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आखिर जेब से कब तक एमडीएम बनवाएंगे गुरुजी?
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Mon, 05 Oct 2015 01:44 AM IST
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मंझनपुर (ब्यूरो)। दोआबा के परिषदीय स्कूलों में मध्यान्ह भोजन बनवाने के लिए दो महीने से बजट नहीं भेजा गया है। कनवर्जन कास्ट नहीं मिलने से शिक्षक परेशान हैं। उन्हें अपनी जेब से एमडीएम बनवाना पड़ रहा है। शिक्षकों ने बजट नहीं मुहैया कराने पर भोजन बनवाना बंद करने की चेतावनी भी बेसिक शिक्षा अधिकारी को दी है। मामले में बीएसए ने जल्द ही सभी स्कूलों में कनवर्जन मनी उपलब्ध करवाने की बात कही है।
कौशाम्बी जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अगस्त महीने से एमडीएम की कनवर्जन मनी नहीं भेजी गई है। बजट नहीं आने के कारण शिक्षकों को अपनी जेब से एमडीएम के खर्च का भुगतान करना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था से शिक्षक परेशान हैं। उनमें गुस्सा भी है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रवक्ता हाजी मोहम्मद इकबाल का कहना है कि दो महीने से अध्यापक अपने पैसों से अथवा दुकानों से उधार सामान लेकर किसी तरह काम चला रहे हैं। अब दुकानदारों ने भी तकादा शुरू कर दिया है।
वहीं अध्यापक अपनी जेब से मध्यान्ह भोजन बनवाने की स्थिति में नहीं हैं। कई बार इसकी शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी और बीएसए से की गई। इसके बाद भी स्कूलों को कनवर्जन कास्ट उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। शिक्षक नेता ने बताया कि अधिकारियों ने पहलकर हफ्तेभर के भीजर खाते में कनवर्जन मनी नहीं भिजवाई तो अध्यापक भोजन बनवाना बंद करने को मजबूर होंगे। मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार यादव का कहना है कि बजट की समस्या है। उनकी ओर से पूरा प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही सभी स्कूलों के खाश्तों में एमडीएम का बजट भिजवा दिया जाए।
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कौशाम्बी जिले के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अगस्त महीने से एमडीएम की कनवर्जन मनी नहीं भेजी गई है। बजट नहीं आने के कारण शिक्षकों को अपनी जेब से एमडीएम के खर्च का भुगतान करना पड़ रहा है। इस अव्यवस्था से शिक्षक परेशान हैं। उनमें गुस्सा भी है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रवक्ता हाजी मोहम्मद इकबाल का कहना है कि दो महीने से अध्यापक अपने पैसों से अथवा दुकानों से उधार सामान लेकर किसी तरह काम चला रहे हैं। अब दुकानदारों ने भी तकादा शुरू कर दिया है।
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वहीं अध्यापक अपनी जेब से मध्यान्ह भोजन बनवाने की स्थिति में नहीं हैं। कई बार इसकी शिकायत खंड शिक्षा अधिकारी और बीएसए से की गई। इसके बाद भी स्कूलों को कनवर्जन कास्ट उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। शिक्षक नेता ने बताया कि अधिकारियों ने पहलकर हफ्तेभर के भीजर खाते में कनवर्जन मनी नहीं भिजवाई तो अध्यापक भोजन बनवाना बंद करने को मजबूर होंगे। मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार यादव का कहना है कि बजट की समस्या है। उनकी ओर से पूरा प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही सभी स्कूलों के खाश्तों में एमडीएम का बजट भिजवा दिया जाए।
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