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Kaushambi News: नवरात्र में पुरुषों को शराब छोड़ने का संकल्प दिला रहीं महिलाएं
Thu, 26 Mar 2026 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 26 Mar 2026 12:54 AM IST
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प्रीति कौशल
नवरात्र के पावन अवसर पर महिला सशक्तिकरण संगठन की महिलाओं ने समाज में एक सराहनीय पहल शुरू की है। संगठन से जुड़ी महिलाएं गांव-गांव जाकर पुरुषों को शराब छोड़ने का संकल्प दिला रही हैं। उनका कहना है कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार की खुशियों और आर्थिक स्थिति को भी प्रभावित करता है।
महिलाओं की इस मुहिम से कई पुरुष प्रेरित होकर शराब छोड़ने का संकल्प ले रहे हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी है।
नवरात्र के अवसर पर शुरू हुई मुहिम के तहत महिला सशक्तिकरण संगठन की सदस्य घर-घर पहुंचकर परिवारों से संवाद कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि शराब की लत के कारण कई परिवारों में कलह, आर्थिक संकट और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित होती है। ऐसे में यदि पुरुष इस आदत को छोड़ दें तो परिवारों में खुशहाली और शांति दोनों लौट सकती है।
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समाज में शराब की वजह से महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार घरों में विवाद और तनाव की स्थिति बन जाती है। इसी पीड़ा को देखते हुए मन में यह विचार आया कि महिलाओं को आगे आकर लोगों को जागरूक करना चाहिए। -प्रीति कौशल, संगठन की जिला अध्यक्ष
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जब महिलाएं समाज की भलाई के लिए एकजुट होकर पहल करती हैं तो उसका असर जरूर दिखाई देता है। कई जगह पुरुषों ने महिलाओं की अपील को गंभीरता से लिया और सार्वजनिक रूप से शराब छोड़ने का संकल्प लिया, जो समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है। -विनीता अग्रहरि, जिला कार्यकारी अध्यक्ष
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शराब की लत के कारण परिवारों की आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो जाती है और बच्चों का भविष्य प्रभावित होता है। यदि पुरुष इस आदत को छोड़ दें तो परिवार में खुशहाली आएगी और समाज में भी अच्छा माहौल बनेगा। -विनीता केसरवानी, जिला कार्यकारी अध्यक्ष
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महिलाओं की इस मुहिम से कई पुरुष प्रेरित होकर शराब छोड़ने का संकल्प ले रहे हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी है।
नवरात्र के अवसर पर शुरू हुई मुहिम के तहत महिला सशक्तिकरण संगठन की सदस्य घर-घर पहुंचकर परिवारों से संवाद कर रही हैं। महिलाओं का कहना है कि शराब की लत के कारण कई परिवारों में कलह, आर्थिक संकट और बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित होती है। ऐसे में यदि पुरुष इस आदत को छोड़ दें तो परिवारों में खुशहाली और शांति दोनों लौट सकती है।
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समाज में शराब की वजह से महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार घरों में विवाद और तनाव की स्थिति बन जाती है। इसी पीड़ा को देखते हुए मन में यह विचार आया कि महिलाओं को आगे आकर लोगों को जागरूक करना चाहिए। -प्रीति कौशल, संगठन की जिला अध्यक्ष
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जब महिलाएं समाज की भलाई के लिए एकजुट होकर पहल करती हैं तो उसका असर जरूर दिखाई देता है। कई जगह पुरुषों ने महिलाओं की अपील को गंभीरता से लिया और सार्वजनिक रूप से शराब छोड़ने का संकल्प लिया, जो समाज के लिए एक सकारात्मक संकेत है। -विनीता अग्रहरि, जिला कार्यकारी अध्यक्ष
शराब की लत के कारण परिवारों की आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो जाती है और बच्चों का भविष्य प्रभावित होता है। यदि पुरुष इस आदत को छोड़ दें तो परिवार में खुशहाली आएगी और समाज में भी अच्छा माहौल बनेगा। -विनीता केसरवानी, जिला कार्यकारी अध्यक्ष

प्रीति कौशल

प्रीति कौशल

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