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खाते से हो गई 11 करोड़ 12 लाख रुपये की जमा-निकासी

Sat, 30 Jul 2022 01:21 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 30 Jul 2022 01:21 AM IST
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11 crore 12 lakh rupees deposited and withdrawn from the account
खाते से हो गई 11 करोड़ 12 लाख रुपये की जमा-निकासी
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- नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के नौरंगिया के रहने वाला है खाताधारक
- दूसरे राज्य की पुलिस के पहुंचने पर हुई जानकारी, कार्रवाई के लिए तहरीर दी
पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के नौरंगिया निवासी रियासत के खाते में 11 करोड़ 12 लाख रुपये की जमा निकासी हो गई है। खाताधारक को भनक तक नहीं लग पाई। दूसरे राज्य की पुलिस जांच के लिए जब उनके घर पहुंची, तब उन्हें खाते में किए गए लेनदेन की जानकारी हुई। रियासत की तहरीर पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
नौरंगिया निवासी रियासत ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि वर्ष 2015 में कोटवा स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में बचत खाता खुलवाए थे। भुजौली का एक व्यक्ति महीने में कुछ रुपये भेजने का लालच देकर उनका पासबुक, एटीएम कार्ड अपने पास रख लिया और खाते में अपना नंबर लिंक करा लिया। आरोप है कि खाते में जमा निकासी होती रही, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं हो पाई। चंडीगढ़ में एक व्यक्ति से साइबर ठगी का मामला सामने आने के बाद जांच पड़ताल के लिए 23 जुलाई को जब चंडीगढ़ की पुलिस उसके घर पहुंची और खाते में 11 करोड़ 12 लाख रुपये के लेन-देन के बारे में पूछताछ की, तब जाकर उसे धोखाधड़ी की जानकारी हुई। रियासत ने खाते में इतने बड़े पैमाने पर हुए लेनदेन के संबंध में पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने पीड़ित के तहरीर और साक्ष्य के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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बैंक का कार्य प्रमाणपत्र का सत्यापन कर खाता खोलना है। फार्म आवेदनकर्ता स्वयं भरता है। उसमें वह अपना या दूसरे का मोबाइल नंबर दर्ज कर रहा है तो उसके लिए वह खुद जवाबदेह है। जहां तक अधिक लेन-देन की बात है तो खाते में कौन कहां से पैसा भेज रहा है और कौन निकाल रहा है, यह जिम्मेदारी खाताधारक की होती है। इस मामले में पुलिस ने हमसे जो साक्ष्य मांगा था, उसे उपलब्ध करा दिया गया है।
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धीरज कुमार, शाखा प्रबंधक, एसबीआई, कोटवा
मामला संज्ञान में आया है। खाते में ऑनलाइन जमा-निकासी की सच्चाई जानने के लिए छानबीन की जा रही है। पैसे कहां से भेजे गए हैं, उसकी जानकारी के लिए साइबर सेल को लगाया गया है। तथ्य के आधार पर जांच चल रही है। सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी।
दिनेश तिवारी, एसएचओ, नेबुआ नौरंगिया
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