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Kaushambi News: हाइटेंशन लाइन की चपेट में आकर महिला की मौत
Wed, 04 Feb 2026 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Wed, 04 Feb 2026 11:12 PM IST
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किरन देवी की फाइल फोटो
सरायअकिल के इमलीगांव में बुधवार सुबह खेत में टूटकर गिरे हाइटेंशन लाइन की चपेट में आकर महिला की मौत हो गई। जानकारी होने पर ग्रामीणों ने विद्युत उपकेंद्र फोन कर बिजली आपूर्ति कटवाकर महिला को तार से अलग हटाया और सूचना पुलिस को दी। सूचना पर आई पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मामले में मृतका के पति ने बिजली विभाग के एसडीओ और जेई के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है।इमलीगांव निवासी कुलदीप कोटार्य मजदूर हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह सात बजे उनकी पत्नी किरन देवी (30) घर से कुछ दूरी पर खेतों में हरा धनिया तोड़ने जा रही थी।
रास्ते में वीरेंद्र प्रसाद मिश्र के नलकूप के समीप मेड़ पर बिजली का पुराना और जर्जर 11 हजार हाइटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरा पड़ा था। पत्नी किरन तार को देख नहीं पाई और उसने पैर तार के ऊपर रख दिया और मौके पर ही मौत हो गई। उधर से गुजर रहे ग्रामीणों ने हादसा देख शोर मचाया तो मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। गांव के लोगों ने विद्युत उपकेंद्र म्योहर (बेनीराम कटरा) फोन कर घटना की जानकारी दी और बिजली आपूर्ति बंद कराई।
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किरन की मौत होने से उसकी दो मासूम बेटियां आकृति (5 वर्ष ) और अपेक्षा (1.5 वर्ष ) के सिर से ममता का साया उठ गया और पति का भी रो रोकर बुरा हाल है। मामले में सीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, फिलहाल परिवार की ओर से कोई तहरीर अभी नहीं मिली है। आगे जो भी विधिक कार्रवाई होगी वह की जायेगी।
गांव में जर्जर हाइटेंशन तार से पहले भी हो चुकी है युवक की मौत
नेवादा। जर्जर हाइटेंशन लाइन के तार टूटकर गिरने से जुलाई 2017 में भी गांव के नेत्रहीन कामता प्रसाद (30)की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक मृतक कामता प्रसाद खेतों की ओर जा रहे थे, वहां पहले से तार टूटकर गिरा था जिसकी चपेट में आकर उनकी मौत हुई थी। साथ ही तार में उतरे करंट के लगने से आधा दर्जन कुत्ते भी मरे थे।
एल्यूमिनियम की जगह लोहे के जीआई तार पर दौड़ रहा 11 हजार वोल्ट का करंट
सरायअकिल। इमलीगांव में जिस जगह पर हादसा हुआ है, वहां बिजली विभाग की तरफ से खंभों पर एल्यूमिनियम तार की जगह लोहे के जीआई तार से 11 हजार की लाइन आपूर्ति की जा रही है। जीआई तार भी इतना जर्जर और पुराना है कि एक पोल से दूसरे पोल के बीच करीब 50 जगहों पर तार जोड़ा गया है। गांव के श्यामधर द्विवेदी ने बताया कि 1986 में गांव में विद्युतीकरण हुआ है। उसके बाद से आज तक जर्जर तारों को बदला नहीं गया। जबकि गांव के लोग बिजली विभाग से कई बार लिखित और मौखिक शिकायत कर चुके हैं।
गांव में जर्जर हो चुकी है हाइटेंशन लाइन, बिजली विभाग को पता ही नहीं
सरायअकिल। इमलीगांव के अमित शुक्ल, नरनारायण मिश्र, रमेश चंद्र, गगन मिश्रा आदि ने बताया कि गांव में लगे हाइटेंशन तार काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं। आए दिन तार टूटकर गिरते रहते हैं। ढीले तारों के आपस में टकराने से चिंगारी उठती है। वहीं, मामले में चायल डिवीजन के अधिशासी अभियंता रामहरि ने कहा कि तार के जर्जर और पुराने होने की उन्हें जानकारी नहीं है।
