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उफनाई गंडक, कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
Updated Sat, 12 Aug 2017 05:51 PM IST
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कुशीनगर। वाल्मीकि नगर बैराज से सवा दो लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के चलते शनिवार को गंडक नदी में उफान आ गया। भैंसहा गेज पर जलस्तर चेतावनी बिंदु से 48 सेंटीमीटर ऊपर चला गया। इसके चलते खड्डा तथा तमकुही क्षेत्र के दर्जन भर गांवों में बाढ़ का पानी भर गया। रास्तों पर पानी बहने की वजह से इन गांवों में आवागमन ठप हो गया है। प्रशासन की तरफ से अभी कहीं सुरक्षा या बचाव का इंतजाम नहीं किया गया है। खड्डा क्षेत्र के छितौनी और तमकुहीराज क्षेत्र के एपी तटबंध पर नदी का दबाव बढ़ गया है।
इस बरसात सीजन में दूसरी बार शुक्रवार की आधी रात को गंडक नदी में वाल्मीकि बैराज से पानी का डिस्चार्ज 2.24 लाख क्यूसेक हो गया। इसके चलते खड्डा क्षेत्र के भैंसहा गेजस्थल पर जलस्तर चेतावनी बिंदु से 48 सेंटीमीटर ऊपर चला गया। दोपहर बाद डिस्चार्ज में थोड़ी कमी आई। जलस्तर में हुई तेज वृद्धि के चलते मरचहवा दक्षिण टोला व पूरब टोला तथा बसंतपुर समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी भरने लगा। लोगों को मचान पर शरण लेना पड़ी। मरचहवा-बसंतपुर मार्ग पर सड़क से करीब पांच फीट ऊपर तक पानी बह रहा है। बसंतपुर - सोहगीबरवा मार्ग पर भी पानी लगा हुआ है। प्रशासन की तरफ से अब तक नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। तहसीलदार खड्डा गिरीश झा का कहना है कि लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है।
उधर, जलस्तर बढ़ने से तमकुहीराज क्षेत्र में भी बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। गंडक व बांसी नदी के बीच बसे सेवरही ब्लॉक के पिपराघाट के सभी टोले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। देवनरायन टोला, शिवटोला, इमिलिया टोला और मुसहरी टोला जाने वाली सड़क पर दो फीट से ज्यादा पानी है। नरवा टोला, गोलाघाट, जोगनी, दहारीटोला, तवकल टोला, भंगीटोला, मोतीराय टोला, उपाध्याय टोला, चैकीटोला, हनुमान टोला, रानीगंज, जयपुर सहित अन्य टोलों मेें निचले हिस्सों में पानी भर गया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिपराघाट, प्राथमिक विद्यालय जोगनी व प्राथमिक विद्यालय मोती राय में भी पानी भर गया है। शनिवार को बच्चे बाढ़ के पानी से होकर स्कूल पहुंचे। अध्यापकों ने बताया कि जिन कमरों में बाढ़ का पानी नहीं था, उसमें बैठाकर बच्चों को पढ़ाया गया। गांव के लोगों ने बताया कि तीसरी बार बाढ़ का पानी भरने से दिक्कत बढ़ गई है। इस संबंध में तहसीलदार रामप्यारे का कहना है कि लेखपाल को स्थिति पर नजर रखने एवं नाव की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
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इस बरसात सीजन में दूसरी बार शुक्रवार की आधी रात को गंडक नदी में वाल्मीकि बैराज से पानी का डिस्चार्ज 2.24 लाख क्यूसेक हो गया। इसके चलते खड्डा क्षेत्र के भैंसहा गेजस्थल पर जलस्तर चेतावनी बिंदु से 48 सेंटीमीटर ऊपर चला गया। दोपहर बाद डिस्चार्ज में थोड़ी कमी आई। जलस्तर में हुई तेज वृद्धि के चलते मरचहवा दक्षिण टोला व पूरब टोला तथा बसंतपुर समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी भरने लगा। लोगों को मचान पर शरण लेना पड़ी। मरचहवा-बसंतपुर मार्ग पर सड़क से करीब पांच फीट ऊपर तक पानी बह रहा है। बसंतपुर - सोहगीबरवा मार्ग पर भी पानी लगा हुआ है। प्रशासन की तरफ से अब तक नाव की व्यवस्था नहीं की गई है। तहसीलदार खड्डा गिरीश झा का कहना है कि लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है।
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उधर, जलस्तर बढ़ने से तमकुहीराज क्षेत्र में भी बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। गंडक व बांसी नदी के बीच बसे सेवरही ब्लॉक के पिपराघाट के सभी टोले बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। देवनरायन टोला, शिवटोला, इमिलिया टोला और मुसहरी टोला जाने वाली सड़क पर दो फीट से ज्यादा पानी है। नरवा टोला, गोलाघाट, जोगनी, दहारीटोला, तवकल टोला, भंगीटोला, मोतीराय टोला, उपाध्याय टोला, चैकीटोला, हनुमान टोला, रानीगंज, जयपुर सहित अन्य टोलों मेें निचले हिस्सों में पानी भर गया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय पिपराघाट, प्राथमिक विद्यालय जोगनी व प्राथमिक विद्यालय मोती राय में भी पानी भर गया है। शनिवार को बच्चे बाढ़ के पानी से होकर स्कूल पहुंचे। अध्यापकों ने बताया कि जिन कमरों में बाढ़ का पानी नहीं था, उसमें बैठाकर बच्चों को पढ़ाया गया। गांव के लोगों ने बताया कि तीसरी बार बाढ़ का पानी भरने से दिक्कत बढ़ गई है। इस संबंध में तहसीलदार रामप्यारे का कहना है कि लेखपाल को स्थिति पर नजर रखने एवं नाव की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है।
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