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Kaushambi News: बच्चे की मौत पर झोलाछाप सगे भाई गिरफ्तार, भेजे गए जेल
Mon, 26 May 2025 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Mon, 26 May 2025 12:54 AM IST
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मनौरी रोड स्थित अनमोल अस्पताल में पैर से रॉड निकालते वक्त पांच वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में झोलाछाप दो सगे भाइयों को पुलिस ने रविवार सुबह गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
सिरियावां कलां निवासी रामआसरे ने बताया कि उनका बेटा दिव्यांशु छह माह पहले सड़क हादसे में जख्मी हो गया था। दाहिने पैर में फ्रैक्चर होने पर प्रयागराज के मुंडेरा स्थित निजी अस्पताल में ऑपरेशन कर पैर में रॉड डाली गई थी। लेकिन कुछ दिनों बाद उसे चलने-फिरने में समस्या होने लगी।
बच्चे को लेकर रामआसरे 16 मार्च 2025 को अनमोल अस्पताल पहुंचे। वहां मौजूद विकास कुमार व उसके भाई विशेष कुमार ने खुद को चिकित्सक बताते हुए रॉड निकलवाने की सलाह दी तो वह तैयार हो गए। आरोप है कि ऑपरेशन कर रॉड निकालने के दौरान बच्चे की मौत हो गई।
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लापरवाही का आरोप लगाते हुए रामआसरे ने दोनों भाइयों की सीएमओ और पुलिस से लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी, जिस पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। चरवा थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार राम ने बताया कि रविवार सुबह काजू गांव स्थित पानी टंकी तिराहा के समीप से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में पता चला कि उनके पास कोई चिकित्सक की डिग्री नहीं है, पर खुद को चिकित्सक बताते हैं। आरोपियों के भाई संजय कुमार के नाम से अस्पताल पंजीकृत है।ऑपरेशन के दौरान बच्चे की हालत बिगड़ी तो उसे रेफर कर दिया था, लेकिन कुछ ही देर में मौत हो गई।
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एजेंट के जरिये अस्पताल पहुंचे थे रामआसरे
रामआसरे ने बताया कि बेटे को चलने में समस्या हुई तो गांव के लोगों से जिक्र करता थे। ऐसे में उनकी मुलाकात एक एजेंट से हुई, जिसके अनमोल अस्पताल में दिखाने की सलाह दी। कहा कि डॉक्टरों से उसकी अच्छी पहचान है, कम खर्च में इलाज भी हो जाएगा।
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दो बार सील किया जा चुका है अस्पताल : सीएमओ
मंझनपुर। सीएमओ डाॅ. संजय कुमार ने बताया कि इलाज में लापरवाही की अक्सर शिकायत मिलने पर जुलाई 2024 में अनमोल अस्पताल की जांच की गई तो पता चला कि बिना डिग्री के झोलाछाप इलाज कर रहे हैं। इस पर अस्पताल सील कर दिया गया था। इसके बाद फिर से संचालक संजय कुमार चोरी-छिपे अस्पताल में इलाज करने लगा। बच्चे की मौत के बाद शिकायत मिलने पर एसडीएम चायल व डिप्टी सीएमओ की मौजूदगी में दोबारा अस्पताल सील किया गया था।
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सिरियावां कलां निवासी रामआसरे ने बताया कि उनका बेटा दिव्यांशु छह माह पहले सड़क हादसे में जख्मी हो गया था। दाहिने पैर में फ्रैक्चर होने पर प्रयागराज के मुंडेरा स्थित निजी अस्पताल में ऑपरेशन कर पैर में रॉड डाली गई थी। लेकिन कुछ दिनों बाद उसे चलने-फिरने में समस्या होने लगी।
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बच्चे को लेकर रामआसरे 16 मार्च 2025 को अनमोल अस्पताल पहुंचे। वहां मौजूद विकास कुमार व उसके भाई विशेष कुमार ने खुद को चिकित्सक बताते हुए रॉड निकलवाने की सलाह दी तो वह तैयार हो गए। आरोप है कि ऑपरेशन कर रॉड निकालने के दौरान बच्चे की मौत हो गई।
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लापरवाही का आरोप लगाते हुए रामआसरे ने दोनों भाइयों की सीएमओ और पुलिस से लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी, जिस पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। चरवा थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार राम ने बताया कि रविवार सुबह काजू गांव स्थित पानी टंकी तिराहा के समीप से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में पता चला कि उनके पास कोई चिकित्सक की डिग्री नहीं है, पर खुद को चिकित्सक बताते हैं। आरोपियों के भाई संजय कुमार के नाम से अस्पताल पंजीकृत है।ऑपरेशन के दौरान बच्चे की हालत बिगड़ी तो उसे रेफर कर दिया था, लेकिन कुछ ही देर में मौत हो गई।
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एजेंट के जरिये अस्पताल पहुंचे थे रामआसरे
रामआसरे ने बताया कि बेटे को चलने में समस्या हुई तो गांव के लोगों से जिक्र करता थे। ऐसे में उनकी मुलाकात एक एजेंट से हुई, जिसके अनमोल अस्पताल में दिखाने की सलाह दी। कहा कि डॉक्टरों से उसकी अच्छी पहचान है, कम खर्च में इलाज भी हो जाएगा।
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दो बार सील किया जा चुका है अस्पताल : सीएमओ
मंझनपुर। सीएमओ डाॅ. संजय कुमार ने बताया कि इलाज में लापरवाही की अक्सर शिकायत मिलने पर जुलाई 2024 में अनमोल अस्पताल की जांच की गई तो पता चला कि बिना डिग्री के झोलाछाप इलाज कर रहे हैं। इस पर अस्पताल सील कर दिया गया था। इसके बाद फिर से संचालक संजय कुमार चोरी-छिपे अस्पताल में इलाज करने लगा। बच्चे की मौत के बाद शिकायत मिलने पर एसडीएम चायल व डिप्टी सीएमओ की मौजूदगी में दोबारा अस्पताल सील किया गया था।