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महेवाघाट में यमुना में डूब गए दो नाबालिग लड़के
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Two minor boys drowned in Yamuna in Mahevaghat
- फोटो : KAUSHAMBI
महेवाघाट में यमुना में डूब गए दो नाबालिग लड़के
खोजने के लिए नदी में डलवाया गया जाल, गोताखोर भी बुलाए गए
रायपुर यमुना घाट पर हुआ हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
पश्चिमशरीरा (कौशाम्बी)। रायपुर घाट पर सोमवार सुबह नहाते वक्त दो चरवाहे यमुना नदी में समा गए। इसकी जानकारी होते ही परिजनों के होश उड़ गए। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने चरवाहों को खोजने के लिए नदी में जाल डलवा दिया है। गोताखोर भी लगाए गए हैं। फिलहाल सुराग नहीं लग सका है।
महेवाघाट कोतवाली क्षेत्र के रानीपुर गांव निवासी सूरज (17) पुत्र दुखी केसरवानी व नीरज (9) पुत्र गोवर्धन रैदास सोमवार सुबह मवेशी चराने यमुना नदी के रायपुर घाट की ओर गए थे। वहां दोनों नदी में स्नान करने लगे। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने के कारण वे गहरे पानी में समा गए। यह देख आसपास के अन्य चरवाहे शोर मचाने लगे। खबर मिलते ही परिवारों के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना पाकर फोर्स सहित पहुंचे सीओ सिटी एसएन पाठक ने नदी में जाल डलवाया। गोताखोर भी नदी में गए। पुलिस की ओर से चरवाहों को खोजने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उधर अनहोनी की आशंका से पीड़ित परिवार के सदस्य फूट-फूटकर रो रहे हैं। इन्हें ढाढ़स बंधाने में रिश्तेदारों तथा ग्रामीणों की आंखें भी भर जा रही हैं। वहीं सीओ सिटी सच्चिदानंद पाठक का कहना है कि चरवाहों की तलाश कराई जा रही है। नदी में जाल डलवा दिया गया है। गोताखोर भी लगाए गए हैं।
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नीरज को बचाने के चक्कर में डूब गया सूरज
पश्चिमशरीरा। यमुना नदी के रायपुर घाट पर नीरज को बचाने के चक्कर में सूरज भी डूब गया। दोनों को जिन साथियों ने पानी में समाता देखा है, उनकी आंखों के सामने अब भी वही दृश्य मंडरा रहा है। सभी चश्मदीद जैसे बुत बन गए हों। परिवार वालों की आंखों के आंसू तो थामे नहीं थम रहे हैं।
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रानीपुर गांव के करीब छह लड़के सोमवार सुबह मवेशियों को चराने गए थे। गर्मी लगने पर सभी नहाने की खातिर रायपुर घाट पहुंच गए। वहां नीरज और सूरज काफी देर तक नहाते रहे। जबकि अन्य साथी पहले ही नहाकर बाहर निकल आए। साथ रहे चरवाहों ने बताया कि नहाते वक्त नीरज अचानक पानी में समाने लगा। यह देख सूरज ने अपनी लाठी फेंककर उसे बचाने का प्रयास किया। नीरज ने लाठी पकड़ ली। इसी दौरान झटके से सूरज भी गहरे पानी में समा गया। दोनों लड़कों को पानी में डूबता देख उनके साथी होश खो बैठे। घंटे भर बाद तक उनके मुंह से आवाज नहीं निकल रही थी। कोई कुछ पूछता था तो वे काफी देर बाद जवाब दे पाते थे। आधी बात इशारे में ही करते थे। उधर हादसे के बाद पीड़ित परिवार के सदस्यों की हालत किसी से भी देखी नहीं जा रही है। परिवार के लोग सिर्फ और सिर्फ आंसू बहा रहे हैं और ईश्वर से अपने लाडलों की सलामती की दुआ मांग रहे हैं।
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और बेसुध हो गईं नाबालिग बच्चों की माताएं
पश्चिमशरीरा। यमुना नदी में समाए सूरज के पिता दुखी केसरवानी गांव में ही परचून की छोटी सी दुकान चलाते हैं। सूरज की सबसे बड़ी बहन रीना की शादी हो चुकी है। उससे छोटा पंकज फिर सूरज था। सूरज से छोटा बउवा है। सूरज की माता सुकरी देवी घटना के बाद से बेसुध है। अन्य भाई-बहनों की भी रो-रोकर हालत खराब है। ऐसे ही नीरज की मां रूपा व भाई आशीष और धीरज के भी आंसू थामे नहीं थम रहे हैं। नीरज का पिता मजदूरी करता है।
