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यहां हर घर में जन्म लेंगे कान्हा, लाला के स्वागत के लिए सज गई कृष्णनगरी

Wed, 24 Aug 2016 10:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, मथुरा
अमर उजाला ब्यूरो, मथुरा Updated Wed, 24 Aug 2016 10:46 PM IST
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krishnanagri mathura ready to welcome 'lala'
- फोटो : amar ujala
श्रीकृष्ण जन्मस्थान के साथ ही आज रात्रि में ब्रज के हर घर में कान्हा जन्म लेंगे। श्रीकृष्ण जन्मस्थान और प्राचीन द्वारिकाधीश मंदिर ने कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारियों को मूर्तरूप दे दिया गया है। दोनों मंदिरों में बिजली की झालरों से की गई सजावट अलग छठा बिखेर रही है। 
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पूरी कृष्णनगरी अपने लाला भगवान कृष्ण के स्वागत के लिए आतुर है। प्रभु के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी हैं। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर जन्मोत्सव से पहले होने वाले आयोजन आज 25 अगस्त को सुबह मंगला आरती के बाद शुरू हो जाएंगे।
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इस बार दर्शन रात्रि दो बजे तक
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर इस बार श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दर्शन का समय आधे घंटे बढ़ा दिया गया है। यह निर्णय श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों और अन्य कार्यों में लगे लोगों के लिए लिया गया है। 
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जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि हर बार रात्रि 1.30 बजे तक दर्शन खुले रहते थे लेकिन इस बार समय रात्रि दो बजे तक किया गया है। आम दर्शन के दौरान अपने कार्य में व्यस्त लोग भी अब प्रभु के प्राकट्य के दर्शन कर सकेंगे।

कान्हा के जन्मोत्सव के लिए 11 हजार किलोग्राम प्रसाद

krishnanagri mathura ready to welcome 'lala'
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर कान्हा के जन्मोत्सव के लिए इस बार 11000 किग्रा से अधिक प्रसाद तैयार कराया जा रहा है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि कुशल कारीगर दिनरात जुटकर इस प्रसाद को तैयार कर रहे हैं।

तत्काल चिकित्सा सुविधा
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी होने पर एंबुलेंस की व्यवस्था की गई है। सदस्य गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि इसके अलावा पंडित रामनारायन शर्मा चिकित्सालय में भक्तों के लिए नि:शुल्क आयुर्वेदिक और आकस्मिक चिकित्सा उपलब्ध रहेगी।

पंचमेवा से लगेगा कान्हा को भोग
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए घर-घर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। जन्म के बाद कान्हा को पंचमेवा का भोग लगाया जाएगा। इसके लिए घरों में तैयारी शुरू हो गई है। खरबूजे की मिगी, अरबी का पाग, मूंगफली, नारियल का पाग और पंजीरी का भोग कान्हा के प्राकट्य होने पर लगाया जाएगा। इसके अलावा केला, अमरूद, सेब आदि फल भी अर्पित किए जाएंगे।

घर-घर में खीरे से होगा प्राकट्य
जन्माष्टमी पर ब्रज में खीरे की बिक्री बढ़ चुकी है। परंपरा है कि खीरे को बीच में काटकर उसमें लड्डू गोपाल के स्वरूप को बैठा दिया जाता है। मध्यरात्रि जन्माभिषेक पर उस खीरे से स्वरुप का निकालकर कान्हा का प्राकट्य किया जाता है। इसके बाद आरती होती है। भगवान को भोग लगाकर समापन किया जाता है।

जन्मस्थान पर आज यह आयोजन

krishnanagri mathura ready to welcome 'lala'
mathura - फोटो : amar ujala
(श्री केशवदेव मंदिर, श्रीराधाकृष्ण मंदिर भागवत भवन)

सुबह 5:30 बजे - मंगला आरती
सुबह 6:30 बजे - ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक
सुबह 8:30 बजे - ठाकुरजी को बाल भोग अर्पण
सुबह 9:00 बजे - लीलामंच पर महंत नृत्यगोपाल दास और कार्ष्णि गुरु शरणानंद द्वारा पुष्पांजलि
सुबह 11:40 बजे - राजभोग आरती
शाम 4:00 बजे - लीलामंच पर भजन संध्या
शाम 5:00 बजे - फल भोग
शाम 6:30 बजे - श्री केशवदेव और श्रीराधाकृष्ण को पोशाक धारण कराई जाएगी
शाम 7:40 बजे - आरती
रात्रि 8:00 बजे - श्री केशवदेव और श्रीराधा-कृष्ण को भोग अर्पण
रात्रि 11:00 बजे - श्रीगणेश, नवग्रह आदि पूजन के साथ

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संकल्प दिलाया जाएगा

रात्रि 11:58 बजे - 1008 कमल पुष्पों से ठाकुरजी का सहस्त्रार्चन
मध्यरात्रि 12 बजे - भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य के दिव्य दर्शन, कमल पुष्प में विराजमान होंगे प्रभु
रात्रि 12.10 बजे - कमल पुष्प में विराजमान चल विग्रह महाभिषेक चौकी पर होंगे विराजमान
रात्रि 12:40 बजे - भगवान की शृंगार आरती, इसके बाद पीतांबर धारण कर पुष्पाम्बुज में विराजमान होंगे ठाकुरजी, भागवत भवन में ही
‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संकल्प दोबारा दिलाया जाएगा
रात्रि 2:00 बजे तक श्रीकेशवदेव मंदिर, गर्भगृह और भागवत भवन में श्रीराधा-कृष्ण के दर्शन होंगे

द्वारिकाधीश मंदिर पर आज आयोजन

सुबह 6:00 से 6:15 बजे तक- मंगला आरती
सुबह 6:30 बजे - पंचामृत स्नान के दर्शन
सुबह 9:00 बजे - शृंगार और ग्वाल राजभोग के दर्शन
शाम 7:30 बजे - उत्थापन के दर्शन (भोग संध्या आरती और शयन के दर्शन)
रात्रि 10:00 बजे - जागरण के दर्शन
रात्रि 11:45 बजे - जन्म के दर्शन
 
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