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कपड़े के थैलों ने ली पॉलिथीन की जगह
कुशीनगर (ब्यूरो)
Updated Mon, 30 Jul 2018 12:07 AM IST
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कपड़े के थैलों ने ली पॉलिथीन की जगह
- फोटो : अमर उजाला
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पडरौना। पॉलिथीन पर लगी पाबंदी और सख्ती के बाद अब बाजारों में दुकानदार और ग्राहक जागरूक हो रहे हैं। पॉलिथीन की जगह किसी दूसरे विकल्प की तलाश में जुटे व्यापारियों ने कपड़े के बने झोलों और कागज के बनी थैलियों का प्रयोग शुरू कर दिया है। इससे बाजार में कपड़े के झोले की मांग काफी बढ़ गई है।
वहीं, किराना व्यापारी भी रद्दी कागज के थैले में सामान दे रहे हैं। कपड़े के झोले की बिक्री में तेजी आ गई है। दुकानदारों के अनुसार झोले के रेट में प्रति किलोग्राम करीब 25 से 30 रुपये की बढ़ोत्तरी होने से इसकी फुटकर बिक्री का भी रेट बढ़ गया है। वहीं कागज के बढ़ते उपयोग के चलते रद्दी पेपर का भाव भी बढ़ गया है। रद्दी कागज का दाम 22 से 24 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। ग्राहक राजेश वर्मा का कहना है कि जब कोई बड़ा निर्णय लिया जाता है, तो स्वाभाविक है कि दिक्कत होगी, लेकिन अब सब ठीक है। कागज के बने थैले में भी आसानी से सामान ले जाया जा सकता है। लोग अपनी गाड़ी की डिकी में ही रहने लगा है।
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वहीं, किराना व्यापारी भी रद्दी कागज के थैले में सामान दे रहे हैं। कपड़े के झोले की बिक्री में तेजी आ गई है। दुकानदारों के अनुसार झोले के रेट में प्रति किलोग्राम करीब 25 से 30 रुपये की बढ़ोत्तरी होने से इसकी फुटकर बिक्री का भी रेट बढ़ गया है। वहीं कागज के बढ़ते उपयोग के चलते रद्दी पेपर का भाव भी बढ़ गया है। रद्दी कागज का दाम 22 से 24 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। ग्राहक राजेश वर्मा का कहना है कि जब कोई बड़ा निर्णय लिया जाता है, तो स्वाभाविक है कि दिक्कत होगी, लेकिन अब सब ठीक है। कागज के बने थैले में भी आसानी से सामान ले जाया जा सकता है। लोग अपनी गाड़ी की डिकी में ही रहने लगा है।
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