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खोजने के लिए नदी में डलवाया गया जाल, गोताखोर भी बुलाए गए
रायपुर यमुना घाट पर हुआ हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
पश्चिमशरीरा (कौशाम्बी)। रायपुर घाट पर सोमवार सुबह नहाते वक्त दो चरवाहे यमुना नदी में समा गए। इसकी जानकारी होते ही परिजनों के होश उड़ गए। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने चरवाहों को खोजने के लिए नदी में जाल डलवा दिया है। गोताखोर भी लगाए गए हैं। फिलहाल सुराग नहीं लग सका है।
महेवाघाट कोतवाली क्षेत्र के रानीपुर गांव निवासी सूरज (17) पुत्र दुखी केसरवानी व नीरज (9) पुत्र गोवर्धन रैदास सोमवार सुबह मवेशी चराने यमुना नदी के रायपुर घाट की ओर गए थे। वहां दोनों नदी में स्नान करने लगे। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने के कारण वे गहरे पानी में समा गए। यह देख आसपास के अन्य चरवाहे शोर मचाने लगे। खबर मिलते ही परिवारों के लोग मौके पर पहुंचे। सूचना पाकर फोर्स सहित पहुंचे सीओ सिटी एसएन पाठक ने नदी में जाल डलवाया। गोताखोर भी नदी में गए। पुलिस की ओर से चरवाहों को खोजने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है। उधर अनहोनी की आशंका से पीड़ित परिवार के सदस्य फूट-फूटकर रो रहे हैं। इन्हें ढाढ़स बंधाने में रिश्तेदारों तथा ग्रामीणों की आंखें भी भर जा रही हैं। वहीं सीओ सिटी सच्चिदानंद पाठक का कहना है कि चरवाहों की तलाश कराई जा रही है। नदी में जाल डलवा दिया गया है। गोताखोर भी लगाए गए हैं।
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नीरज को बचाने के चक्कर में डूब गया सूरज
पश्चिमशरीरा। यमुना नदी के रायपुर घाट पर नीरज को बचाने के चक्कर में सूरज भी डूब गया। दोनों को जिन साथियों ने पानी में समाता देखा है, उनकी आंखों के सामने अब भी वही दृश्य मंडरा रहा है। सभी चश्मदीद जैसे बुत बन गए हों। परिवार वालों की आंखों के आंसू तो थामे नहीं थम रहे हैं।
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रानीपुर गांव के करीब छह लड़के सोमवार सुबह मवेशियों को चराने गए थे। गर्मी लगने पर सभी नहाने की खातिर रायपुर घाट पहुंच गए। वहां नीरज और सूरज काफी देर तक नहाते रहे। जबकि अन्य साथी पहले ही नहाकर बाहर निकल आए। साथ रहे चरवाहों ने बताया कि नहाते वक्त नीरज अचानक पानी में समाने लगा। यह देख सूरज ने अपनी लाठी फेंककर उसे बचाने का प्रयास किया। नीरज ने लाठी पकड़ ली। इसी दौरान झटके से सूरज भी गहरे पानी में समा गया। दोनों लड़कों को पानी में डूबता देख उनके साथी होश खो बैठे। घंटे भर बाद तक उनके मुंह से आवाज नहीं निकल रही थी। कोई कुछ पूछता था तो वे काफी देर बाद जवाब दे पाते थे। आधी बात इशारे में ही करते थे। उधर हादसे के बाद पीड़ित परिवार के सदस्यों की हालत किसी से भी देखी नहीं जा रही है। परिवार के लोग सिर्फ और सिर्फ आंसू बहा रहे हैं और ईश्वर से अपने लाडलों की सलामती की दुआ मांग रहे हैं।
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और बेसुध हो गईं नाबालिग बच्चों की माताएं
पश्चिमशरीरा। यमुना नदी में समाए सूरज के पिता दुखी केसरवानी गांव में ही परचून की छोटी सी दुकान चलाते हैं। सूरज की सबसे बड़ी बहन रीना की शादी हो चुकी है। उससे छोटा पंकज फिर सूरज था। सूरज से छोटा बउवा है। सूरज की माता सुकरी देवी घटना के बाद से बेसुध है। अन्य भाई-बहनों की भी रो-रोकर हालत खराब है। ऐसे ही नीरज की मां रूपा व भाई आशीष और धीरज के भी आंसू थामे नहीं थम रहे हैं। नीरज का पिता मजदूरी करता है।