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घटिया मध्यान्ह भोजन दिए जाने पर भड़के अभिभावक
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sun, 09 Aug 2015 01:43 AM IST
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चायल (कौशाम्बी)। नौनिहालों को गुणवत्ताविहीन मध्यान्ह भोजन दिए जाने से खफा चरवाडीह गांव के लोगों का गुस्सा शनिवार को फूट पड़ा। नाराज अभिभावकों ने अध्यापकों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए स्कूल परिसर में धरना देकर विरोध दर्ज कराया। इससे शिक्षकों के होश उड़े हैं। मामले में बीएसए ने जांच कराकर कार्रवाई करने की बात कही है।
बता दें कि प्रदेश सरकार परिसदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सेहत को लेकर काफी गंभीर है। अ भी हाल ही में सरकार ने एमडीएम के मीनू में दूध शामिल करने के साथ ही अन्य आहारों में भी फेरबदल किया है। शासन की ओर से बच्चों को मीनू के मुताबिक गुणवत्तापरक भोजन उपलब्ध कराने के साफ निर्देश हैं। इसके बाद भी जिले के अध्यापक एमडीएम में धांधली करने से बाज नहीं आ रहे हैं। चायल ब्लाक के चरवाडीह गांव निवासी छोटू, महेन्द्र कुमार, कैलाश, संवारे, राजकुमार, संगीता देवी, अनुराग, प्रेमकुमार आदि का कहना है कि उनके बच्चे गांव स्थित प्राइमरी और जूनियर स्कूल में पढ़ते हैं।
आरोप है कि नौनिहालों को महीने भर से मध्यान्ह भोजन नहीं दिया जा रहा था। विरोध करने पर तीन दिनों से बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना शुरु किया गया है। अभिभावकों की मानें तो दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता जरा भी ठीक नहीं रहती है। इसमें कीड़े भी निकलते हैं। बताया कि एक से दो बार कोई बच्चा भोजन की मांग करता है तो शिक्षक उसकी पिटाई कर देते हैं। इससे खफा अभिभावकों ने शनिवार को स्कूल परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों के काफी मान मनौव्वल के बाद उनका गुस्सा शांत हुआ। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि एमडीएम की गुुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो वह बेमियादी धरना-प्रदर्शन करेंगे। मामले में बीएसए अशोक कुमार का कहना है कि जांच कराई जाएगी। आरोपों की पुष्टि हुई तो दोषी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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बता दें कि प्रदेश सरकार परिसदीय स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सेहत को लेकर काफी गंभीर है। अ भी हाल ही में सरकार ने एमडीएम के मीनू में दूध शामिल करने के साथ ही अन्य आहारों में भी फेरबदल किया है। शासन की ओर से बच्चों को मीनू के मुताबिक गुणवत्तापरक भोजन उपलब्ध कराने के साफ निर्देश हैं। इसके बाद भी जिले के अध्यापक एमडीएम में धांधली करने से बाज नहीं आ रहे हैं। चायल ब्लाक के चरवाडीह गांव निवासी छोटू, महेन्द्र कुमार, कैलाश, संवारे, राजकुमार, संगीता देवी, अनुराग, प्रेमकुमार आदि का कहना है कि उनके बच्चे गांव स्थित प्राइमरी और जूनियर स्कूल में पढ़ते हैं।
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आरोप है कि नौनिहालों को महीने भर से मध्यान्ह भोजन नहीं दिया जा रहा था। विरोध करने पर तीन दिनों से बच्चों को भोजन उपलब्ध कराना शुरु किया गया है। अभिभावकों की मानें तो दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता जरा भी ठीक नहीं रहती है। इसमें कीड़े भी निकलते हैं। बताया कि एक से दो बार कोई बच्चा भोजन की मांग करता है तो शिक्षक उसकी पिटाई कर देते हैं। इससे खफा अभिभावकों ने शनिवार को स्कूल परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों के काफी मान मनौव्वल के बाद उनका गुस्सा शांत हुआ। अभिभावकों ने चेतावनी दी है कि एमडीएम की गुुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ तो वह बेमियादी धरना-प्रदर्शन करेंगे। मामले में बीएसए अशोक कुमार का कहना है कि जांच कराई जाएगी। आरोपों की पुष्टि हुई तो दोषी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
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