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Kaushambi News: नील गाय को बचाने के चक्कर में गड्ढे में गिरे बाइक सवार दो युवकाें की मौत
Thu, 28 Nov 2024 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
संवाद न्यूज एजेंसी, कौशांबी
Updated Thu, 28 Nov 2024 01:18 AM IST
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मृतक सलमान की फाइल फोटो।
नगर कोतवाली के कोर्रईं स्थित एआरटीओ कार्यालय के समीप मंगलवार रात नील गाय को बचाने के चक्कर में बाइक सवार सड़क किनारे गड्ढे में गिर गए। हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि, दूसरे ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
करारी कोतवाली के पंचभा निवासी नौशाद का 25 वर्षीय बेटा सलमान मंगलवार शाम अपने पड़ोसी दोस्त राशिद (26) पुत्र मो. वसीम के साथ दावत में शरीक होने सिराथू गया था। रात करीब सात बजे दोनों बाइक से घर लौट रहे थे।
रास्ते में मंझनपुर कोतवाली के कोर्रईं स्थित एआरटीओ कार्यालय के समीप सड़क पार कर रही नील गाय को बचाने के चक्कर में तेज रफ्तार बाइक सवार असंतुलित हो गए। अनियंत्रित हुई बाइक सवार सहित सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। हादसे में सलमान की मौके पर ही मौत हो गई।
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राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से दोनों को मेडिकल काॅलेज भेजा। जहां डाक्टरों ने सलमान को देखते ही मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल राशिद को भर्ती कर इलाज शुरू किया। जहां बुधवार दोपहर इलाज के दौरान राशिद ने भी दम तोड़ दिया।
जवान बेटों की मौत से पीड़ित परिवारों की रो-रोकर हालत खराब है। पुलिस ने दोनों युवकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। इंस्पेक्टर संजय तिवारी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि हादसा नील गाय को बचाने के चक्कर में हुआ। घटना की छानबीन की जा रही है।
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हादसे का शिकार दोनों युवक थे अपने-अपने घर के कमाऊ पूत
-- -सात वर्ष बाद पुणे से घर आया था सलमान, राशिद के बड़े भाई की भी साल भर पहले हादसे में जा चुकी है जान
संवाद न्यूज एजेंसी
करारी। एआरटीओ दफ्तर के समीप सड़क हादसे का शिकार दोनों युवक सलमान और राशिद अपने-अपने घर के कमाऊ पूत थे। दोनों पुणे में रहकर एक बेकरी कंपनी में साथ-साथ काम करते थे। घर के कमाने और खर्च चलाने वालों की मौत से दोनों परिवारों के लोगों की रो-रोकर हालत खराब है।
पचंभा निवासी नौशाद की माली हालत कुछ ठीक नहीं है। तीन बेटों व एक बेटी में सबसे बड़ा सलमान रोजी-रोजगार के सिलसिले में सात साल पहले पुणे चला गया था। वहीं रहकर वह एक बेकरी कंपनी में काम कर रहा था।
काम-धंधा सेट होने पर कुछ दिन बाद उसने पड़ोसी वसीम के बेटे राशिद को भी अपने पास बुला लिया था। राशिद भी चार बहनों और तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। साल भर पहले नवंबर को राशिद के बड़े भाई आसिफ की मूरतगंज बाजार में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।
इस हादसे के बाद से दोनों युवक अपने-अपने घर के लिए कमाऊ पूत बन गए थे। सात साल बाद सलमान घर आने को तैयार हुआ तो राशिद भी साथ चला आया। 17 नवंबर को ही दोनों युवक घर आए थे। गहरी दोस्ती होने के कारण घर आने पर भी अधिकांश समय दोनों साथ ही रहते थे।
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करारी कोतवाली के पंचभा निवासी नौशाद का 25 वर्षीय बेटा सलमान मंगलवार शाम अपने पड़ोसी दोस्त राशिद (26) पुत्र मो. वसीम के साथ दावत में शरीक होने सिराथू गया था। रात करीब सात बजे दोनों बाइक से घर लौट रहे थे।
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रास्ते में मंझनपुर कोतवाली के कोर्रईं स्थित एआरटीओ कार्यालय के समीप सड़क पार कर रही नील गाय को बचाने के चक्कर में तेज रफ्तार बाइक सवार असंतुलित हो गए। अनियंत्रित हुई बाइक सवार सहित सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। हादसे में सलमान की मौके पर ही मौत हो गई।
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राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से दोनों को मेडिकल काॅलेज भेजा। जहां डाक्टरों ने सलमान को देखते ही मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल राशिद को भर्ती कर इलाज शुरू किया। जहां बुधवार दोपहर इलाज के दौरान राशिद ने भी दम तोड़ दिया।
जवान बेटों की मौत से पीड़ित परिवारों की रो-रोकर हालत खराब है। पुलिस ने दोनों युवकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। इंस्पेक्टर संजय तिवारी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि हादसा नील गाय को बचाने के चक्कर में हुआ। घटना की छानबीन की जा रही है।
हादसे का शिकार दोनों युवक थे अपने-अपने घर के कमाऊ पूत
संवाद न्यूज एजेंसी
करारी। एआरटीओ दफ्तर के समीप सड़क हादसे का शिकार दोनों युवक सलमान और राशिद अपने-अपने घर के कमाऊ पूत थे। दोनों पुणे में रहकर एक बेकरी कंपनी में साथ-साथ काम करते थे। घर के कमाने और खर्च चलाने वालों की मौत से दोनों परिवारों के लोगों की रो-रोकर हालत खराब है।
पचंभा निवासी नौशाद की माली हालत कुछ ठीक नहीं है। तीन बेटों व एक बेटी में सबसे बड़ा सलमान रोजी-रोजगार के सिलसिले में सात साल पहले पुणे चला गया था। वहीं रहकर वह एक बेकरी कंपनी में काम कर रहा था।
काम-धंधा सेट होने पर कुछ दिन बाद उसने पड़ोसी वसीम के बेटे राशिद को भी अपने पास बुला लिया था। राशिद भी चार बहनों और तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। साल भर पहले नवंबर को राशिद के बड़े भाई आसिफ की मूरतगंज बाजार में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।
इस हादसे के बाद से दोनों युवक अपने-अपने घर के लिए कमाऊ पूत बन गए थे। सात साल बाद सलमान घर आने को तैयार हुआ तो राशिद भी साथ चला आया। 17 नवंबर को ही दोनों युवक घर आए थे। गहरी दोस्ती होने के कारण घर आने पर भी अधिकांश समय दोनों साथ ही रहते थे।

मृतक सलमान की फाइल फोटो।