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लेखपाल के पक्ष में उतरे वारी के ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Wed, 18 Feb 2015 11:41 PM IST
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सिराथू। अपात्रों को आवास आवंटन में फंसे लोहिया गांव अफजलपुरवारी गांव के लेखपाल ने खुद को निलंबित होने से बचाने को ग्रामीणों को बैशाखी बनाई है। इन गांववालों ने बुधवार को सिराथू तहसील आकर लेखपाल के पक्ष में प्रदर्शन किया। निलंबन के आदेश को विपक्षियों की साजिश करार देते हुए प्रदर्शन किया। चेताया कि बगैर उच्चस्तरीय जांच के लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई किए जाने पर वे कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करेंगे। एसडीएम ने ग्रामीणों के प्रदर्शन को लेखपाल की चालबाजी बताया है। कहा कि ऐसे प्रदर्शन से जांच और कार्रवाई प्रभावित नहीं होगी।
सिराथू तहसील के लोहिया गांव अफजलपुरवारी में अपात्रों को आवास आवंटन की शिकायत प्रमुख सचिव से की गई थी। शासन के निर्देश पर सोमवार को एडीएम रामसूरत पांडेय मामले की जांच करने गांव गए थे। इस दौरान 26 अपात्रों का आवास का आवंटन हुआ मिला था। इन आवासों का आवंटन निरस्त करने के साथ ही एडीएम ने लेखपाल को निलंबित करने का निर्देश एसडीएम को दिया था।
वहीं आवास आवंटन में हुई धांधली मामले में प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की भी जांच कराई जा रही है। इधर, एडीएम द्वारा निलंबन का फरमान जारी होते ही लेखपाल प्रमोद सिंह ने खुद को बचाने के लिए गांववालों का सहारा लिया है। बुधवार को लेखपाल के पक्ष में दर्जनों ग्रामीणों ने तहसील दिवस में पहुंचकर प्रदर्शन किया। लेखपाल पर लगाए गए आरोपों विपक्षियों की साजिश करार दी।
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करीब घंटेभर तक प्रदर्शन करने के बाद ग्रामीणों ने एसडीएम को मांगपत्र देकर लेखपाल का निलंबन रोकने की मांग की। चेताया कि सुनवाई नहीं होने पर वे कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करेंगे। उधर, एसडीएम जवाहरलाल ने बताया कि तहसील दिवस में अफजलपुर वारी के ग्रामीणों का प्रर्दशन लेखपाल के इशारे पर हुआ है। दावा किया कि ऐसे किसी भी प्रर्दशन से जांच और कार्रवाई प्रभावित नहीं होगी।
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सिराथू तहसील के लोहिया गांव अफजलपुरवारी में अपात्रों को आवास आवंटन की शिकायत प्रमुख सचिव से की गई थी। शासन के निर्देश पर सोमवार को एडीएम रामसूरत पांडेय मामले की जांच करने गांव गए थे। इस दौरान 26 अपात्रों का आवास का आवंटन हुआ मिला था। इन आवासों का आवंटन निरस्त करने के साथ ही एडीएम ने लेखपाल को निलंबित करने का निर्देश एसडीएम को दिया था।
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वहीं आवास आवंटन में हुई धांधली मामले में प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी की भी जांच कराई जा रही है। इधर, एडीएम द्वारा निलंबन का फरमान जारी होते ही लेखपाल प्रमोद सिंह ने खुद को बचाने के लिए गांववालों का सहारा लिया है। बुधवार को लेखपाल के पक्ष में दर्जनों ग्रामीणों ने तहसील दिवस में पहुंचकर प्रदर्शन किया। लेखपाल पर लगाए गए आरोपों विपक्षियों की साजिश करार दी।
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करीब घंटेभर तक प्रदर्शन करने के बाद ग्रामीणों ने एसडीएम को मांगपत्र देकर लेखपाल का निलंबन रोकने की मांग की। चेताया कि सुनवाई नहीं होने पर वे कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन करेंगे। उधर, एसडीएम जवाहरलाल ने बताया कि तहसील दिवस में अफजलपुर वारी के ग्रामीणों का प्रर्दशन लेखपाल के इशारे पर हुआ है। दावा किया कि ऐसे किसी भी प्रर्दशन से जांच और कार्रवाई प्रभावित नहीं होगी।