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डेढ़ लाख के जाली नोट के साथ दो गिरफ्तार
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डेढ़ लाख के जाली नोट के साथ दो गिरफ्तार
बरेली मदरसा कांड के बाद सक्रिय हुई कौशाम्बी की पुलिस को मिली कामयाबी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। बरेली मदरसा कांड के बाद सक्रिय हुई कौशाम्बी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गिरोह के दो ऐसे सदस्यों को गिरफ्तार किया, जो जिले ही नहीं, पड़ोसी जनपदों में भी फेक करेंसी का इस्तेमाल करते थे। पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से 2000 और 500 के तकरीबन डेढ़ लाख रुपये जाली नोट बरामद हुए हैं। हालांकि, जिले के पुलिस अफसर इसे लेकर चुप्पी साधे हुए हैं।
बरेली मदरसा कांड की जांच के दौरान बाहरी फंडिंग की बात सामने आई है। इस बीच पता चला कि जो फंडिंग की जा रही है, वह फेक करेंसी (नकली नोट) थी। इसे लेकर डीजीपी ने प्रदेश भर की पुलिस को अलर्ट कर रखा है। पुलिस विभाग के सूत्रों की मानें तो पिछले कई दिनों से सूचनाएं मिल रही थी कि प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशाम्बी सहित कई जनपदों में नकली नोट खपा रहे थे। यह नोट शराब के ठेके, सट्टेबाजी सहित ऑनलाइन गेमों में खप रहे थे। इसकी जानकारी गोपनीय तरीके से एसपी राधेश्याम विश्वकर्मा को मिली। उन्होंने मामले की जांच एसओजी प्रभारी सिद्धार्थ सिंह व उनकी टीम को सौंप दी। सूत्र बताते हैं कि टीम ने करीब पखवाड़े भर की मशक्कत के बाद प्रतापगढ़ व बरेली के दो युवकों के पास से जाली नोट बरामद की है। कुछ संदिग्धों के नाम प्रकाश में आए है। पुलिस अफसर शनिवार को मामले का खुलासा करेंगे।
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बरेली मदरसा कांड के बाद सक्रिय हुई कौशाम्बी की पुलिस को मिली कामयाबी
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। बरेली मदरसा कांड के बाद सक्रिय हुई कौशाम्बी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने गिरोह के दो ऐसे सदस्यों को गिरफ्तार किया, जो जिले ही नहीं, पड़ोसी जनपदों में भी फेक करेंसी का इस्तेमाल करते थे। पकड़े गए बदमाशों के कब्जे से 2000 और 500 के तकरीबन डेढ़ लाख रुपये जाली नोट बरामद हुए हैं। हालांकि, जिले के पुलिस अफसर इसे लेकर चुप्पी साधे हुए हैं।
बरेली मदरसा कांड की जांच के दौरान बाहरी फंडिंग की बात सामने आई है। इस बीच पता चला कि जो फंडिंग की जा रही है, वह फेक करेंसी (नकली नोट) थी। इसे लेकर डीजीपी ने प्रदेश भर की पुलिस को अलर्ट कर रखा है। पुलिस विभाग के सूत्रों की मानें तो पिछले कई दिनों से सूचनाएं मिल रही थी कि प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशाम्बी सहित कई जनपदों में नकली नोट खपा रहे थे। यह नोट शराब के ठेके, सट्टेबाजी सहित ऑनलाइन गेमों में खप रहे थे। इसकी जानकारी गोपनीय तरीके से एसपी राधेश्याम विश्वकर्मा को मिली। उन्होंने मामले की जांच एसओजी प्रभारी सिद्धार्थ सिंह व उनकी टीम को सौंप दी। सूत्र बताते हैं कि टीम ने करीब पखवाड़े भर की मशक्कत के बाद प्रतापगढ़ व बरेली के दो युवकों के पास से जाली नोट बरामद की है। कुछ संदिग्धों के नाम प्रकाश में आए है। पुलिस अफसर शनिवार को मामले का खुलासा करेंगे।
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