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उफान पर यमुना, गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, कई का संपर्क कटा
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water level increases in yamuna river
- फोटो : KAUSHAMBI
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बारा/कनैली/पश्चिमशरीरा। दोआबा में यमुना नदी उफान पर है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण बाढ़ का पानी तराई क्षेत्र के गांवों में घुसने लगा है। इसके चलते कई गांवों का संपर्क टूट गया है। आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था कराई गई है। शनिवार की रात आठ बजे तक यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान करीब पहुंच गया। बाढ़ का पानी गांव में घुसने के कारण तराई के वाशिंदों की चिंता बढ़ गई है।
चार अगस्त को राजस्थान के धौलपुर बांध से करीब 18 लाख क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया था। यह पानी चंबल नदी के रास्ते औरैया होते हुए कौशाम्बी आ रहा है। इसके चलते तीन दिन से लगातार यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। शनिवार को जिले में यमुना उफान पर आ गई। बाढ़ का पानी नालों के रास्ते सदर तहसील के पभोसा, गढ़वा, बड़हरी तथा डेढ़ावल एवं चायल तहसील के मल्हीपुर, कटैया आदि गांवों में घुसने लगा है। इस कारण तराई क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया है। इन क्षेत्रों में आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हुई तो एक-दो दिन के भीतर बाढ़ का पानी बस्तियों तक पहुंच जाएगा। सिंचाई विभाग के एक्सईएन जगदीश लाल ने बताया कि रात आठ बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 93.98 मीटर दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान से महज पौने मीटर कम है। यमुना में बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए डीएम सुजीत कुमार ने पहले से ही अलर्ट जारी कर रखा है।
आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी पल-पल की गतिविधियों पर निगाह रख रहे हैं। तराई क्षेत्र की सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। कटैया एवं मल्हीपुर संपर्क मार्ग जलस्तर बढ़ने से बाधित दोनों गांव को जोड़ने वाले पुल को पानी ने अपने आगोश में ले लिया। इस वजह से मल्हीपुर कटैया चक पहनना भखंदा इत्यादि गांवों के ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तिल्हापुर चौकी अंतर्गत मल्हीपुर एवं कनैली चौकी के दोनों गांवों में बाढ़ की वजह से आवागमन बाधित है।
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एसडीएम पभोषा, बड़हरी और डेढ़ावल में लिया बाढ़ का जायजा
मंझनपुर। यमुना के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्घि को देखते हुए एसडीएम सदर राजेश श्रीवास्तव ने शनिवार शाम पभोषा, बड़हरी और डेढ़ावल गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। इन गांवों में नालों के रास्ते यमुना का पानी पहुंचने से मुख्य मार्ग डूब गए हैं। आवागमन के लिए उन्होंने फिलहाल छोटी नाव की व्यवस्था करा दी। एसडीएम ने बताया कि रविवार को कुछ और नावों का इंतजाम कर दिया जाएगा। ताकि, ग्रामीणों को आवागमन में कोई दिक्कत नहीं हो। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें संभावित खतरे को देखते हुए विस्थापित केंद्रों पर चलने के लिए कहा। हालांकि, अभी कोई ग्रामीण घर छोड़ने को राजी नहीं हुआ।
विस्थापित केंद्र और बाढ़ चौकियों में सन्नाटा
