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नपं में तैयार फसल पर किसका होगा हक
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Fri, 16 Jan 2015 12:27 AM IST
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सिराथू। नगर पंचायत सिराथू ने भू-माफिया को बेदखल करके 32 बीघा अपनी जमीन पर हक हासिल कर लिया है। पर, इस सरकारी जमीन पर आलू की फसल लहलहा रही है। पककर तैयार करीब 15 लाख रुपये की इस आलू की फसल पर अब हक किसका होगा। इसे लेकर कस्बे में चर्चाओं का बाजार गरम है। लोगों में उत्सुकता है कि नगर पंचायत आलू की फसल खुदाई की छूट कब्जेदारों को देगा अथवा नहीं। मामले में ईओ का कहना है कि विधिक राय लेकर ही इस पर कोई फैसला होगा।
बता दें कि नगर पंचायत सिराथू की 32 बीघा जमीन पर भू-माफिया का बरसों से कब्जा था। वे बाकायदा जमीन के मालिक बनकर इसमें खेती करा रहे थे। इस समय भी इस 32 बीघा जमीन पर आलू की फसल बोई गई है। फसल पककर तैयार है। इधर, फसल की खुदाई होती। इससे पहले ही 20 साल से जमीन को कब्जे में लेने को मुकदमा लड़ रही नगर पंचायत के पक्ष में चकबंदी कोर्ट का फैसला आ गया। इसके बाद इस जमीन से कब्जेदारों को बेदखल करके राजस्व विभाग ने भू-अभिलेख में पूरी भूमि नगर पंचायत के बंजर के रूप में दर्ज कर दी है। इस तरह से इस जमीन पर अब नगर पंचायत सिराथू का कब्जा हो गया है।
इधर, कब्जेदारों के इस जमीन से बेदखल होने के बाद अब कस्बे में इस बात की चर्चा है कि इसमें तैयार करीब 15 लाख रुपये की आलू पर किसका हक होगा। लोग कयास लगाने लगे हैं कि नगर पंचायत तैयार फसल की खुदाई की छूट कब्जेदारों को देगी। अथवा प्रशासन की मदद से तैयार फसल को नीलाम कराया जाएगा। मामले में नगर पंचायत सिराथू के अधिशासी अधिकारी (ईओ) लालचंद्र मौर्या का कहना है कि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। इस मामले में विधिक राय के साथ ही पंचायत के चुने गए प्रतिनिधियों से भी मशविरा किया जाएगा। विधिक राय लेने के बाद ही इस पर कोई निर्णय होगा।
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बता दें कि नगर पंचायत सिराथू की 32 बीघा जमीन पर भू-माफिया का बरसों से कब्जा था। वे बाकायदा जमीन के मालिक बनकर इसमें खेती करा रहे थे। इस समय भी इस 32 बीघा जमीन पर आलू की फसल बोई गई है। फसल पककर तैयार है। इधर, फसल की खुदाई होती। इससे पहले ही 20 साल से जमीन को कब्जे में लेने को मुकदमा लड़ रही नगर पंचायत के पक्ष में चकबंदी कोर्ट का फैसला आ गया। इसके बाद इस जमीन से कब्जेदारों को बेदखल करके राजस्व विभाग ने भू-अभिलेख में पूरी भूमि नगर पंचायत के बंजर के रूप में दर्ज कर दी है। इस तरह से इस जमीन पर अब नगर पंचायत सिराथू का कब्जा हो गया है।
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इधर, कब्जेदारों के इस जमीन से बेदखल होने के बाद अब कस्बे में इस बात की चर्चा है कि इसमें तैयार करीब 15 लाख रुपये की आलू पर किसका हक होगा। लोग कयास लगाने लगे हैं कि नगर पंचायत तैयार फसल की खुदाई की छूट कब्जेदारों को देगी। अथवा प्रशासन की मदद से तैयार फसल को नीलाम कराया जाएगा। मामले में नगर पंचायत सिराथू के अधिशासी अधिकारी (ईओ) लालचंद्र मौर्या का कहना है कि अभी इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। इस मामले में विधिक राय के साथ ही पंचायत के चुने गए प्रतिनिधियों से भी मशविरा किया जाएगा। विधिक राय लेने के बाद ही इस पर कोई निर्णय होगा।
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