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Kushinagar News: 100 पोल टूटे, 700 गांवों की बिजली ठप
Thu, 22 May 2025 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
Updated Thu, 22 May 2025 01:01 AM IST
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रामकोला मार्ग पर गिरा पेड़। संवाद
पडरौना। जिले में बुधवार को एक बार फिर चक्रवात ने तबाही मचाई। शहर से लेकर गांव तक जनजीवन प्रभावित रहा। 100 से अधिक बिजली के पोल उखड़ गए और 50 से ज्यादा पेड़ गिर गए। इसके चलते आवागमन भी प्रभावित रहा। इसकी वजह से शहर समेत करीब 700 गांवों की आपूृर्ति ठप हो गई। बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए लाइनमैन खराबी को दूर करने में जुट गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र के झोपड़ी, टीनशेड उड़ गए हैं।
इस बीच नौ घंटे बाद शाम सात बजे आधे शहर की बिजली बहाल कर दी गई। बुधवार को सुबह तेज धूप निकली थी, कुछ देर बाद आसमान में बादल छा गए, सुबह करीब 9.50 बजे चक्रवात शुरू हुआ। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि शहर से लेकर गांव तक जगह-जगह पेड़ और बिजली के पोल तार, ट्रांसफार्मर गिर गए। करीब 15 मिनट तेज हवा चलने के बाद बारिश भी शुरू हो गया। करीब एक घंटे तक बारिश हुई।
शहर के स्टेशन रोड, रामकोला रोड, कलक्ट्रेट कैंपस, रविंद्र नगर समेत 50 से अधिक पेड़ उखड़ गए। बिजली निगम के अनुसार अभी तक 50 से अधिक बिजली के पोल टूटे हैं, अभी गांवों में इसका सर्वे कराया जा रहा है। पूरे जिले के उपकेंद्र तूफान के चलते ब्र्रेक डाउन हो गए हैं।
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दोपहर में रविंद्र नगर उपकेंद्र पर मेन लाइन दो घंटे बाद बहाल हो गया, जबकि ऑफिशियल कालोनी, सरकारी कार्यालयों, मेडिकल कॉलेज समेत 100 गांवों की आपूर्ति ठप है। जरार, मनिकौरा, छितौनी, खड्डा, कसया, गोपालगढ़, फाजिलनगर समेत 15 से अधिक बिजली उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप है। वहीं पडरौना उपकेंद्र की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।
पांच दिन पहले इसी तरह का चक्रवात आया था, जिससे बिजली के तार, पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे। जिसे ठीक करने में बिजली निगम के पसीने छूट गए और पांच दिन बाद आपूर्ति पूर्ण रूप से बहाल नहीं हो सका था। तब तक बुधवार को चक्रवात का आया एक और झोका तबाही मचा दिया।
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इस बीच नौ घंटे बाद शाम सात बजे आधे शहर की बिजली बहाल कर दी गई। बुधवार को सुबह तेज धूप निकली थी, कुछ देर बाद आसमान में बादल छा गए, सुबह करीब 9.50 बजे चक्रवात शुरू हुआ। हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि शहर से लेकर गांव तक जगह-जगह पेड़ और बिजली के पोल तार, ट्रांसफार्मर गिर गए। करीब 15 मिनट तेज हवा चलने के बाद बारिश भी शुरू हो गया। करीब एक घंटे तक बारिश हुई।
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शहर के स्टेशन रोड, रामकोला रोड, कलक्ट्रेट कैंपस, रविंद्र नगर समेत 50 से अधिक पेड़ उखड़ गए। बिजली निगम के अनुसार अभी तक 50 से अधिक बिजली के पोल टूटे हैं, अभी गांवों में इसका सर्वे कराया जा रहा है। पूरे जिले के उपकेंद्र तूफान के चलते ब्र्रेक डाउन हो गए हैं।
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दोपहर में रविंद्र नगर उपकेंद्र पर मेन लाइन दो घंटे बाद बहाल हो गया, जबकि ऑफिशियल कालोनी, सरकारी कार्यालयों, मेडिकल कॉलेज समेत 100 गांवों की आपूर्ति ठप है। जरार, मनिकौरा, छितौनी, खड्डा, कसया, गोपालगढ़, फाजिलनगर समेत 15 से अधिक बिजली उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप है। वहीं पडरौना उपकेंद्र की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है।
पांच दिन पहले इसी तरह का चक्रवात आया था, जिससे बिजली के तार, पोल क्षतिग्रस्त हो गए थे। जिसे ठीक करने में बिजली निगम के पसीने छूट गए और पांच दिन बाद आपूर्ति पूर्ण रूप से बहाल नहीं हो सका था। तब तक बुधवार को चक्रवात का आया एक और झोका तबाही मचा दिया।