों के 11577.26 लाख रुपये बकाया है।
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पडरौना। जनपद की चीनी मिलें किसानों के 115 करोड़ 77 लाख रुपये से अधिक बकाया लगाकर बंद हो गईं। इस सत्र में चीनी मिलों ने 191.18 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की। कुल 42801.53 लाख रुपये की गन्ना पेराई के दौरान मिलों ने 31224.27 लाख रुपये भुगतान किया। यानी चीनी मिलों को कुल मूल्य का 27 फीसदी भुगतान अभी भी किसानों को देना बाकी है।
किसानों ने वर्ष 2015-16 में 73602.695 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की बुवाई की थी। हालांकि कई चीनी मिलों के तौल केंद्रों पर घटतौली और तौल केंद्र आवंटन को लेकर धरना प्रदर्शन भी हुआ। खड्डा में तो इसी आरोप में चीनी मिल के प्रबंधक सहित चार लोगों पर केस भी दर्ज हुआ था। इसके अलावा डीसीओ की तरफ से घटतौली के गन्ना मूल्य का भुगतान कराने का भी आदेश दिया गया था।
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खड्डा चीनी मिल ने 24 दिसंबर, रामकोला ने आठ दिसंबर, कप्तानगंज चीनी मिल ने सात दिसंबर, सेवरही ने चार और ढाढ़ा चीनी मिल ने सात दिसंबर को पेराई सत्र की शुरूआत की थी और सत्रावसान क्रमश: 29 व 17 मार्च, 24 फरवरी, 19 मार्च और एक मार्च को किया। सभी चीनी मिलें पेराई बंद कर चुकी हैं, लेकिन अभी भी उन पर किसानों के 11577.26 लाख रुपये बकाया है।
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