UPSRTC : रोडवेज की 20 बसों में लगा जीपीएस, इंस्टॉलेशन होना बाकी, लोकेशन पर रहेगी अफसरों की नजर
मंझनपुर डिपो में 20 बसें हैं। इनसे रोजाना करीब ढाई हजार मुसाफिर सफर करते हैं। अभी तक रूटों पर संचालन के दौरान बसों की निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं है। स्टेशन से निकलने के बाद चालकों का जब और जहां मन होता है बस रोक देते हैं।
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परिवहन निगम ने मंझनपुर डिपो की 20 बसों में जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगवा दी हैं। अब इनका इंस्टॉलेशन होना बाकी है। एक सप्ताह में यह काम भी परिवहन निगम पूरा कर लेगा। इसके बाद रूटों पर जाने के बाद भी बसें अफसरों की नजर में होंगी। इससे चालकों की मनमानी पर अंकुश लगेगा। यात्रियों को भी सहूलियत होगी।
मंझनपुर डिपो में 20 बसें हैं। इनसे रोजाना करीब ढाई हजार मुसाफिर सफर करते हैं। अभी तक रूटों पर संचालन के दौरान बसों की निगरानी की कोई व्यवस्था नहीं है। स्टेशन से निकलने के बाद चालकों का जब और जहां मन होता है बस रोक देते हैं।
कई बार सवारियों के चक्कर में बसों का संचालन भी मनमाने तरीके से करते हैं। इन्हीं सब पर अंकुश लगाने के लिए परिवहन निगम ने डिपो की सभी बसों में जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगवाई है। इस डिवाइस से अधिकारी अपने दफ्तर में ही बैठकर बसों की लोकेशन आसानी से देख सकेंगे। इस निगरानी के कारण चालक-परिचालक मनमानी नहीं कर पाएंगे। बस के कहीं पर दुर्घटना का शिकार होने पर अधिकारियों व राहत टीम को वहां तक पहुंचने में आसानी होगी।
इसके अलावा बसों में पैनिक बटन भी लगवाया जाएगा। इससे किसी तरह के संकट में यात्री या चालक-परिचालक इस बटन का प्रयोग कर सकेंगे। इस बटन को दबाते ही नजदीकी पुलिस थाने में सूचना पहुंच जाएगी। जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस का इंस्टॉलेशन होना बाकी है। अफसरों का कहना है कि एक सप्ताह के अंदर यह काम भी पूरा हो जाएगा। इसके बाद यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी।
मंझनपुर डिपो की रोडवेज बसों में जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस सिस्टम लगा दिए गए हैं। इन्हें इंस्टॉल करने की प्रक्रिया चल रही है। एक सप्ताह के अंदर यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। बसों की संचालन व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करने में यह जीपीएस डिवाइस सिस्टम काफी कारगर साबित होंगे। - सीबी राम, एआरएम, लीडर रोड डिपो