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दो साल में ही गड्ढे में तब्दील हुई सड़क
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sat, 09 May 2015 01:33 AM IST
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चरवा (ब्यूरो)। मनौरी से चरवा होते हुए भरवारी के लिए बनाई गई सड़क दो साल में ही क्षतिग्रस्त हो गई है। वर्ष 2012 में बनी इस सड़क में गड्ढे ही गड्ढे हैं। इससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत झेलनी पड़ रही है। आए दिन लोग गिरकर दुर्घटना का शिकार होते रहते हैं। आरोप है कि सांसद के साथ अधिकारियों से भी शिकायत की गई। इसके बाद भी सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा रही है।
मनौरी से भरवारी 22 किलोमीटर लंबी सड़क वर्ष 2012 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाई गई थी। चरवा के रहने वाले रामचंद्र प्रजापति, अनूप केसरवानी, अशोक कुमार पांडेय, राम नारायण, सत्यप्रकाश आदि ने बताया कि बनने के साल भर बाद ही सड़क उखड़ने लगी थी। निर्माण के समय अफसरों की अनदेखी और ठेकेदार की मनमानी का आलम यह रहा कि आज यह सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। जबकि इस सड़क से मनौरी, दानियालपुर, सैयद सरावां, जूड़ापुर, बबुरा, पहाड़पुर, चंदईतारा, समस्तपुर, काजू, बेरुआ, परसरा समेत करीब दो दर्जन से अधिक गांव के लोगों का रोजाना आना-जाना है।
सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अक्सर दोपहिया वाहन सवार तो गड्ढों के कारण गिरकर घायल होते रहते हैं। बारिश के मौसम में तो इस रास्ते से चलना खतरे से खाली नहीं है। गांववालों ने बताया कि करीब महीने भर पहले सांसद से शिकायत की गई थी। इससे पहले डीएम और लोक निर्माण विभाग के अफसरों को भी प्रार्थनापत्र दिया गया, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा सकी है।
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मनौरी से भरवारी 22 किलोमीटर लंबी सड़क वर्ष 2012 में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बनाई गई थी। चरवा के रहने वाले रामचंद्र प्रजापति, अनूप केसरवानी, अशोक कुमार पांडेय, राम नारायण, सत्यप्रकाश आदि ने बताया कि बनने के साल भर बाद ही सड़क उखड़ने लगी थी। निर्माण के समय अफसरों की अनदेखी और ठेकेदार की मनमानी का आलम यह रहा कि आज यह सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। जबकि इस सड़क से मनौरी, दानियालपुर, सैयद सरावां, जूड़ापुर, बबुरा, पहाड़पुर, चंदईतारा, समस्तपुर, काजू, बेरुआ, परसरा समेत करीब दो दर्जन से अधिक गांव के लोगों का रोजाना आना-जाना है।
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सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोगों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अक्सर दोपहिया वाहन सवार तो गड्ढों के कारण गिरकर घायल होते रहते हैं। बारिश के मौसम में तो इस रास्ते से चलना खतरे से खाली नहीं है। गांववालों ने बताया कि करीब महीने भर पहले सांसद से शिकायत की गई थी। इससे पहले डीएम और लोक निर्माण विभाग के अफसरों को भी प्रार्थनापत्र दिया गया, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई जा सकी है।
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