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हैंडपंप सूखे, निजी नलकूपों से बुझ रही प्यास
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 10 May 2016 01:00 AM IST
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क्षेत्र के बारा गांव में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। गांव में लगे 40 हैंडपंपों में 33 हैंडपंप दो साल से ध्वस्त पड़े है। ऐसे में गांव के लोग निजी नलकूपों से पानी लाकर पीने को मजबूर है। गर्मी आते ही हैंडपंपों के खराब होने से जलापूर्ति बाधित है। लोगों का कहना है कि शिकायत के बाद भी खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक नहीं कराया जा रहा है।
कौशाम्बी ब्लॉक के बारा और नरेंद्र बारा गांव में पेयजल के लिए 40 हैंडपंप लगाए गए थे। गांव के सुंदर लाल, भगवत, रामशिरोमणि, बुधराम, श्रीकांत अलोक कुमार आदि का कहना है कि 33 हैंडपंप बीते दो साल से खराब पड़े हैं। ऐसे मेें गांव के सैकड़ाें परिवार के लोगों को निजी नलकूप से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार खराब हैंडपंपों को दुरुस्त कराने के लिए खंड विकास अधिकारी और जल निगम के अफसराें से शिकायत की गई।
इसके बाद भी हैंडपंपों को ठीक कराए जाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। गर्मी के चरम पर पहुंचते ही गांव-गांव पानी की समस्या गहराने लगी है। हैंडपंपों के दगा देने से लोगों को पेयजल के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। मामले में ग्राम प्रधान रामखेलावन यादव ने बताया कि हैंडपंपों के रिबोर के लिए कई बार अफसरों को पत्र भेजा जा चुका है। इसके अलावा जिन हैंडपंपों में थोड़ी कमी थी उसे ठीक करा दिया गया है। गांव वालों का कहना है कि यदि समय रहते खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक नहीं कराया गया तो वह सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। अफसरों की अनदेखी से ग्रामीणों में आक्रोश है।
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कौशाम्बी ब्लॉक के बारा और नरेंद्र बारा गांव में पेयजल के लिए 40 हैंडपंप लगाए गए थे। गांव के सुंदर लाल, भगवत, रामशिरोमणि, बुधराम, श्रीकांत अलोक कुमार आदि का कहना है कि 33 हैंडपंप बीते दो साल से खराब पड़े हैं। ऐसे मेें गांव के सैकड़ाें परिवार के लोगों को निजी नलकूप से पानी लाकर प्यास बुझानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार खराब हैंडपंपों को दुरुस्त कराने के लिए खंड विकास अधिकारी और जल निगम के अफसराें से शिकायत की गई।
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इसके बाद भी हैंडपंपों को ठीक कराए जाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। गर्मी के चरम पर पहुंचते ही गांव-गांव पानी की समस्या गहराने लगी है। हैंडपंपों के दगा देने से लोगों को पेयजल के लिए इधर उधर भटकना पड़ रहा है। मामले में ग्राम प्रधान रामखेलावन यादव ने बताया कि हैंडपंपों के रिबोर के लिए कई बार अफसरों को पत्र भेजा जा चुका है। इसके अलावा जिन हैंडपंपों में थोड़ी कमी थी उसे ठीक करा दिया गया है। गांव वालों का कहना है कि यदि समय रहते खराब पड़े हैंडपंपों को ठीक नहीं कराया गया तो वह सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे। अफसरों की अनदेखी से ग्रामीणों में आक्रोश है।
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