उन्होंने बताया कि कोई शिकायत भी नहीं मिली। अब हादसे में महिला की मौत होने की जानकारी के बाद उनका कहना है कि पुराने तारों को बदलने के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा जायेगा। स्वीकृति मिलने के बाद तार को बदल दिया जायेगा।
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मामले में मृतका के पति ने बिजली विभाग के एसडीओ और जेई के खिलाफ लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है।इमलीगांव निवासी कुलदीप कोटार्य मजदूर हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह सात बजे उनकी पत्नी किरन देवी (30) घर से कुछ दूरी पर खेतों में हरा धनिया तोड़ने जा रही थी।
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रास्ते में वीरेंद्र प्रसाद मिश्र के नलकूप के समीप मेड़ पर बिजली का पुराना और जर्जर 11 हजार हाइटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरा पड़ा था। पत्नी किरन तार को देख नहीं पाई और उसने पैर तार के ऊपर रख दिया और मौके पर ही मौत हो गई। उधर से गुजर रहे ग्रामीणों ने हादसा देख शोर मचाया तो मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। गांव के लोगों ने विद्युत उपकेंद्र म्योहर (बेनीराम कटरा) फोन कर घटना की जानकारी दी और बिजली आपूर्ति बंद कराई।
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किरन की मौत होने से उसकी दो मासूम बेटियां आकृति (5 वर्ष ) और अपेक्षा (1.5 वर्ष ) के सिर से ममता का साया उठ गया और पति का भी रो रोकर बुरा हाल है। मामले में सीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, फिलहाल परिवार की ओर से कोई तहरीर अभी नहीं मिली है। आगे जो भी विधिक कार्रवाई होगी वह की जायेगी।
गांव में जर्जर हाइटेंशन तार से पहले भी हो चुकी है युवक की मौत
नेवादा। जर्जर हाइटेंशन लाइन के तार टूटकर गिरने से जुलाई 2017 में भी गांव के नेत्रहीन कामता प्रसाद (30)की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के मुताबिक मृतक कामता प्रसाद खेतों की ओर जा रहे थे, वहां पहले से तार टूटकर गिरा था जिसकी चपेट में आकर उनकी मौत हुई थी। साथ ही तार में उतरे करंट के लगने से आधा दर्जन कुत्ते भी मरे थे।
एल्यूमिनियम की जगह लोहे के जीआई तार पर दौड़ रहा 11 हजार वोल्ट का करंट
सरायअकिल। इमलीगांव में जिस जगह पर हादसा हुआ है, वहां बिजली विभाग की तरफ से खंभों पर एल्यूमिनियम तार की जगह लोहे के जीआई तार से 11 हजार की लाइन आपूर्ति की जा रही है। जीआई तार भी इतना जर्जर और पुराना है कि एक पोल से दूसरे पोल के बीच करीब 50 जगहों पर तार जोड़ा गया है। गांव के श्यामधर द्विवेदी ने बताया कि 1986 में गांव में विद्युतीकरण हुआ है। उसके बाद से आज तक जर्जर तारों को बदला नहीं गया। जबकि गांव के लोग बिजली विभाग से कई बार लिखित और मौखिक शिकायत कर चुके हैं।
गांव में जर्जर हो चुकी है हाइटेंशन लाइन, बिजली विभाग को पता ही नहीं
सरायअकिल। इमलीगांव के अमित शुक्ल, नरनारायण मिश्र, रमेश चंद्र, गगन मिश्रा आदि ने बताया कि गांव में लगे हाइटेंशन तार काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं। आए दिन तार टूटकर गिरते रहते हैं। ढीले तारों के आपस में टकराने से चिंगारी उठती है। वहीं, मामले में चायल डिवीजन के अधिशासी अभियंता रामहरि ने कहा कि तार के जर्जर और पुराने होने की उन्हें जानकारी नहीं है।
उन्होंने बताया कि कोई शिकायत भी नहीं मिली। अब हादसे में महिला की मौत होने की जानकारी के बाद उनका कहना है कि पुराने तारों को बदलने के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजा जायेगा। स्वीकृति मिलने के बाद तार को बदल दिया जायेगा।

किरन देवी की फाइल फोटो