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लोक अदालत में सुलझाए गए मामले
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लोेक अदालत : 10,927 मामलों का हुआ निस्तारण
पडरौना (कुशीनगर )। दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसमें 10,927 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके पूर्व न्यायालय परिसर में पौधरोपण और दिव्यांगों में ट्राई साइकिल वितरण किया गया।
लोक अदालत का उद्घाटन करते हुए उच्च न्यायालय प्रयागराज के न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने कहा कि लोक अदालत में आपसी समझौता के आधार पर मामलों का निस्तारण करने के अलावा अन्य कई मामलों में जरूरत मंद लोगों को विधिक सलाह दी जाती है। लोगों को इन आयोजनों में शामिल होकर इसका लाभ लेना चाहिए। इसके बाद उन्होंने न्यायालय परिसर में पौधरोपण कर दिव्यांग लोगों में ट्राई साइकिल वितरण किया। इसके बाद फौजदारी के 2143 मामलों का निस्तारण कर 1,58,320 रुपये की वसूली की गई। मोटर दुर्घटना से संबंधित 45 क्लेम का निस्तारण कर मृतकों एवं घायलों के आश्रितों को एक करोड़ 75 लाख 74 हजार रूपये दिलाया। पारिवारिक न्यायालय की तरफ से 41 वादों को सुलझाया गया। इसके अलावा 281 बैंक ऋण वादों का निस्तारण कर एक करोड़ 11 लाख 31 हजार 184 टोकन मनी वसूली की। प्रशासनिक न्यायालयों द्वारा 7850 वादों का प्री-लिटीगेशन स्तर पर निस्तारण किया।
इस दौरान अविनाश चंद्र त्रिपाठी, विनय कुमार, विवेकानंद शरण त्रिपाठी, विनोद कुमार जायसवाल, राजेश उपाध्याय, रविंद्र कुमार, रामइच्छुक यादव, विजय कुमार हिमांशु आदि न्यायाधीश मौजूद रहे।
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पडरौना (कुशीनगर )। दीवानी न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। इसमें 10,927 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके पूर्व न्यायालय परिसर में पौधरोपण और दिव्यांगों में ट्राई साइकिल वितरण किया गया।
लोक अदालत का उद्घाटन करते हुए उच्च न्यायालय प्रयागराज के न्यायमूर्ति नीरज तिवारी ने कहा कि लोक अदालत में आपसी समझौता के आधार पर मामलों का निस्तारण करने के अलावा अन्य कई मामलों में जरूरत मंद लोगों को विधिक सलाह दी जाती है। लोगों को इन आयोजनों में शामिल होकर इसका लाभ लेना चाहिए। इसके बाद उन्होंने न्यायालय परिसर में पौधरोपण कर दिव्यांग लोगों में ट्राई साइकिल वितरण किया। इसके बाद फौजदारी के 2143 मामलों का निस्तारण कर 1,58,320 रुपये की वसूली की गई। मोटर दुर्घटना से संबंधित 45 क्लेम का निस्तारण कर मृतकों एवं घायलों के आश्रितों को एक करोड़ 75 लाख 74 हजार रूपये दिलाया। पारिवारिक न्यायालय की तरफ से 41 वादों को सुलझाया गया। इसके अलावा 281 बैंक ऋण वादों का निस्तारण कर एक करोड़ 11 लाख 31 हजार 184 टोकन मनी वसूली की। प्रशासनिक न्यायालयों द्वारा 7850 वादों का प्री-लिटीगेशन स्तर पर निस्तारण किया।
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इस दौरान अविनाश चंद्र त्रिपाठी, विनय कुमार, विवेकानंद शरण त्रिपाठी, विनोद कुमार जायसवाल, राजेश उपाध्याय, रविंद्र कुमार, रामइच्छुक यादव, विजय कुमार हिमांशु आदि न्यायाधीश मौजूद रहे।
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