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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kushinagar News ›   100,000-litre ethanol plant in Kushinagar stalled due to lack of sugarcane supply.

कोराम पूरा, मिल भी तैयार: गन्ना नहीं मिलने से अटका एक लाख लीटर एथेनॉल प्लांट, अभी भी गन्ने का इंतजार

Mon, 14 Sep 2026 04:15 PM IST
Rohit Singh विद्याधर तिवारी, संवाद न्यूज एजेंसी/खड्डा
विद्याधर तिवारी, संवाद न्यूज एजेंसी/खड्डा Published by: Rohit Singh Updated Mon, 14 Sep 2026 04:15 PM IST
सार

क्षेत्र में गन्ने की उपलब्धता कम नहीं है, लेकिन मिल को अपेक्षित मात्रा में गन्ना नहीं मिल रहा है। मिल गेट और आसपास के कई क्रय केंद्र दूसरे मिलों को आवंटित होने से आईपीएल की गन्ना उपलब्धता प्रभावित होती है। एथेनाल संयंत्र का मुख्य कच्चा माल गन्ने की पेराई से निकलने वाला शीरा है। इसलिए पर्याप्त गन्ने के बिना संयंत्र का नियमित संचालन संभव नहीं है।

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100,000-litre ethanol plant in Kushinagar stalled due to lack of sugarcane supply.
आइपीएल चीनी मिल खड्डा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

खड्डा में प्रतिदिन एक लाख लीटर एथेनाल उत्पादन की प्रस्तावित परियोजना के लिए कागजी और तकनीकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। धन का भी पूरा इन्तजाम है लेकिन पर्याप्त गन्ना नहीं मिलने से परियोजना धरातल पर नहीं उतर पा रही है। आईपीएल चीनी मिल की पेराई क्षमता 45 लाख क्विंटल है, जबकि बीते पेराई सत्र में मिल को करीब 27 लाख कुंतल गन्ना ही मिल सका।

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जानकारों का कहना है कि गन्ने की कमी एथेनाल प्लांट की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है। क्षेत्र में गन्ने की उपलब्धता कम नहीं है, लेकिन मिल को अपेक्षित मात्रा में गन्ना नहीं मिल रहा है। मिल गेट और आसपास के कई क्रय केंद्र दूसरे मिलों को आवंटित होने से आईपीएल की गन्ना उपलब्धता प्रभावित होती है।
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एथेनाल संयंत्र का मुख्य कच्चा माल गन्ने की पेराई से निकलने वाला शीरा है। इसलिए पर्याप्त गन्ने के बिना संयंत्र का नियमित संचालन संभव नहीं है। 100 किलोलीटर यानी एक लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले संयंत्र के लिए जमीन का चयन, भूमि परीक्षण सहित जरूरी तकनीकी और कागजी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आईपीएल ने करीब डेढ़ अरब रुपये से ज्यादा खर्च करने का मन भी बनाया हुआ है।
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औद्योगिक विकास को झटका
इन दिनों पेट्रोल में एथेनाल की मात्रा बढ़ाने और वैकल्पिक ईंधन के रूप में इसके इस्तेमाल पर चर्चा हो रही है। केंद्र और प्रदेश सरकारें इसके उत्पादन को बढ़ावा दे रही हैं। ऐसे समय में खड्डा में प्रस्तावित संयंत्र का अटकना क्षेत्र के लिए औद्योगिक विस्तार के लिए झटका है। संयंत्र लगने पर शीरे का स्थानीय उपयोग होने के साथ रोजगार, परिवहन और अन्य कारोबारी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

वर्ष 2020 में शुरू हुई थी कवायद
खड्डा में एथेनाल प्लांट लगाने की कवायद फरवरी 2020 में शुरू हुई थी। तत्कालीन एडीएम विंध्ययवासिनी राय की अध्यक्षता में आईपीएल के उच्चाधिकारी विशाल सोनक, प्रदूषण बोर्ड के वैज्ञानिक राममिलन वर्मा, पर्यावरण सलाहकार मनोज गर्ग व किसानों के साथ बैठक में एथेनाल प्लांट लगाने का निर्णय हुआ था।

तब 60 किलोलीटर एथेनाल व ढाई मेगावॉट बिजली बनाने की योजना थी। वर्ष 2023 में खड्डा की जनसभा में सीएम ने इसकी चर्चा की थी। बाद में अन्न से भी एथेनाल बनाने की योजना बनी लेकिन इसे रोक दिया गया था। अब 100 किलोलीटर क्षमता के एथेनाल प्लांट की तैयारी है।

एक लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले एथेनाल संयंत्र के लिए सभी कागजी और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी हैं। मिल परिसर में ही जमीन आरक्षित की गई है। पर्याप्त गन्ना नहीं मिल पा रहा है। इसी वजह से परियोजना पर कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा है: एनपी सिंह, प्रधान प्रबंधक, आईपीएल चीनी मिल खड्डा
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