मंझनपुर। प्रशासन की ओर से गढ़वा गांव में एक विस्थापित केंद्र बनाया गया है। शनिवार तक वहां पर कोई व्यवस्था नहीं दिखी। कोई कर्मचारी भी नहीं मौजूद रहा। इसी तरह कोसम इनाम के आमा कुआं में पीडब्ल्यूडी के डाक बंगले में बाढ़ चौकी स्थापित की गई है। यहां पर यमुना के जलस्तर की निगरानी के लिए प्रशासन की ओर से एक टीम गठित की गई है। लेकिन इस चौकी में कोई भी कर्मचारी या अधिकारी मौजूद नहीं मिला। ऐसे में तेजी से जलस्तर बढ़ने से लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अभी तक बाढ़ से
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चार अगस्त को राजस्थान के धौलपुर बांध से करीब 18 लाख क्यूसेक पानी यमुना में छोड़ा गया था। यह पानी चंबल नदी के रास्ते औरैया होते हुए कौशाम्बी आ रहा है। इसके चलते तीन दिन से लगातार यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। शनिवार को जिले में यमुना उफान पर आ गई। बाढ़ का पानी नालों के रास्ते सदर तहसील के पभोसा, गढ़वा, बड़हरी तथा डेढ़ावल एवं चायल तहसील के मल्हीपुर, कटैया आदि गांवों में घुसने लगा है। इस कारण तराई क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों का संपर्क टूट गया है। इन क्षेत्रों में आवागमन के लिए प्रशासन की ओर से नाव की व्यवस्था कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हुई तो एक-दो दिन के भीतर बाढ़ का पानी बस्तियों तक पहुंच जाएगा। सिंचाई विभाग के एक्सईएन जगदीश लाल ने बताया कि रात आठ बजे नैनी में यमुना का जलस्तर 93.98 मीटर दर्ज किया गया। जो खतरे के निशान से महज पौने मीटर कम है। यमुना में बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए डीएम सुजीत कुमार ने पहले से ही अलर्ट जारी कर रखा है।
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आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी पल-पल की गतिविधियों पर निगाह रख रहे हैं। तराई क्षेत्र की सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। कटैया एवं मल्हीपुर संपर्क मार्ग जलस्तर बढ़ने से बाधित दोनों गांव को जोड़ने वाले पुल को पानी ने अपने आगोश में ले लिया। इस वजह से मल्हीपुर कटैया चक पहनना भखंदा इत्यादि गांवों के ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तिल्हापुर चौकी अंतर्गत मल्हीपुर एवं कनैली चौकी के दोनों गांवों में बाढ़ की वजह से आवागमन बाधित है।
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एसडीएम पभोषा, बड़हरी और डेढ़ावल में लिया बाढ़ का जायजा
मंझनपुर। यमुना के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्घि को देखते हुए एसडीएम सदर राजेश श्रीवास्तव ने शनिवार शाम पभोषा, बड़हरी और डेढ़ावल गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। इन गांवों में नालों के रास्ते यमुना का पानी पहुंचने से मुख्य मार्ग डूब गए हैं। आवागमन के लिए उन्होंने फिलहाल छोटी नाव की व्यवस्था करा दी। एसडीएम ने बताया कि रविवार को कुछ और नावों का इंतजाम कर दिया जाएगा। ताकि, ग्रामीणों को आवागमन में कोई दिक्कत नहीं हो। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें संभावित खतरे को देखते हुए विस्थापित केंद्रों पर चलने के लिए कहा। हालांकि, अभी कोई ग्रामीण घर छोड़ने को राजी नहीं हुआ।
विस्थापित केंद्र और बाढ़ चौकियों में सन्नाटा
मंझनपुर। प्रशासन की ओर से गढ़वा गांव में एक विस्थापित केंद्र बनाया गया है। शनिवार तक वहां पर कोई व्यवस्था नहीं दिखी। कोई कर्मचारी भी नहीं मौजूद रहा। इसी तरह कोसम इनाम के आमा कुआं में पीडब्ल्यूडी के डाक बंगले में बाढ़ चौकी स्थापित की गई है। यहां पर यमुना के जलस्तर की निगरानी के लिए प्रशासन की ओर से एक टीम गठित की गई है। लेकिन इस चौकी में कोई भी कर्मचारी या अधिकारी मौजूद नहीं मिला। ऐसे में तेजी से जलस्तर बढ़ने से लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से अभी तक बाढ़ से

water level increases in yamuna river- फोटो : KAUSHAMBI